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Hisar News: रेलवे पेंशनरों को अब घर बैठे मिलेगा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र
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हिसार हिसार रेलवे स्टेशन पर नहीं कोई भी में गेट पर सुरक्षा जांच। संवाद
हिसार। उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर मंडल के कार्यक्षेत्र में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल के तहत 15 नवंबर को उत्तर पश्चिम रेलवे के 70 स्थानों पर महाशिविरों का आयोजन किया जाएगा।
इस अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों को घर बैठे डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र (एलसी) जमा करने की सुविधा देना है, ताकि उन्हें बैंक या कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। अभियान की गति बढ़ाने के लिए 15 नवंबर को विशेष महाशिविर लगाए जाएंगे। इनमें बीकानेर मंडल के 22 (चूरू, हिसार व अन्य), अजमेर मंडल के 18 और जयपुर व जोधपुर मंडल के 15-15 स्टेशन शामिल रहेंगे।
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कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी पीके सिंह और प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडे ने चारों मंडलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और डीएलसी जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद पीके सिंह ने ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर आउटरीच प्लान तैयार किया।
बैठक में मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) विनोद कुमार, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी (डब्ल्यू एंड एस) डॉ. विष्णु बजाज, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी (आईटी) निष्ठा पुरी, महामंत्री/एनडब्ल्यूआरईयू मुकेश माथुर, महामंत्री यूपीआरएमएस विनोद मेहता, टीकाराम मीणा, बीएल बैरवा और अमृत लाल मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे ने पेंशनरों से कहा - केवल ऑफिशियल एप का करें उपयोग
डीएलसी के लिए रेलवे ने एक विशेष मोबाइल एप लॉन्च किया है, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए पेंशनभोगी के चेहरे का स्कैन कर जीवन प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा। इससे दूरदराज रहने वाले पेंशनभोगी बैंक जाए बिना घर बैठे प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे और अपनी पेंशन का नियमित भुगतान प्राप्त करेंगे। रेल प्रशासन ने पेंशनरों से अपील की है कि वे ओटीपी किसी से साझा न करें और केवल रेलवे के आधिकारिक एप का ही उपयोग करें।
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इस अभियान का उद्देश्य पेंशनभोगियों को घर बैठे डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र (एलसी) जमा करने की सुविधा देना है, ताकि उन्हें बैंक या कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि यह अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। अभियान की गति बढ़ाने के लिए 15 नवंबर को विशेष महाशिविर लगाए जाएंगे। इनमें बीकानेर मंडल के 22 (चूरू, हिसार व अन्य), अजमेर मंडल के 18 और जयपुर व जोधपुर मंडल के 15-15 स्टेशन शामिल रहेंगे।
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कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी पीके सिंह और प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडे ने चारों मंडलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और डीएलसी जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद पीके सिंह ने ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर आउटरीच प्लान तैयार किया।
बैठक में मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) विनोद कुमार, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी (डब्ल्यू एंड एस) डॉ. विष्णु बजाज, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी (आईटी) निष्ठा पुरी, महामंत्री/एनडब्ल्यूआरईयू मुकेश माथुर, महामंत्री यूपीआरएमएस विनोद मेहता, टीकाराम मीणा, बीएल बैरवा और अमृत लाल मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रेलवे ने पेंशनरों से कहा - केवल ऑफिशियल एप का करें उपयोग
डीएलसी के लिए रेलवे ने एक विशेष मोबाइल एप लॉन्च किया है, जिसमें फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए पेंशनभोगी के चेहरे का स्कैन कर जीवन प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा। इससे दूरदराज रहने वाले पेंशनभोगी बैंक जाए बिना घर बैठे प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे और अपनी पेंशन का नियमित भुगतान प्राप्त करेंगे। रेल प्रशासन ने पेंशनरों से अपील की है कि वे ओटीपी किसी से साझा न करें और केवल रेलवे के आधिकारिक एप का ही उपयोग करें।