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Hisar News: शर्म नहीं जीवनरक्षक...सांसों की डोर संभाले इन्हेलर

Tue, 05 May 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Tue, 05 May 2026 01:31 AM IST
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No shame, it's a lifesaver... Inhalers hold the reins of life
हिसार। अस्थमा लाइलाज नहीं है और सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हेलर को कमजोरी या शर्म का प्रतीक नहीं बल्कि जीवनरक्षक मानना चाहिए।
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हर वर्ष मई के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को अस्थमा के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करना है। बदलते मौसम, धूल और बढ़ते प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन समय पर उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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बीमारी में सांस की नलियों में आ जाती है सूजन
जिला बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू हुड्डा ने बताया कि अस्थमा सांस की नलियों में सूजन से होने वाली बीमारी है। इसमें मरीज को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न, खांसी और रात के समय सांस फूलने की समस्या होती है। धूल-मिट्टी, परागकण, धुआं, ठंडी हवा, पालतू जानवरों के बाल और तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। डॉ. मंजू के मुताबिक अस्थमा लाइलाज नहीं है। इन्हेलर और नियमित दवाओं से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल-मई में मौसम बदलने और फसलों की कटाई आदि से अस्थमा के मरीजों को खासी परेशानी होती है। बच्चों और बुजुर्गों में खतरा ज्यादा रहता है। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।
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इन कारणों से जरूरी होता है इन्हेलर
चिकित्सकों के अनुसार इन्हेलर के माध्यम से दवा लेने से दवा सीधे उसी जगह जाती है जहां उसकी जरूरत होती है। अगर गोली आदि ली जाती है तो वह शरीर के सभी अंगों जैसे दिल, फेफड़े आदि जाती है जिससे उन पर इस दवा का साइड इफेक्ट भी होता है। इन्हेलर का इस्तेमाल करने की सलाह उन्हीं मरीजों को दी जाती है जिन्हें बार-बार अस्थमा से परेशानी से होती है। इसलिए इन्हेलर को शर्म या कमजोरी न समझें, यह जीवनरक्षक है।

ऐसे करें बचाव
- धूल, धुएं और प्रदूषण से बचें, मास्क लगाकर बाहर निकलें।

- धूम्रपान न करें और धूम्रपान करने वालों से दूर रहें।

- घर में कारपेट, पालतू जानवरों से दूरी बनाएं।

- ठंडी चीजें और नमी वाले स्थानों से बचें।

- नियमित योग-प्राणायाम करें, डॉक्टर की सलाह से दवा लें।

- इन्हेलर हमेशा साथ रखें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें।
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