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Hisar News: रोबोटिक उपकरण से होगी जमीनों की पैमाइश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Sep 2025 10:01 PM IST
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Land measurement will be done with robotic equipment.
पेपर लेस रजिस्ट्री, राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली के शुभारंभ अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्य
फोटो नंबर एचएसआर 23
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- लोगों को अपने कार्यों के लिए राजस्व विभाग और तहसीलों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी

माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री और राजस्व से जुड़ी सभी सेवाओं को कागज रहित, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। डिमार्केशन पोर्टल से जी-रोवर नाम के रोबोटिक उपकरण से जमीनों की पैमाइश होगी। इसके माध्यम से एक हजार रुपये प्रति एकड़ की फीस लगेगी जो पहले 25 से 30 हजार रुपये थी। प्रदेश सरकार की डिजिटल पहल से लोगों को अपने कार्यों के लिए राजस्व विभाग तथा तहसीलों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।


सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के शुभारंभ पर लघु सचिवालय में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में गंगवा ने यह बात कही। इस अवसर पर पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली, डिमार्केशन पोर्टल, व्हाट्सएप चैटबॉट और राजस्व न्यायालय निगरानी प्रणाली के पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। इस दौरान गंगवा ने कहा कि आज से हरियाणा देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां पेपरलेस रजिस्ट्री और रियल-टाइम शिकायत निगरानी व्यवस्था लागू है। पेपर रहित रजिस्ट्री प्रणाली से पारदर्शिता, समयबद्धता सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त भू-मित्र व्हाट्सअप चैटबॉट के माध्यम से जमाबंदी की फर्द लेने के अतिरिक्त कोई भी सूचना प्राप्त करने, शिकायत दर्ज करने तथा अपॉइंटमेंट लेने की प्रक्रिया सरलता से की जा सकेगी। रेवेन्यू कोर्ट सिस्टम को भी डिजिटलाइज किया जा रहा है। इसके माध्यम से राजस्व न्यायालय की निगरानी रखी जाएगी। रजिस्ट्रेशन, नामांतरण, नक्शा पास और शिकायत निवारण जैसी सेवाएं तेज, पारदर्शी और पेपरलेस होंगी। रजिस्ट्री वाले दिन केवल मूल कागज लेकर दफ्तर में एक बार आना होगा, जहां बायोमिट्रिक और हस्ताक्षर की औपचारिकता पूरी होगी। व्हाटसएप चैटबॉट से आवेदन की स्थिति, फीस और शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। इससे समय, मेहनत और बिचौलियों पर होने वाला खर्च बचेगा और रिकाॅर्ड सीधे डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित रहेगा। बैठक में विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व मंत्री डॉ कमल गुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहे।
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