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Hisar News: टीबी के आगे पस्त हो रहे म्हारे धाकड़ युवा, प्रदेश में 67 हजार 837 लोगों में मिले टीबी के प्राथमिक लक्षण, इनमें से 60 प्रतिशत युवा
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हिसार। दुनिया भर में खेलों में धाक जमाने वाले प्रदेश के युवा टीबी के सामने पस्त हो रहे हैं। हरियाणा सरकार की ओर से टीबी मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान मिले आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस अभियान के तहत इस साल सितंबर तक 9.5 लाख लोगों की जांच की गई जिनमें से 67,837 मरीजों में टीबी के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। इनमें से 60 फीसदी 25 से 40 साल की आयु तक के व्यक्ति हैं। 30 प्रतिशत की उम्र 41 से 60 साल के बीच हैं। हालांकि अच्छी बात यह भी है कि टीबी से मौत के आंकड़े पिछले एक दशक की तुलना में 40 फीसदी तक घटे हैं।
निक्षय भारत योजना के अंतर्गत हरियाणा में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने इस साल 13 लाख लोगों की जांच करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 44,291 व्यक्ति टीबी के मरीज हैं। जांच अभियान के बाद प्रदेश की 580 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है और 6,157 निक्षय मित्र बनाए गए हैं। जांच के दौरान मिले डाटा में गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में टीबी के प्राथमिक मरीजों में वृद्धि हुई है। गुरुग्राम में 23% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके पीछे बड़ा कारण धूल, धुआं, प्रदूषण के माहौल में काम करना है। प्रदेश में 15 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें टीबी के साथ शुगर, कैंसर, बीपी और हृदय संबंधी बीमारी भी है।
टीबी से मरने वालों की संख्या
वर्ष मौत
2015 2572
2016- 2550
2017- 2370
2018 - 2460
2019- 2311
2020- 2222
2021- 1802
2022- 2415
2023- 2270
2024- 1650
2025 (30 सितंबर तक) 1440
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किस आयु वर्ग के कितने मरीज
आयु वर्ग टीबी मरीज प्रतिशत में
0 से 24 10
25 से 40 60
41 से 60 30
लापरवाही: नहीं कराते टीबी संबंधी जांच
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार टीबी के 64 फीसदी मरीज बीमारी के लक्षण होने के बाद भी जांच नहीं करवाते। ऐसे लोग टीबी का उपचार भी नहीं कराते हैं। टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। टीबी का बैक्टीरिया हर स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति बहुत जल्दी इस रोग से ग्रसित हो जाते हैं।
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टीबी मुक्ति के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस साल दिसंबर तक यह अभियान चलेगा। अब तक 9.5 लाख लोगों की जांच की चुकी है। इनमें से 67,837 लोगों में टीबी के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। इनकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रदेश के 580 ऐसे गांव हैं जिनमें एक भी टीबी मरीज नहीं है।- कुलदीप सिंह, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा
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टीबी के लक्षण व बचाव के उपाय
टीबी (क्षय रोग) एक जीवाणु जनित बीमारी है जिसके लक्षणों में तीन सप्ताह से अधिक की खांसी, खांसी में खून, सीने में दर्द, शाम को बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना, थकान और कमजोरी शामिल हैं। टीबी से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। टीबी से संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें। घर में कोई रोग है तो पूरी तरह ठीक होने तक उसे अलग कमरे में रखें। उपचार के दौरान डॉक्टर की दी गई खुराक नियमित तौर पर लें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें।
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निक्षय भारत योजना के अंतर्गत हरियाणा में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने इस साल 13 लाख लोगों की जांच करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 44,291 व्यक्ति टीबी के मरीज हैं। जांच अभियान के बाद प्रदेश की 580 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है और 6,157 निक्षय मित्र बनाए गए हैं। जांच के दौरान मिले डाटा में गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में टीबी के प्राथमिक मरीजों में वृद्धि हुई है। गुरुग्राम में 23% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके पीछे बड़ा कारण धूल, धुआं, प्रदूषण के माहौल में काम करना है। प्रदेश में 15 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जिन्हें टीबी के साथ शुगर, कैंसर, बीपी और हृदय संबंधी बीमारी भी है।
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टीबी से मरने वालों की संख्या
वर्ष मौत
2015 2572
2016- 2550
2017- 2370
2018 - 2460
2019- 2311
2020- 2222
2021- 1802
2022- 2415
2023- 2270
2024- 1650
2025 (30 सितंबर तक) 1440
किस आयु वर्ग के कितने मरीज
आयु वर्ग टीबी मरीज प्रतिशत में
0 से 24 10
25 से 40 60
41 से 60 30
लापरवाही: नहीं कराते टीबी संबंधी जांच
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे रिपोर्ट के अनुसार टीबी के 64 फीसदी मरीज बीमारी के लक्षण होने के बाद भी जांच नहीं करवाते। ऐसे लोग टीबी का उपचार भी नहीं कराते हैं। टीबी का एक मरीज 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। टीबी का बैक्टीरिया हर स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर सकता है और कम प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति बहुत जल्दी इस रोग से ग्रसित हो जाते हैं।
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टीबी मुक्ति के लिए प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस साल दिसंबर तक यह अभियान चलेगा। अब तक 9.5 लाख लोगों की जांच की चुकी है। इनमें से 67,837 लोगों में टीबी के प्राथमिक लक्षण मिले हैं। इनकी विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रदेश के 580 ऐसे गांव हैं जिनमें एक भी टीबी मरीज नहीं है।- कुलदीप सिंह, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा
टीबी के लक्षण व बचाव के उपाय
टीबी (क्षय रोग) एक जीवाणु जनित बीमारी है जिसके लक्षणों में तीन सप्ताह से अधिक की खांसी, खांसी में खून, सीने में दर्द, शाम को बुखार, रात में पसीना आना, वजन घटना, थकान और कमजोरी शामिल हैं। टीबी से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह ढकें, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। टीबी से संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें। घर में कोई रोग है तो पूरी तरह ठीक होने तक उसे अलग कमरे में रखें। उपचार के दौरान डॉक्टर की दी गई खुराक नियमित तौर पर लें। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लें।