फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Poaching of 69 wildlife in six years in six districts of Haryana

बेजुबानों की ली जान: छह साल में अवैध शिकार की भेंट चढ़े 69 वन्य जीव, 59 फीसदी नील गाय

Fri, 20 May 2022 02:16 AM IST
भूपेंद्र सिंह अश्वनी कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
अश्वनी कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 20 May 2022 02:16 AM IST
सार

वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग ने छह जिलों की रिपोर्ट तैयार कर सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया दिल्ली, वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो व सरकार को भेजी है। विभाग ने रात को पेट्रोलिंग बढ़ाई तो वन्य जीवों का शिकार कम हुआ।

विज्ञापन
Poaching of 69 wildlife in six years in six districts of Haryana
हिसार के डियर पार्क में हिरण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छह साल में हरियाणा के हिसार सहित सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी और चरखीदादरी में 69 वन्य जीवों का अवैध शिकार किया गया। इनमें सबसे ज्यादा 59 फीसदी यानि 41 नील गाय शामिल हैं। इसके अलावा 1 गीदड़, 10 खरगोश, 3 भूरा तीतर, 1 काली भूज, 1 बटेर, 1 चिंकारा हिरण, 2 सांप, 4 जंगली सूअर, 1 सांडा, 3 बंदर और 1 जंगली बिल्ली शिकार की भेंट चढ़ी। यदि इन छह जिलों की बात करें तो सबसे ज्यादा भिवानी में 24 वन्य जीवों का शिकार किया गया। वहीं चरखी दादरी और जींद में एक-एक नील गाय का शिकार हुआ।

विज्ञापन


वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग की ओर से रिपोर्ट तैयार कर सेंट्रल जू ऑथोरिटी ऑफ इंडिया दिल्ली, वाइल्ड लाइफ क्राइम ब्यूरो और हरियाणा सरकार को भेजी गई है। वर्ष 2021-22 में सबसे कम वन्य जीवों का शिकार हुआ है। इसका मुख्य कारण विभाग की ओर से पेट्रोलिंग बढ़ाना और लोगों को जागरूक करना रहा। इसके साथ ही मुखबरी नेटवर्क बढ़ाने से भी शिकार कम हुआ है। 2021-22 की बात करें तो सात वन्य जीवों का शिकार हुआ हैं। इनमें सांडा, नील गाय, भूरा तीतर और खरगोश शामिल हैं। 
विज्ञापन


जानिए... किस साल कितने वन्य जीव बने शिकार  
वर्ष             2016-17

  • भिवानी            03
  • सिरसा             01
  • हिसार             02
  • फतेहाबाद       03
  • कुल               09


वर्ष 2017-18

  • भिवानी       01
  • सिरसा        02
  • हिसार         02
  • फतेहाबाद   05
  • कुल           10


वर्ष 2018-19

  • चरखी दादरी    01
  • भिवानी            03
  • सिरसा             02
  • फतेहाबाद        04
  • कुल                10


वर्ष 2019-20

  • भिवानी        01
  • सिरसा        05
  • हिसार        02
  • फतेहाबाद  03
  • कुल          11


वर्ष 2020-21

  • भिवानी             14
  • हिसार              01
  • फतेहाबाद         07
  • कुल                 22


वर्ष 2021-22

  • भिवानी        02
  • हिसार         01
  • फतेहाबाद   03
  • जींद           01
  • कुल           07


शिकार करने पर दो साल की कैद
वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग के डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर वेदप्रकाश का कहना है कि इन वन्य जीवों को शेड्यूल-4 में रखा गया है। शिकार करने पर दो साल की सजा होती है। उन्होंने बताया कि जब भी विभाग की ओर से पेट्रोलिंग की जाती है तो वहां मौजूद लोगों को सतर्क कर दिया जाता है कि वह किसी भी जीव का शिकार न करे। यदि ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

वन्य जीवों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर कैंप लगाए जाते हैं। पेट्रोलिंग बढ़ाने से शिकार पर काफी अंकुश लगा है। यदि वर्ष 2021-22 की बात करे तो सात ही वन्य जीवों का शिकार हुआ है। जबकि इससे पहले संख्या अधिक थी। इस साल अप्रैल के बाद की बात करें तो अभी तक एक भी शिकार का केस सामने नहीं आया है। - वेदप्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed