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एमपी के सवालों पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2015 01:29 AM IST
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लघु सचिवालय में सांसद के लिए बनाए गए कक्ष में पहली बार पहुंचे सांसद दुष्यंत चौटाला ने एमपी लैड के बारे में अधिकारियों की जमकर क्लास ली।
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कामों में हो रही देरी से नाराज सांसद ने कहा कि लापरवाह अधिकारियों को नोटिस जारी किये जाएं। ऐसे लोगों के खिलाफ चार्जशीट करें।
सांसद के लिए बनाए गए एमपी लैड्स फैसिलेशन सेंटर में सोमवार को सांसद दुष्यंत चौटाला पहुंचे। सांसद ने अधिकारियों के कक्ष में मीटिंग करने की बजाये दस बाई दस के इसी कक्ष में मीटिंग बुलाई।
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उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे, अतिरिक्त उपायुक्त विजय कुमार सहित अन्य अधिकारियों को बुलाकर उनसे जवाब तलब किया। सांसद दुष्यंत ने पूछा कि एक से डेढ़ साल से एस्टिमेट तैयार नहीं किए जा रहे।
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210 से अधिक ऐसे काम हैं जिनके एस्टिमेट अब तक नहीं तैयार किए जा सके। 9 काम तो ऐसे हैं जिसमें एक साल से पैसा संबंधित विभाग के पास पहुंचने के बाद भी काम शुरू नहीं किए गए।
सांसद के सवाल पर अधिकारी जवाब देने की बजाए चुप्पी साधे रहे। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऐसे अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें।
ऐसे अधिकारियों के जवाब संतोषजनक न होने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करें।
पैसा दिये 6 महीने से अधिक हुआ समय
50 से 60 काम ऐसे हैं जिनके पैसे दिये हुए तीन से 6 माह हो चुके, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हो सके। काम में देरी होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
सांसद ने दो टूक कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से वेतन लेने वाले अधिकारी जनता के काम को ही प्राथमिकता पर नहीं रखते। इस बारे में एक महीने में रिपोर्ट तैयार कर भेजें।
नेशनलाइज्ड बैंकों के साथ मेरी बैठक क्यों नहीं कराई
सांसद ने पूछा कि नेशनलाइज्ड बैंकों के साथ मेरी बैठक क्यों नहीं कराई गई। चेयरमैन होने के नाते ऐसे बैंक एमपी के अधीन होते हैं।
बैंकों की बैठक बुलाई जाए जिसमें बैंकों ने किसानों को कितना कर्ज दिया इसकी रिपोर्ट भी लेकर आएं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने बैठक में बिजली निगम को भेजे गए कार्यों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
जिन कार्यों के लिए धनराशि जारी जो चुकी है उन्हें जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए।
कौन हो गया महा मुख्यमंत्री
डी प्लान के बजट को लेकर सांसद ने कहा कि जब सीएम ने विधायकों की अनुशंसा पर 75-75 लाख रुपये खर्च करने के आदेश दिए थे तो कौन महा मुख्यमंत्री हो गया जो उनके आदेशों को बदल गया।
आखिर सीएम के आदेश भी नहीं माने जाते तो किसके आदेश माने जा रहे हैं।
भिवानी, जींद के एडीसी तलब
सांसद दुष्यंत ने कहा कि लंबित कामों के एस्टिमेट एक महीने में तैयार करें। उन्होंने कहा कि डीसी साहब नोडल ऑफिसर के तौर पर जींद व भिवानी के अतिरिक्त उपायुक्त को भी तलब करें।
इन दोनों जिलों के अधीन आने वाले क्षेत्र में काम नहीं हो रहे। सांसद दुष्यंत चौटाला ने गांव टोकस में ड्रेन के ऊपर पुल बनाने के लिए 14 लाख की राशि जारी करने के बावजूद उस पर नहरी विभाग की ओर से कार्य शुरू न करने बारे अपनी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने इस संबंध में अगली मीटिंग में नहरी विभाग के संबंधित एक्सईएन को तलब किया है।
जलघर में खड़े आक कब हटेंगे
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गांव डाटा के जलघर में आक के पौधे खड़े हैं। करीब एक महीने पहले हांसी एसडीएम ने पानी की समस्या के निदान के लिए 15 दिन का समय मांगा था।
अब तक समस्या का हल नहीं हुआ। डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि गांव डाटा में जल घर में टैंकों की मरम्मत के लिए 20 लाख रुपये की राशि मंजूर की है।
अलग से जलघर के लिए 70 लाख रुपये की राशि के लिए प्रस्ताव सरकार के पास भेजा हुआ है।
यह भी रहे मौजूद
बैठक में जिला प्लानिंग ऑफिसर जोगेंद्र कालीरामना, विधायक वेद नारंग, किसान सेल के प्रदेशाध्यक्ष पूर्ण सिंह डाबड़ा, जिला प्रधान राजेंद्र लितानी, मंदीप बिश्नोई अधिकारी उपस्थित थे।
संसद में भी गूंजा था काम में देरी का सवाल
सांसद दुष्यंत चौटाला ने एमपी लैड के बजट से मंजूर किए गए कामों में देरी का सवाल संसद में भी उठाया था। सांसद ने इस बारे में कानून बनाने की मांग रखी थी।
अमर उजाला ने 26 अक्तूबर को इस सांसद निधि से मंजूर हो रहे कामों पर अधिकारियों के ब्रेक की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।