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विवाहिता से मारपीट, गर्भ में बच्चे की मौत
सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2013 07:14 PM IST
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गांव सुचान कोटली में एक विवाहिता से ससुरालवालों ने मारपीट की। महिला सात माह की गर्भवती थी। आरोप है कि मारपीट से पेट में ही उसका बच्चा मर गया।
मामला महिला सैल में विचाराधीन है। विवाहिता ने महिला सैल प्रभारी पर भी धमकाने व मारने का आरोप लगाया। वहीं सैल प्रभारी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
गांव सूचान कोटली निवासी राजरानी (20) पत्नी लखविंदर सिंह ने बताया कि उसकी शादी करीब आठ माह पहले हुई थी। उसने बताया कि शादी के बाद से ही ससुरालपक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे तंग करते हैं। उसने बताया कि वह सात माह के गर्भ से है।
एक दिसंबर शाम को उसके पति, सास-ससुर और जेठ-जेठानी ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके पति ने पेट पर लातें मारी, जिसके कारण उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। उसने बताया कि दो दिसंबर को उसने एसएसपी सौरभ सिंह को मामले की शिकायत दी।
एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला महिला सैल को सौंप दिया। राजरानी ने बताया कि बुधवार शाम को उसके पेट में तेज पीड़ा हुई तो परिजन उसे लेकर अस्पताल में लेकर पहुंचे। जब अल्ट्रासाउंड करवाया गया तो उसमें बच्चे की मौत 10 से 12 दिन पहले हुई बताई गई। उसने बताया कि शाम को ही चिकित्सकों ने मृत बच्चे को निकाल दिया।
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राजरानी ने बताया कि एसएसपी सौरभ सिंह ने मामले को महिला सैल को सौंपा तो उन्हें कुछ न्याय की उम्मीद हुई लेकिन महिला सैल से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। विवाहिता ने महिला सैल प्रभारी कौशल्या देवी पर धमकाने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सैल प्रभारी उसकी बातों को झूठा मान रही है।
वहीं इस संबंध में महिला सैल प्रभारी कौशल्या देवी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप सरासर गलत हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को पहले छह दिसंबर को बुलाया गया था और उसके बाद 12 दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया था। दोनों पक्षों में से कोई पक्ष भी महिला सैल कार्यालय में नहीं आया। अब 30 दिसंबर को दोनों पक्षों को बुलाया गया है।
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मामला महिला सैल में विचाराधीन है। विवाहिता ने महिला सैल प्रभारी पर भी धमकाने व मारने का आरोप लगाया। वहीं सैल प्रभारी ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
गांव सूचान कोटली निवासी राजरानी (20) पत्नी लखविंदर सिंह ने बताया कि उसकी शादी करीब आठ माह पहले हुई थी। उसने बताया कि शादी के बाद से ही ससुरालपक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे तंग करते हैं। उसने बताया कि वह सात माह के गर्भ से है।
एक दिसंबर शाम को उसके पति, सास-ससुर और जेठ-जेठानी ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके पति ने पेट पर लातें मारी, जिसके कारण उसके पेट में दर्द शुरू हो गया। उसने बताया कि दो दिसंबर को उसने एसएसपी सौरभ सिंह को मामले की शिकायत दी।
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एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला महिला सैल को सौंप दिया। राजरानी ने बताया कि बुधवार शाम को उसके पेट में तेज पीड़ा हुई तो परिजन उसे लेकर अस्पताल में लेकर पहुंचे। जब अल्ट्रासाउंड करवाया गया तो उसमें बच्चे की मौत 10 से 12 दिन पहले हुई बताई गई। उसने बताया कि शाम को ही चिकित्सकों ने मृत बच्चे को निकाल दिया।
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राजरानी ने बताया कि एसएसपी सौरभ सिंह ने मामले को महिला सैल को सौंपा तो उन्हें कुछ न्याय की उम्मीद हुई लेकिन महिला सैल से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। विवाहिता ने महिला सैल प्रभारी कौशल्या देवी पर धमकाने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सैल प्रभारी उसकी बातों को झूठा मान रही है।
वहीं इस संबंध में महिला सैल प्रभारी कौशल्या देवी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप सरासर गलत हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को पहले छह दिसंबर को बुलाया गया था और उसके बाद 12 दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया था। दोनों पक्षों में से कोई पक्ष भी महिला सैल कार्यालय में नहीं आया। अब 30 दिसंबर को दोनों पक्षों को बुलाया गया है।