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अतिक्रमण हटाओ अभियान : नगर निगम ने 550 दुकानों के बाहर बने अवैध चबूतरे तोड़े
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नगर निगम प्रशासन ने वीरवार को अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार किया। राजगुरु मार्केट और बिश्नोई मंदिर मार्केट में जेसीबी से 550 दुकानों के बाहर अवैध रूप से बने चबूतरे तोड़ दिए गए। निगम टीम बाजार खुलने से पहले सुबह सात बजे ही राजगुरु मार्केट पहुंच गई। पंजाबी धर्मशाला के पास दोनों तरफ दो जेसीबी लगाकर चबूतरे तोड़ने शुरू कर दिए।
दुकानदार बाजार पहुंचे तो उन्हें दुकानों के आगे मलबा पसरा दिखाई दिया। सुबह 10 बजे तक जब पूरा बाजार खुला, तब तक 200 से ज्यादा दुकानों के चबूतरे टूट चुके थे। कुछ दुकानदारों ने कुछ विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सरकारी कार्य में बाधा डालने के केस का डर दिखाया तो वे पीछे हट गए। इसके बाद करीब आठ घंटे तक राजगुरु मार्केट व बिश्नोई मंदिर मार्केट की एक-एक दुकान के बाहर जाकर चबूतरों को तोड़ दिया गया।
एक सप्ताह का दिया था अल्टीमेटम
यूं तो बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त करवाने के लिए कई दिन से निगम प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ था। इससे पहले 24 जनवरी को बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर दुकानदारों को सचेत कर दिया गया था। इसके बाद एक सप्ताह में अपने स्तर पर ही चबूतरे तोड़ने के लिए दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया। दुकानदारों ने संज्ञान नहीं लिया तो इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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रात आठ बजे कमिश्नर के साथ तय हुई रणनीति
बुधवार रात आठ बजे नगर निगम कमिश्नर डॉ. जेके आभीर ने अधिकारियों के साथ रणनीति तय कर अभियान चलाने के आदेश दिए। इस पर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि सभी दुकानों के बाहर बने अवैध चबूतरे तोड़ने चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। इस पर कमिश्नर ने सुझाव मानकर हर अवैध चबूतरे को तोड़ने के आदेश दे दिए। आदेश मिलते ही एक्सईएन संदीप धुंधवाल, एमई संदीप बैनीवाल, एमई सुनील लांबा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव अपनी टीम के साथ सुबह पांच बजे उठे और स्वच्छता शाखा के कर्मचारियों को जेसीबी व ट्रैक्टर के साथ राजगुरु मार्केट में बुला लिया।
सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक चली जेसीबी
पंजाबी धर्मशाला के पास एकत्रित होकर अधिकारियों ने सुबह सात बजे जेसीबी चलवानी शुरू की। एक के बाद एक पूरे राजगुरु मार्केट व बिश्नोई मंदिर की 550 दुकानों के बाहर अवैध रूप से बने चबूतरों को तोड़ दिया गया। आठ घंटे बाद कार्रवाई दोपहर तीन बजे खत्म हुई। इसके बाद अधिकारी वापस निगम कार्यालय लौटे।
एक जेसीबी हो गई खराब
अधिकारियों ने दो जेसीबी से काम शुरू करवाया था। मगर दो घंटे बाद एक जेसीबी खराब हो गई। इस कारण एक ही जेसीबी के सहारे चबूतरे तुड़वाए गए। स्वच्छता शाखा की ट्रैक्टर ट्रालियों में साथ ही साथ मलबा भी उठाया गया। इसके बाद बाजार खुले नजर आए।
किसी ने चार तो किसी ने दस फुट तक कर रखा था अतिक्रमण
अधिकारियों के अनुसार किसी ने तीन फुट तो किसी दुकानदार ने दस फुट तक अतिक्रमण किया हुआ था। बरामदों को तो सामान से भरा हुआ ही है, इससे आगे भी सड़क तक पर कब्जा किया हुआ था।
अगला नंबर बरामदों का...
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले अवैध रूप से बाहर सामान उठाने वालों के चालान काटे गए थे। अब चबूतरे तोड़े गए हैं। इसके बाद अगला नंबर बरामदों को खाली करवाने का है। अगर दुकानदार अपने स्तर पर ही बरामदे खाली कर देंगे तो ठीक, नहीं तो निगम प्रशासन इसी तरह बरामदों को भी सख्ती से खाली करवाएगा। दुकानों के बाहर बरामदे इसलिए बनाए गए थे, ताकि ग्राहक इनमें से आवागमन कर सके।
नगर निगम की इस कार्रवाई से दुकानदारों में रोष नहीं है, क्योंकि किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ है। दुकानदारों को पहले ही बता दिया गया था कि अतिक्रमण हटा लें। व्यवस्था बेहतर होने में ही दुकानदारों का फायदा है।
- महेश चौधरी, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए अब सख्ती से निपटा जाएगा। दुकानदारों को बार बार समझाया गया, लेकिन नहीं माने। इसलिए चबूतरे जेसीबी से तुड़वाए गए हैं। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। दुकानदार निर्धारित जगह पर ही सामान रखने की आदत डालें।
- डॉ. जेके आभीर, कमिश्नर, नगर निगम
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दुकानदार बाजार पहुंचे तो उन्हें दुकानों के आगे मलबा पसरा दिखाई दिया। सुबह 10 बजे तक जब पूरा बाजार खुला, तब तक 200 से ज्यादा दुकानों के चबूतरे टूट चुके थे। कुछ दुकानदारों ने कुछ विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सरकारी कार्य में बाधा डालने के केस का डर दिखाया तो वे पीछे हट गए। इसके बाद करीब आठ घंटे तक राजगुरु मार्केट व बिश्नोई मंदिर मार्केट की एक-एक दुकान के बाहर जाकर चबूतरों को तोड़ दिया गया।
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एक सप्ताह का दिया था अल्टीमेटम
यूं तो बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त करवाने के लिए कई दिन से निगम प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ था। इससे पहले 24 जनवरी को बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर दुकानदारों को सचेत कर दिया गया था। इसके बाद एक सप्ताह में अपने स्तर पर ही चबूतरे तोड़ने के लिए दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया। दुकानदारों ने संज्ञान नहीं लिया तो इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
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रात आठ बजे कमिश्नर के साथ तय हुई रणनीति
बुधवार रात आठ बजे नगर निगम कमिश्नर डॉ. जेके आभीर ने अधिकारियों के साथ रणनीति तय कर अभियान चलाने के आदेश दिए। इस पर अधिकारियों ने सुझाव दिया कि सभी दुकानों के बाहर बने अवैध चबूतरे तोड़ने चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। इस पर कमिश्नर ने सुझाव मानकर हर अवैध चबूतरे को तोड़ने के आदेश दे दिए। आदेश मिलते ही एक्सईएन संदीप धुंधवाल, एमई संदीप बैनीवाल, एमई सुनील लांबा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव अपनी टीम के साथ सुबह पांच बजे उठे और स्वच्छता शाखा के कर्मचारियों को जेसीबी व ट्रैक्टर के साथ राजगुरु मार्केट में बुला लिया।
सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक चली जेसीबी
पंजाबी धर्मशाला के पास एकत्रित होकर अधिकारियों ने सुबह सात बजे जेसीबी चलवानी शुरू की। एक के बाद एक पूरे राजगुरु मार्केट व बिश्नोई मंदिर की 550 दुकानों के बाहर अवैध रूप से बने चबूतरों को तोड़ दिया गया। आठ घंटे बाद कार्रवाई दोपहर तीन बजे खत्म हुई। इसके बाद अधिकारी वापस निगम कार्यालय लौटे।
एक जेसीबी हो गई खराब
अधिकारियों ने दो जेसीबी से काम शुरू करवाया था। मगर दो घंटे बाद एक जेसीबी खराब हो गई। इस कारण एक ही जेसीबी के सहारे चबूतरे तुड़वाए गए। स्वच्छता शाखा की ट्रैक्टर ट्रालियों में साथ ही साथ मलबा भी उठाया गया। इसके बाद बाजार खुले नजर आए।
किसी ने चार तो किसी ने दस फुट तक कर रखा था अतिक्रमण
अधिकारियों के अनुसार किसी ने तीन फुट तो किसी दुकानदार ने दस फुट तक अतिक्रमण किया हुआ था। बरामदों को तो सामान से भरा हुआ ही है, इससे आगे भी सड़क तक पर कब्जा किया हुआ था।
अगला नंबर बरामदों का...
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि पहले अवैध रूप से बाहर सामान उठाने वालों के चालान काटे गए थे। अब चबूतरे तोड़े गए हैं। इसके बाद अगला नंबर बरामदों को खाली करवाने का है। अगर दुकानदार अपने स्तर पर ही बरामदे खाली कर देंगे तो ठीक, नहीं तो निगम प्रशासन इसी तरह बरामदों को भी सख्ती से खाली करवाएगा। दुकानों के बाहर बरामदे इसलिए बनाए गए थे, ताकि ग्राहक इनमें से आवागमन कर सके।
नगर निगम की इस कार्रवाई से दुकानदारों में रोष नहीं है, क्योंकि किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ है। दुकानदारों को पहले ही बता दिया गया था कि अतिक्रमण हटा लें। व्यवस्था बेहतर होने में ही दुकानदारों का फायदा है।
- महेश चौधरी, प्रधान, राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन
बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए अब सख्ती से निपटा जाएगा। दुकानदारों को बार बार समझाया गया, लेकिन नहीं माने। इसलिए चबूतरे जेसीबी से तुड़वाए गए हैं। भविष्य में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। दुकानदार निर्धारित जगह पर ही सामान रखने की आदत डालें।
- डॉ. जेके आभीर, कमिश्नर, नगर निगम