Hisar : सम्मान के साथ जीने के हक के लिए मुस्लिम महिलाएं भी हुईं मुखर, पिछले साल मिलीं सबसे ज्यादा शिकायतें
राष्ट्रीय महिला आयोग को वर्ष 2023 में सबसे अधिक 9596 शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से महिलाएं घरेलू हिंसा की भी बातें आयोग के दरवाजे तक पहुंचा रही हैं।
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सम्मान के साथ जीने के अधिकार को लेकर अब मुस्लिम महिलाएं भी मुखर होने लगी हैं। पुरुषों के वर्चस्व की वजह से अपने घर में ही अहम फैसलों में उनकी राय दरकिनार कर दी जा रही है। महिलाएं इसे भावनात्मक शोषण मान रही हैं। इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग को वर्ष 2023 में सबसे अधिक 9596 शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा विभिन्न माध्यमों से महिलाएं घरेलू हिंसा की भी बातें आयोग के दरवाजे तक पहुंचा रही हैं। महिला संबंधी अपराधों की शिकायतों वाले शीर्ष दस राज्यों में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर बरकरार है तो हरियाणा तीसरे से घटकर पांचवें पायदान पर आ गया है। उत्तर प्रदेश में 2022 की अपेक्षा 2023 में घरेलू हिंसा और भावानात्मक शोषण के मामले बढ़े हैं।
आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय महिला आयोग ( एनसीडब्ल्यू) ने 2023 में देश में महिलाओं के खिलाफ 23 प्रकार के आपराधिक मामले दर्ज किए। कुल 30693 शिकायतें दर्ज की गईं। हालांकि 2022 के मुकाबले 264 शिकायतें कम रहीं। शिकायतों के मामले में सबसे अधिक आबादी वाला उत्तर प्रदेश शीर्ष पर बना हुआ है। 2022 में जहां सबसे अधिक 16,872 मामले उत्तर प्रदेश से आए। वहीं, 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 17048 तक पहुंच गई, जबकि हरियाणा में ऐसे मामलों की संख्या में कमी आई है। हरियाणा में 2023 में 1291 मामले ही दर्ज हुए, जबकि 2022 में 1,362 शिकायतें मिलीं। सम्मान के साथ जीने के अधिकार, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ से जुड़े केस सबसे ज्यादा दर्ज किए गए। पुलिस का टालू रवैया भी सामने आया। महिलाओं के खिलाफ पुलिस की उदासीनता से संबंधित 1496 शिकायतें आईं।
महिला विरुद्ध अपराध--- शीर्ष दस श्रेणियां, जिनके तहत दर्ज की गईं शिकायतें
अपराध की प्रकृति और संख्या
- गरिमा के साथ जीने का अधिकार - 9596
- घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण - 6916
- विवाहित महिलाओं का उत्पीड़न/ दहेज उत्पीड़न - 4534
- महिलाओं का शील भंग करना/ छेड़छाड़ करना - 2666
- बलात्कार/ बलात्कार का प्रयास - 1723
- महिलाओं के प्रति पुलिस की उदासीनता - 1496
- यौन उत्पीड़न - 884
- महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराध - 840
- अपनी पसंद से विवाह का अधिकार/ प्रतिष्ठा हेतु अपराध - 426
- दहेज हत्या - 347
सर्वाधिक शिकायतों वाले प्रदेश---- प्रदेश - शिकायतों की संख्या
- उत्तर प्रदेश - 17048
- दिल्ली - 2822
- बिहार - 1360
- महाराष्ट्र - 1336
- हरियाणा - 1291
- मध्य प्रदेश - 1162
- राजस्थान - 1003
- तमिलनाडु - 645
- पश्चिम बंगाल - 615
- कर्नाटक - 524
महिला को बेरहमी से पीटने के मामले में लिया संज्ञान
भिवानी जिले में एक जनप्रतिनिधि द्वारा पत्नी की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया। संबंधित व्यक्ति से जवाब तलब करने के अलावा हरियाणा के पुलिस महानिदेशक के समक्ष भी यह मामला उठाया गया है।
महिलाएं यहां दर्ज करा सकती हैं शिकायतें
अपराध होने पर महिलाएं राष्ट्रीय महिला के नई दिल्ली स्थित कार्यालय राष्ट्रीय महिला आयोग, प्लाट नंबर 21, जसोला इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली 110025 या आयोग की वेबसाइट http;//www.ncw.nic.in पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से चलाए गए जागरुकता कार्यक्रमों का नतीजा है कि मुस्लिम महिलाएं भी रोजाना शिकायतें दर्ज करवा रही हैं। यूपी के मथुरा समेत कई जिलों में महिलाएं ग्रुप बनाकर न्याय के लिए लड़ाई लड़ रही हैं। इसके अलावा आयोग में मामला दर्ज होने के बाद कार्रवाई होने से भी अपराधी अपराध करने से डरने लगे हैं। यही वजह है कि शिकायतों की संख्या में अपेक्षाकृत कमी आई है।
- ममता कुमारी, सदस्य, राष्ट्रीय महिला आयोग