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Hisar News: नगर निगम ने सफाई कर्मियों को वर्दी व जूते के लिए 1500 रुपये देने की भरी हामी
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हिसार। नगर निगम प्रशासन ने सफाई कर्मचारियों को वर्दी व जूते के लिए 1500 रुपये की राशि देने की मांग मंजूर कर ली है। निगम के इस फैसले पर सफाई कर्मचारियों ने सुबह सफाई करने का फैसला किया है। मगर कर्मचारियों ने अल्टीमेटम दिया है कि वीरवार दोपहर तक यह राशि कर्मचारियों के खातों में नहीं आई तो वह आधे दिन काम नहीं करेंगे। उधर बुधवार को रक्षाबंधन पर्व पर अवकाश के कारण शहर से कचरे का उठान नहीं हुआ।
बता दें कि नगर निगम में करीब 675 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 125 कर्मचारी स्थायी और 550 कर्मचारी पेरोल पर हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ की मानें तो सफाई कर्मचारियों को साल में दो बार वर्दी व जूते मिलते हैं। स्थायी कर्मचारियों को वर्दी व जूते की राशि वेतन में जुड़कर ही मिलती है, जबकि पेरोल कर्मचारियों को यह अलग से उपलब्ध करवाई जाती है। मगर निगम प्रशासन ने एक साल से पेरोल कर्मचारियों को जूते व वर्दी उपलब्ध नहीं करवाई है। उनकी मांग थी कि सफाई कर्मचारियों को एक सीजन के वर्दी व जूते के लिए 1500 रुपये दिए जाए।
एक दिन के अवकाश में ही लगे कचरे के ढेर
बुधवार को अवकाश के कारण सफाई कर्मचारियों ने झाडू व कचरा उठाने का काम नहीं किया। इस कारण से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। ऐसे में अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल करते तो शहर के हालात बिगड़ सकते थे। बता दें कि शहर से प्रतिदिन 180 टन कचरा निकलता है।
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ढंढूर के पास अस्थायी प्लांट लगाने की मिली मौखिक मंजूरी पर निगम तैयार नहीं
ढंढूर के पास नगर निगम को प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मौखिक मंजूरी मिली है। मगर निगम प्रशासन यहां प्लांट लगाने को तैयार नहीं है। निगम प्रशासन का तर्क है कि अगर यहां प्लांट लगाने के साथ ही जीएलएफ की जमीन उसे मिल जाती है तो इस सिथति में उसे यहां से प्लांट हटाना पड़ेगा। ऐसे में यहां प्लांट लगाने पर होने वाला खर्च व्यर्थ जाएगा।
कांग्रेसी नेता ने दिया जवाब-बोले पोस्टर लगवाने वाले आपके ही कर्मचारी
उधर पोस्टर लगाकर शहर की सुंदरता को खराब करने वालों ने निगम की तरफ से दिए गए नोटिस के जवाब दिया है। एक कांग्रेसी नेता की तरफ से दिए गए जवाब में कहा है कि ये पोस्टर निगम के कर्मचारियों के सहयोग से ही लगाए गए हैं। वहीं पिज्जा संचालक ने नोटिस के डर से दुकान ही बंद कर दी है। निगम अधिकारियों की मानें तो वे नोटिस धारकों के जवाबों से संतुष्ट नहीं है। अब इनके खिलाफ एफआईआर ही दर्ज करवाई जाएगी। बता दें कि निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाने पर 4 लोगों को नोटिस जारी किए थे।
हमने सफाई कर्मचारियों की मांग मान ली है। वीरवार को वर्दी व जूते की राशि उनके खातों में आ जाएगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
सुबह 11 बजे से पहले कचरा उठाया जाएगा। इसके बाद सभी दरोगाओं को निगम कार्यालय बुलाया गया है। यहां यूनियन अधिकारियों के साथ बात करेंगी। उनकी कुछ अन्य मांग भी हैं। अगर उन पर सहमति नहीं बनती है तो दोपहर बाद काम का बहिष्कार किया जाएगा। - राजेश बागड़ी, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ
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बता दें कि नगर निगम में करीब 675 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से 125 कर्मचारी स्थायी और 550 कर्मचारी पेरोल पर हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ की मानें तो सफाई कर्मचारियों को साल में दो बार वर्दी व जूते मिलते हैं। स्थायी कर्मचारियों को वर्दी व जूते की राशि वेतन में जुड़कर ही मिलती है, जबकि पेरोल कर्मचारियों को यह अलग से उपलब्ध करवाई जाती है। मगर निगम प्रशासन ने एक साल से पेरोल कर्मचारियों को जूते व वर्दी उपलब्ध नहीं करवाई है। उनकी मांग थी कि सफाई कर्मचारियों को एक सीजन के वर्दी व जूते के लिए 1500 रुपये दिए जाए।
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एक दिन के अवकाश में ही लगे कचरे के ढेर
बुधवार को अवकाश के कारण सफाई कर्मचारियों ने झाडू व कचरा उठाने का काम नहीं किया। इस कारण से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए। ऐसे में अगर सफाई कर्मचारी हड़ताल करते तो शहर के हालात बिगड़ सकते थे। बता दें कि शहर से प्रतिदिन 180 टन कचरा निकलता है।
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ढंढूर के पास अस्थायी प्लांट लगाने की मिली मौखिक मंजूरी पर निगम तैयार नहीं
ढंढूर के पास नगर निगम को प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की मौखिक मंजूरी मिली है। मगर निगम प्रशासन यहां प्लांट लगाने को तैयार नहीं है। निगम प्रशासन का तर्क है कि अगर यहां प्लांट लगाने के साथ ही जीएलएफ की जमीन उसे मिल जाती है तो इस सिथति में उसे यहां से प्लांट हटाना पड़ेगा। ऐसे में यहां प्लांट लगाने पर होने वाला खर्च व्यर्थ जाएगा।
कांग्रेसी नेता ने दिया जवाब-बोले पोस्टर लगवाने वाले आपके ही कर्मचारी
उधर पोस्टर लगाकर शहर की सुंदरता को खराब करने वालों ने निगम की तरफ से दिए गए नोटिस के जवाब दिया है। एक कांग्रेसी नेता की तरफ से दिए गए जवाब में कहा है कि ये पोस्टर निगम के कर्मचारियों के सहयोग से ही लगाए गए हैं। वहीं पिज्जा संचालक ने नोटिस के डर से दुकान ही बंद कर दी है। निगम अधिकारियों की मानें तो वे नोटिस धारकों के जवाबों से संतुष्ट नहीं है। अब इनके खिलाफ एफआईआर ही दर्ज करवाई जाएगी। बता दें कि निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाने पर 4 लोगों को नोटिस जारी किए थे।
हमने सफाई कर्मचारियों की मांग मान ली है। वीरवार को वर्दी व जूते की राशि उनके खातों में आ जाएगी। - प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
सुबह 11 बजे से पहले कचरा उठाया जाएगा। इसके बाद सभी दरोगाओं को निगम कार्यालय बुलाया गया है। यहां यूनियन अधिकारियों के साथ बात करेंगी। उनकी कुछ अन्य मांग भी हैं। अगर उन पर सहमति नहीं बनती है तो दोपहर बाद काम का बहिष्कार किया जाएगा। - राजेश बागड़ी, प्रधान, नगर पालिका कर्मचारी संघ