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Hisar News: सुरक्षा में लापरवाही...मुख्य गेट पर पुलिस की तैनाती नहीं, डेढ़ साल से बंद है चौकी
Fri, 21 Aug 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 21 Aug 2026 12:51 AM IST
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हिसार कोर्ट की बंद पड़ी पुलिस चाैकी।
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अशोक कुंडू खैरी
हिसार। जिस अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का दावा किया जाता है वहीं वीरवार को गोलियों की बौछार ने सबको दहशत में ला दिया। इस घटना के बाद सामने आने के बाद अदालत में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। अदालत परिसर की चौकी करीब एक साल से बंद है। पहले यहां तैनात हथियारबंद पुलिस वाहन हटा दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अदालत परिसर के गेटों पर करीब 16 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन जिस मुख्य गेट जहां से आम लोगों, अधिवक्ताओं और पेशी के लिए लाए जाने वाले आरोपियों की आवाजाही होती है वहां कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं है। मुख्य गेट के आसपास केवल एक पुलिस राइडर गश्त करता है। अदालत परिसर में स्थित पुलिस चौकी को करीब एक साल पहले बंद कर दिया गया था। अधिवक्ता और आम नागरिक लंबे समय से इस चौकी को दोबारा शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन अब तक बहाल नहीं किया। अदालतों को चहारदीवारी से घेरकर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जरूर की गई है लेकिन अधिवक्ताओं के चैंबरों के बीच के बड़े हिस्से में पुलिस की मौजूदगी नहीं है। इसी वजह से हमलावर हथियार लेकर परिसर के भीतर तक पहुंच गए और वारदात को अंजाम देकर भागने लगे। संवाद
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वकीलों का आज वर्क सस्पेंड
कोर्ट परिसर में सरेआम गोलीबारी की घटना के विरोध में हिसार बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को वर्क सस्पेंड का फैसला लिया है। बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने अदालत परिसर में दिनदहाड़े हुई फायरिंग को सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है तो हथियारबंद हमलावर मुख्य गेट के पास पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग कैसे कर गए।
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सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर मजबूत करेंगे: एसपी
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि अदालत परिसर की पुलिस चौकी में जगह कम है। करीब 150 पुलिस कर्मचारियों के तबादले होने के कारण पुलिस बल की कमी भी है। अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे और मजबूत किया जाएगा।
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हिसार। जिस अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का दावा किया जाता है वहीं वीरवार को गोलियों की बौछार ने सबको दहशत में ला दिया। इस घटना के बाद सामने आने के बाद अदालत में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि मुख्य गेट पर पुलिसकर्मी तैनात नहीं था। अदालत परिसर की चौकी करीब एक साल से बंद है। पहले यहां तैनात हथियारबंद पुलिस वाहन हटा दिया गया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अदालत परिसर के गेटों पर करीब 16 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है लेकिन जिस मुख्य गेट जहां से आम लोगों, अधिवक्ताओं और पेशी के लिए लाए जाने वाले आरोपियों की आवाजाही होती है वहां कोई पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं है। मुख्य गेट के आसपास केवल एक पुलिस राइडर गश्त करता है। अदालत परिसर में स्थित पुलिस चौकी को करीब एक साल पहले बंद कर दिया गया था। अधिवक्ता और आम नागरिक लंबे समय से इस चौकी को दोबारा शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन अब तक बहाल नहीं किया। अदालतों को चहारदीवारी से घेरकर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती जरूर की गई है लेकिन अधिवक्ताओं के चैंबरों के बीच के बड़े हिस्से में पुलिस की मौजूदगी नहीं है। इसी वजह से हमलावर हथियार लेकर परिसर के भीतर तक पहुंच गए और वारदात को अंजाम देकर भागने लगे। संवाद
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वकीलों का आज वर्क सस्पेंड
कोर्ट परिसर में सरेआम गोलीबारी की घटना के विरोध में हिसार बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को वर्क सस्पेंड का फैसला लिया है। बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने अदालत परिसर में दिनदहाड़े हुई फायरिंग को सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता बताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने का दावा किया जाता है तो हथियारबंद हमलावर मुख्य गेट के पास पहुंचकर ताबड़तोड़ फायरिंग कैसे कर गए।
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पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि अदालत परिसर की पुलिस चौकी में जगह कम है। करीब 150 पुलिस कर्मचारियों के तबादले होने के कारण पुलिस बल की कमी भी है। अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर उसे और मजबूत किया जाएगा।