{"_id":"69975d3857db233a8e096a34","slug":"officials-and-employees-have-time-to-seal-properties-but-not-to-settle-taxes-hisar-news-c-21-hsr1020-814983-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: प्रॉपर्टी सील करने के लिए तो अधिकारियों-कर्मचारियों के पास समय है, टैक्स ठीक करने के लिए नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: प्रॉपर्टी सील करने के लिए तो अधिकारियों-कर्मचारियों के पास समय है, टैक्स ठीक करने के लिए नहीं
Fri, 20 Feb 2026 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 20 Feb 2026 12:28 AM IST
विज्ञापन
हांसी। शहर की सरकार ने लंबित प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए अभियान तेज कर दिया है। करीब 155 बकायदारों को नोटिस भेजे गए हैं, जिसमें लोगों को टैक्स जमा कराने के लिए कहा गया है। इस बीच नगर परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल बंसल ने नगर परिषद के सीलिंग अभियान का विरोध करते हुए सोमवार से विरोध की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लोगों की प्रॉपर्टी सील करने के लिए तो अधिकारियों व कर्मचारियों के पास समय है लेकिन टैक्स ठीक करने के लिए नहीं है।
गत दिनों शांति निकेतन में एक गोदाम का एक लाख रुपये का टैक्स बकाया होने पर इसे सील कर दिया गया था। डीसी तक मामला पहुंचा तो वीरवार को सील हटाई गई। नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि बकाया टैक्स न चुकाने वाले भवनों को सील किया जा रहा है। पिछले एक महीने में 155 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं जबकि पिछले वर्ष से अब तक लगभग 1855 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।
अब तक 2.75 करोड़ रुपये की राशि हो चुकी जमा :
चालू वित्त वर्ष में नगर परिषद ने 3 करोड़ रुपये हाउस टैक्स की रिकवरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। अब तक करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा हो चुकी है। इससे पहले नगर परिषद ने कभी भी अपने लक्ष्य के करीब भी टैक्स वसूली नहीं की थी। नगर परिषद ने 10 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले बकायदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 107 भवनों की पहचान की गई है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स 10 लाख रुपये से अधिक लंबित है।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग पर करीब 80 लाख रुपये बकाया :
नगर परिषद ने शहर के सरकारी कार्यालयों के करोड़ों रुपये के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के निपटान के लिए बुधवार को शिविर आयोजित किया। इसमें चार सरकारी कार्यालयों के अधिकारी पहुंचे। राजकीय आईटीआई संस्थान के शहरी सीमा से बाहर होने के कारण टैक्स नहीं लगा। मार्केट कमेटी के बिल को ठीक किया गया। राजकीय महाविद्यालय और एसडी महिला महाविद्यालय का टैक्स माफ किया गया, जबकि एसडी महिला महाविद्यालय की दुकानों का कॉमर्शियल टैक्स लगाया गया। शहर के लगभग 58 सरकारी कार्यालयों पर कुल 2 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स लंबित है, जिसमें अकेले जनस्वास्थ्य विभाग का करीब 80 लाख रुपये का बकाया शामिल है। डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को इस शिविर को आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
::::::::::::
नगर परिषद ने एक व्यक्ति को 33161 रुपये का टैक्स का बिल भेज दिया। जब मैंने इस बिल को ठीक करवाया तो असली में बिल निकला 1240 रुपये का। इसके अलावा एक अन्य मामले में 44 लाख रुपये का बिल भेजा गया था। जब बिल ठीक करवाया तो वह 5 लाख रुपये का बना। टैक्स ठीक करने के लिए समय नहीं जबकि प्रॉपर्टी सील की जा रही हैं।
-अनिल बंसल, वाइस चेयरमैन, नगर परिषद
::::::::::::::::::
लंबित प्रॉपर्टी टैक्स वालों को अब तक 1855 नोटिस दिए जा चुके हैं। दो नोटिस भेजे जाते हैं। किसी का बिल गलत है तो उसे ठीक भी करवा सकते हैं। सरकारी विभागों की संपत्तियों को सेल्फ सर्टिफाइड किया जा रहा है। साथ ही उन्हें बकाया टैक्स जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है।- अंजल वायू, सचिव, नगर परिषद।
विज्ञापन
गत दिनों शांति निकेतन में एक गोदाम का एक लाख रुपये का टैक्स बकाया होने पर इसे सील कर दिया गया था। डीसी तक मामला पहुंचा तो वीरवार को सील हटाई गई। नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि बकाया टैक्स न चुकाने वाले भवनों को सील किया जा रहा है। पिछले एक महीने में 155 लोगों को नोटिस दिए जा चुके हैं जबकि पिछले वर्ष से अब तक लगभग 1855 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।
विज्ञापन
अब तक 2.75 करोड़ रुपये की राशि हो चुकी जमा :
चालू वित्त वर्ष में नगर परिषद ने 3 करोड़ रुपये हाउस टैक्स की रिकवरी का लक्ष्य निर्धारित किया था। अब तक करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि जमा हो चुकी है। इससे पहले नगर परिषद ने कभी भी अपने लक्ष्य के करीब भी टैक्स वसूली नहीं की थी। नगर परिषद ने 10 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वाले बकायदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 107 भवनों की पहचान की गई है, जिनका प्रॉपर्टी टैक्स 10 लाख रुपये से अधिक लंबित है।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग पर करीब 80 लाख रुपये बकाया :
नगर परिषद ने शहर के सरकारी कार्यालयों के करोड़ों रुपये के बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के निपटान के लिए बुधवार को शिविर आयोजित किया। इसमें चार सरकारी कार्यालयों के अधिकारी पहुंचे। राजकीय आईटीआई संस्थान के शहरी सीमा से बाहर होने के कारण टैक्स नहीं लगा। मार्केट कमेटी के बिल को ठीक किया गया। राजकीय महाविद्यालय और एसडी महिला महाविद्यालय का टैक्स माफ किया गया, जबकि एसडी महिला महाविद्यालय की दुकानों का कॉमर्शियल टैक्स लगाया गया। शहर के लगभग 58 सरकारी कार्यालयों पर कुल 2 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स लंबित है, जिसमें अकेले जनस्वास्थ्य विभाग का करीब 80 लाख रुपये का बकाया शामिल है। डीसी ने नगर परिषद के अधिकारियों को इस शिविर को आयोजित करने के निर्देश दिए थे।
::::::::::::
नगर परिषद ने एक व्यक्ति को 33161 रुपये का टैक्स का बिल भेज दिया। जब मैंने इस बिल को ठीक करवाया तो असली में बिल निकला 1240 रुपये का। इसके अलावा एक अन्य मामले में 44 लाख रुपये का बिल भेजा गया था। जब बिल ठीक करवाया तो वह 5 लाख रुपये का बना। टैक्स ठीक करने के लिए समय नहीं जबकि प्रॉपर्टी सील की जा रही हैं।
-अनिल बंसल, वाइस चेयरमैन, नगर परिषद
::::::::::::::::::
लंबित प्रॉपर्टी टैक्स वालों को अब तक 1855 नोटिस दिए जा चुके हैं। दो नोटिस भेजे जाते हैं। किसी का बिल गलत है तो उसे ठीक भी करवा सकते हैं। सरकारी विभागों की संपत्तियों को सेल्फ सर्टिफाइड किया जा रहा है। साथ ही उन्हें बकाया टैक्स जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है।- अंजल वायू, सचिव, नगर परिषद।