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Hisar News: सड़क हादसों में घायलों की अब नहीं टूटेगी इलाज की डोर
Thu, 17 Apr 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 17 Apr 2025 12:50 AM IST
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सिवानी मंडी। सड़क हादसों के बाद होने वाली अनमोल जिंदगियों की क्षति को रोकने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को शहर थाना परिसर में डीएसपी जय भगवान व सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरेंद्र सिंह पानू ने सरकारी और निजी एंबुलेंस चालकों की बैठक लेकर उन्हें सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को मिलने वाली कैशलेस इलाज सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि हर सड़क हादसे के पीड़ित को अब सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। भले ही वह व्यक्ति आयुष्मान योजना से जुड़ा हो या नहीं। इस सुविधा का लाभ हर आम और खास को मिलेगा। इस बारे में डीएसपी ने बताया कि हमारा प्रयास है कि सड़क पर घायल हुआ कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़े। एंबुलेंस चालक सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि उन्हें इस योजना की जानकारी होगी तो वे घायल को समय रहते उचित अस्पताल में पहुंचाकर उसकी जान बचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि भिवानी जिले के 15 और हिसार के 56 निजी व सरकारी अस्पतालों में यह योजना लागू है। सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरेंद्र सिंह पानू ने बताया कि सड़क हादसों में पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ ही सबसे अहम होता है। इस योजना का उद्देश्य यही है कि आर्थिक कारणों से किसी भी घायल की जान न जाए।
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बैठक में बताया गया कि हर सड़क हादसे के पीड़ित को अब सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। भले ही वह व्यक्ति आयुष्मान योजना से जुड़ा हो या नहीं। इस सुविधा का लाभ हर आम और खास को मिलेगा। इस बारे में डीएसपी ने बताया कि हमारा प्रयास है कि सड़क पर घायल हुआ कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में दम न तोड़े। एंबुलेंस चालक सबसे पहले मौके पर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि उन्हें इस योजना की जानकारी होगी तो वे घायल को समय रहते उचित अस्पताल में पहुंचाकर उसकी जान बचा सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि भिवानी जिले के 15 और हिसार के 56 निजी व सरकारी अस्पतालों में यह योजना लागू है। सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. हरेंद्र सिंह पानू ने बताया कि सड़क हादसों में पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन ऑवर’ ही सबसे अहम होता है। इस योजना का उद्देश्य यही है कि आर्थिक कारणों से किसी भी घायल की जान न जाए।
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