{"_id":"6ab1816e64bbeba04f02c6da","slug":"meeting-abandoned-midway-after-no-assurance-received-agitation-begins-today-hisar-news-c-21-hsr1005-956318-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: आश्वासन नहीं मिला ताे बीच में छोड़ी बैठक आंदोलन आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: आश्वासन नहीं मिला ताे बीच में छोड़ी बैठक आंदोलन आज से
विज्ञापन
हिसार। रोडवेज कर्मचारियों के घेराव के अल्टीमेटम के बाद महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने सोमवार को साझा संघर्ष समिति हिसार व हांसी की संयुक्त बैठक बुलाई। 15 सूत्रीय मांगों पर चर्चा के बावजूद ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर समिति सदस्य बैठक बीच में छोड़कर बाहर आ गए।
समिति ने 22 सितंबर से गेट मीटिंग के साथ आंदोलन शुरू करने और महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला किया। समिति प्रवक्ता संदीप जैनावास ने बताया कि महाप्रबंधक को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का नोटिस दिया गया था।
सोमवार दोपहर 12 बजे हुई बैठक में टीए-डीए का भुगतान, तोड़े गए कमरों का पुनर्निर्माण और एचकेआरएन कर्मचारियों का वेतन समय पर जारी करने समेत अन्य लंबित मांगें रखी गईं लेकिन समाधान का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
विज्ञापन
समिति से जुड़े हिसार और हांसी पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि 22 सितंबर को दोनों सब-डिपो में गेट मीटिंग कर महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
समिति की ओर से कहा गया कि आंदोलन से यात्रियों को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आंदोलन से रोडवेज बस सेवा प्रभावित होने की आशंका है।
विज्ञापन
समिति ने 22 सितंबर से गेट मीटिंग के साथ आंदोलन शुरू करने और महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला किया। समिति प्रवक्ता संदीप जैनावास ने बताया कि महाप्रबंधक को 15 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का नोटिस दिया गया था।
विज्ञापन
सोमवार दोपहर 12 बजे हुई बैठक में टीए-डीए का भुगतान, तोड़े गए कमरों का पुनर्निर्माण और एचकेआरएन कर्मचारियों का वेतन समय पर जारी करने समेत अन्य लंबित मांगें रखी गईं लेकिन समाधान का कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
विज्ञापन
समिति से जुड़े हिसार और हांसी पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि 22 सितंबर को दोनों सब-डिपो में गेट मीटिंग कर महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
समिति की ओर से कहा गया कि आंदोलन से यात्रियों को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आंदोलन से रोडवेज बस सेवा प्रभावित होने की आशंका है।