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Hisar News: लेप्रोस्कोपिक मशीन न होने से नहीं हो पा रहे मरीजों के ऑपरेशन, एसएमओ ने फिर की मांग
Sun, 04 May 2025 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 04 May 2025 01:22 AM IST
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हांसी। नागरिक अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक मशीन के लिए एसएमओ ने फिर से सीएमओ से मांग की है। लेप्रोस्कॉपी की सुविधा न होने के कारण हर्निया, पत्थरी व अन्य कई बीमारियों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। जबकि हिसार में लेप्रोस्कॉपी की एक पुरानी मशीन अतिरिक्त है जो उपयोग में नहीं है।
अगर लेप्रोस्कोपिक मशीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध हो जाए तो इसके जरिए हर्निया, गुर्दे में पत्थरी, पित की थैली में पत्थरी, पेट में कैंसर व अन्य कई तरह की बीमारियों के ऑपरेशन किए जा सकेंगे। अस्पताल में एक महीना पहले सर्जन डॉ. राजीव डाबला ने ज्वाइंनिंग की थी। उनके कार्यभार संभालते ही अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा फिर से शुरू हुई थी। डॉ. राजीव एक महीने में 25 ऑपरेशन व सात नसबंदी कर चुके हैं। इसमें हेपिटाइटिस सी व बी और 10 बड़े ऑपरेशन शामिल हैं। वहीं 15 छोटे ऑपरेशन किए गए हैं।
गंभीर मामलों के लिए लेप्रोस्कोपिक मशीन की आवश्यकता होती है। मशीन न होने के कारण ऐसे मरीजों को हिसार रेफर किया जा रहा है। बता दें कि हिसार के नागरिक अस्पताल में कुछ समय पहले दो नई लेप्रोस्कोपिक मशीन आई थीं। जिसका उपयोग सर्जरी व महिला रोग विभाग में किया जा रहा है। पहले से रखी हुई मशीन वहां पर अतिरिक्त है और उसका कोई उपयोग नहीं है हालांकि मशीन 15 वर्ष पुरानी है। इस मशीन की हांसी के नागरिक अस्पताल के लिए मांग की गई है ताकी इसका यहां पर उपयोग किया जा सके। वहीं शहर के किसी भी निजी अस्पताल में लेप्रोस्कॉपी की सुविधा नहीं है।
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यह होती है लेप्रोस्कॉपी
लेप्रोस्कॉपी मुख्य रूप से पेट के अंदर अंगों को देखने और उनमें बदलाव करने की तकनीक है। इसमें एक पतली ट्यूब (लेप्रोस्कॉप) का इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्यूब में कैमरा और लाइट होती है। कैमरा एक स्क्रीन से जुड़ा होता है। जिसमें देखकर सर्जन सर्जरी करते हैं।
नागरिक अस्पताल के लिए लेप्रोस्कोपिक मशीन की मांग की है। हिसार के जिला अस्पताल में एक पुरानी मशीन अतिरिक्त है। अगर वह मशीन यहां मिल गई तो लेप्रोस्कॉपी के जरिए कई बीमारियों के ऑपरेशन की सुविधा यहां शुरू की जा सकेगी। - डॉ. राजीव डाबला, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
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अगर लेप्रोस्कोपिक मशीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध हो जाए तो इसके जरिए हर्निया, गुर्दे में पत्थरी, पित की थैली में पत्थरी, पेट में कैंसर व अन्य कई तरह की बीमारियों के ऑपरेशन किए जा सकेंगे। अस्पताल में एक महीना पहले सर्जन डॉ. राजीव डाबला ने ज्वाइंनिंग की थी। उनके कार्यभार संभालते ही अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा फिर से शुरू हुई थी। डॉ. राजीव एक महीने में 25 ऑपरेशन व सात नसबंदी कर चुके हैं। इसमें हेपिटाइटिस सी व बी और 10 बड़े ऑपरेशन शामिल हैं। वहीं 15 छोटे ऑपरेशन किए गए हैं।
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गंभीर मामलों के लिए लेप्रोस्कोपिक मशीन की आवश्यकता होती है। मशीन न होने के कारण ऐसे मरीजों को हिसार रेफर किया जा रहा है। बता दें कि हिसार के नागरिक अस्पताल में कुछ समय पहले दो नई लेप्रोस्कोपिक मशीन आई थीं। जिसका उपयोग सर्जरी व महिला रोग विभाग में किया जा रहा है। पहले से रखी हुई मशीन वहां पर अतिरिक्त है और उसका कोई उपयोग नहीं है हालांकि मशीन 15 वर्ष पुरानी है। इस मशीन की हांसी के नागरिक अस्पताल के लिए मांग की गई है ताकी इसका यहां पर उपयोग किया जा सके। वहीं शहर के किसी भी निजी अस्पताल में लेप्रोस्कॉपी की सुविधा नहीं है।
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यह होती है लेप्रोस्कॉपी
लेप्रोस्कॉपी मुख्य रूप से पेट के अंदर अंगों को देखने और उनमें बदलाव करने की तकनीक है। इसमें एक पतली ट्यूब (लेप्रोस्कॉप) का इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्यूब में कैमरा और लाइट होती है। कैमरा एक स्क्रीन से जुड़ा होता है। जिसमें देखकर सर्जन सर्जरी करते हैं।
नागरिक अस्पताल के लिए लेप्रोस्कोपिक मशीन की मांग की है। हिसार के जिला अस्पताल में एक पुरानी मशीन अतिरिक्त है। अगर वह मशीन यहां मिल गई तो लेप्रोस्कॉपी के जरिए कई बीमारियों के ऑपरेशन की सुविधा यहां शुरू की जा सकेगी। - डॉ. राजीव डाबला, एसएमओ, नागरिक अस्पताल