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Hisar News: महंत शुक्राईनाथ तड़के 3 बजे डेरा छोड़ भागे, सामान भी गायब करने का आरोप
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नारनौंद दादा काला पीर मठ में जताई नाथ का स्वागत करते ग्रामीण।
नारनौंद। गांव कोथ कलां स्थित दादा काला पीर डेरे में लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। बरौदा से नवनियुक्त पीर महंत जताईनाथ महाराज गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले तड़के करीब 3 बजे पूर्व महंत शुक्राईनाथ डेरा छोड़कर चले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वह डेरे का लाखों रुपये का सामान भी साथ ले गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार जब सुबह लोग अखंड ज्योत पर माथा टेकने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ज्योत बुझी हुई है और डेरा बंद पड़ा है। सूचना मिलने पर सरपंच महासिंह आर्य मौके पर पहुंचे। गेट पर ताला लगा मिला, जिसे एक व्यक्ति द्वारा चाबी देने पर खोला गया।
जांच में डेरे का अधिकांश सामान गायब था और अखंड ज्योत बंद पड़ी थी। सरपंच ने घर से घी मंगवाकर दोबारा अखंड ज्योत जलवाई। सुरेश कोथ ने बताया कि शुक्राई नाथ ने नाथ संप्रदाय के साधुओं से दो दिन का समय मांगा था, लेकिन वह अचानक रात को डेरा खाली कर चला गया। गौशाला में गायें भूखी-प्यासी मिलीं, जिन्हें ग्रामीणों ने चारा खिलाया।
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इससे पहले तड़के करीब 3 बजे पूर्व महंत शुक्राईनाथ डेरा छोड़कर चले गए। ग्रामीणों का आरोप है कि वह डेरे का लाखों रुपये का सामान भी साथ ले गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार जब सुबह लोग अखंड ज्योत पर माथा टेकने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ज्योत बुझी हुई है और डेरा बंद पड़ा है। सूचना मिलने पर सरपंच महासिंह आर्य मौके पर पहुंचे। गेट पर ताला लगा मिला, जिसे एक व्यक्ति द्वारा चाबी देने पर खोला गया।
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जांच में डेरे का अधिकांश सामान गायब था और अखंड ज्योत बंद पड़ी थी। सरपंच ने घर से घी मंगवाकर दोबारा अखंड ज्योत जलवाई। सुरेश कोथ ने बताया कि शुक्राई नाथ ने नाथ संप्रदाय के साधुओं से दो दिन का समय मांगा था, लेकिन वह अचानक रात को डेरा खाली कर चला गया। गौशाला में गायें भूखी-प्यासी मिलीं, जिन्हें ग्रामीणों ने चारा खिलाया।
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