{"_id":"616335668ebc3e62c66a0586","slug":"mountaineer-reena-will-have-to-conquer-mount-everest-before-the-financial-crisis-hisar-news-hsr6140544165","type":"story","status":"publish","title_hn":"पर्वतारोही रीना को माउंट एवरेस्ट से पहले फतह करनी होगी आर्थिक तंगी की चट्टान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पर्वतारोही रीना को माउंट एवरेस्ट से पहले फतह करनी होगी आर्थिक तंगी की चट्टान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अश्वनी कुमार
हिसार। बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़ने वाले कभी जिंदगी की मुश्किलों से घबराते नहीं। ऐसी ही कहानी हिसार के श्यामलाल बाग की रहने वाली पर्वतारोही रीना भट्ठी की है। अब तक रीना का सफर काफी संघर्ष भरा रहा। वह चार चोटियों को फतह कर चुकी हैं। भले ही अब आर्थिक तंगी उनकी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई में चट्टान बन गई है, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा। अब रीना अपने खर्च पर माउंट एवरेस्ट को फतेह करने का सपना पूरा करेंगी। रीना पैनासॉनिक कार्यालय में कोआर्डिनेटर हैं।
पर्वतारोही रीना बताती हैं कि माउंट एवरेस्ट को फतह करना काफी कठिन है। जिंदगी और मौत को साथ लेकर चढ़ाई करनी होती है। वहीं इस पर करीब 30 लाख रुपये का खर्चा आता है। इस चोटी को फतेह करने के लिए उनके पास 15 लाख रुपये हैं मगर अब प्रतिमाह मिलने वाली सैलरी से ही रुपये एकत्रित कर रही हैं। रीना का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि वह एक दिन माउंट एवरेस्ट को फतह कर सपना जरूरी पूरा करेंगी। संवाद
अमरनाथ की यात्रा करने पर बढ़ा हौसला
रीना बताती हैं कि वर्ष 2016 में उन्होंने अपनी सहेली साक्षी के साथ अमरनाथ यात्रा की थी। इस दौरान 32 किलोमीटर तक पहाड़ों पर चढ़ाई की तो हौसला बढ़ गया। उसके बाद रीना ने पहाड़ों पर चढ़ाई करने की ठान ली और इसके लिए वर्ष 2019 में कोर्स शुरू किया। इसमें एक बेसिक और दूसरा एडवांस कोर्स शामिल है।
विज्ञापन
सरकार से निराशा हाथ लगी
वर्ष 2020 में रीना भट्ठी ने पैसों की मदद के लिए सरकार के पास फाइल भेजी थी मगर अभी तक कोई जवाब नहीं आया और निराशा हाथ लगी। रीना बताती हैं कि अब वह अपनी सैलरी इकट्ठा कर सपना पूरा करेंगी। रीना ने बताया कि अभी उन्हें 15 लाख रुपये की जरूरत है।
रीना की उपलब्धियां :
- 2019 में भारत का सबसे खतरनाक चादर ट्रैक पार किया, जोकि 11123 फुट की हाइट पर है।
- 2019 में बाला चंद्रा पीक और फ्रैंड्स पीक
- 2019 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारों को फतह किया
- 2021 में माउंट नून को फतह किया
विज्ञापन
हिसार। बुलंद हौसले के साथ आगे बढ़ने वाले कभी जिंदगी की मुश्किलों से घबराते नहीं। ऐसी ही कहानी हिसार के श्यामलाल बाग की रहने वाली पर्वतारोही रीना भट्ठी की है। अब तक रीना का सफर काफी संघर्ष भरा रहा। वह चार चोटियों को फतह कर चुकी हैं। भले ही अब आर्थिक तंगी उनकी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई में चट्टान बन गई है, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा। अब रीना अपने खर्च पर माउंट एवरेस्ट को फतेह करने का सपना पूरा करेंगी। रीना पैनासॉनिक कार्यालय में कोआर्डिनेटर हैं।
पर्वतारोही रीना बताती हैं कि माउंट एवरेस्ट को फतह करना काफी कठिन है। जिंदगी और मौत को साथ लेकर चढ़ाई करनी होती है। वहीं इस पर करीब 30 लाख रुपये का खर्चा आता है। इस चोटी को फतेह करने के लिए उनके पास 15 लाख रुपये हैं मगर अब प्रतिमाह मिलने वाली सैलरी से ही रुपये एकत्रित कर रही हैं। रीना का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि वह एक दिन माउंट एवरेस्ट को फतह कर सपना जरूरी पूरा करेंगी। संवाद
विज्ञापन
अमरनाथ की यात्रा करने पर बढ़ा हौसला
रीना बताती हैं कि वर्ष 2016 में उन्होंने अपनी सहेली साक्षी के साथ अमरनाथ यात्रा की थी। इस दौरान 32 किलोमीटर तक पहाड़ों पर चढ़ाई की तो हौसला बढ़ गया। उसके बाद रीना ने पहाड़ों पर चढ़ाई करने की ठान ली और इसके लिए वर्ष 2019 में कोर्स शुरू किया। इसमें एक बेसिक और दूसरा एडवांस कोर्स शामिल है।
विज्ञापन
सरकार से निराशा हाथ लगी
वर्ष 2020 में रीना भट्ठी ने पैसों की मदद के लिए सरकार के पास फाइल भेजी थी मगर अभी तक कोई जवाब नहीं आया और निराशा हाथ लगी। रीना बताती हैं कि अब वह अपनी सैलरी इकट्ठा कर सपना पूरा करेंगी। रीना ने बताया कि अभी उन्हें 15 लाख रुपये की जरूरत है।
रीना की उपलब्धियां :
- 2019 में भारत का सबसे खतरनाक चादर ट्रैक पार किया, जोकि 11123 फुट की हाइट पर है।
- 2019 में बाला चंद्रा पीक और फ्रैंड्स पीक
- 2019 में अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारों को फतह किया
- 2021 में माउंट नून को फतह किया