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Hisar News: 75 लाख के चेक बाउंस मामले में मानव इंस्टीट्यूट चेयरमैन को 2 साल की सजा
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हिसार। सेशन कोर्ट के न्यायाधीश डीके मित्तल ने गांव जेवरा स्थित मानव इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. चंद्रप्रकाश गुप्ता को 75 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सेशन कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई रकम दोगुना देने व 2 साल की सजा को बरकरार रखा।
सेक्टर-14 निवासी विजय कुमार सिंगला ने अदालत में चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने कहा था कि वह मानव इंस्टीट्यूट में चंद्रप्रकाश गुप्ता के पार्टनर थे। बाद में उनकी हिस्सेदारी नहीं रही। 15 फरवरी 2010 और 23 जुलाई 2010 को दोनों पक्षों की बैठक हुई, मगर समाधान नहीं हुआ। तीसरी बार 9 अक्तूबर 2012 को दोनों पक्षों की बैठक हुई और चंद्रप्रकाश गुप्ता ने हिसाब-किताब के तौर पर उनको 75 लाख रुपये का एसबीआई का चेक देकर निपटारा किया था। लेकिन जब बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित ने निचली (जिला) अदालत में चंद्रप्रकाश व उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दायर किया। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद मानव इंस्टीट्यूट के चेयरमैन को 75 लाख की रकम दोगुना देने और 2 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद चेयरमैन ने फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की थी। बुधवार को सेशन कोर्ट के फैसले के बाद चेयरमैन चंद्रप्रकाश को जेल भेज दिया, जबकि जबकि उनकी पत्नी को बरी कर दिया।
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सेक्टर-14 निवासी विजय कुमार सिंगला ने अदालत में चेक बाउंस का मुकदमा दायर किया था। उन्होंने कहा था कि वह मानव इंस्टीट्यूट में चंद्रप्रकाश गुप्ता के पार्टनर थे। बाद में उनकी हिस्सेदारी नहीं रही। 15 फरवरी 2010 और 23 जुलाई 2010 को दोनों पक्षों की बैठक हुई, मगर समाधान नहीं हुआ। तीसरी बार 9 अक्तूबर 2012 को दोनों पक्षों की बैठक हुई और चंद्रप्रकाश गुप्ता ने हिसाब-किताब के तौर पर उनको 75 लाख रुपये का एसबीआई का चेक देकर निपटारा किया था। लेकिन जब बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद पीड़ित ने निचली (जिला) अदालत में चंद्रप्रकाश व उनकी पत्नी के खिलाफ मामला दायर किया। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद मानव इंस्टीट्यूट के चेयरमैन को 75 लाख की रकम दोगुना देने और 2 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद चेयरमैन ने फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की थी। बुधवार को सेशन कोर्ट के फैसले के बाद चेयरमैन चंद्रप्रकाश को जेल भेज दिया, जबकि जबकि उनकी पत्नी को बरी कर दिया।
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