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Hisar News: शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर लाखों खर्च, फिर भी गलियों से कूड़े का उठान नहीं
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बरवाला। पिछले लंबे समय से शहर के विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था की हालत काफी खराब है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि नगर पालिका के स्थायी कर्मचारियों के अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए लाखों रुपये का ठेका दिया जा रहा है। बावजूद इसके शहर की गलियों में कचरे के ढेर लगे हैं।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी कई कई दिनों तक गलियों में सफाई करने नहीं पहुंचते हैं। यदि कभी-कभार गलियों में कचरा एकत्रित कर भी दिया जाता है तो कई दिनों तक उठाया नहीं जाता, जिसके चलते कचरा दोबारा से गलियों में फैल जाता है। समस्या को लेकर जब कर्मचारियों से बात करते हैं या नगर पालिका कार्यालय में जाते हैं तो पहले तो अधिकारी कार्यालय में मिलते ही नहीं हैं। एक आध बार मिल भी जाते हैं तो सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
आरोप है कि लाखों रुपये शहर की सफाई के नाम पर ठेकेदार को दे दिए जाते हैं, लेकिन शहर की सफाई केवल कागजों में हो रही है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गलियों में पड़े कचरे को उठवाया जाए, ताकि लोगों को हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इस ओर सख्त कदम उठाया जाएगा। किसी भी हालत में गलियों में कचरे के ढेर नहीं रहने दिए जाएंगे। -
दीपक झांब, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका
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क्षेत्रवासियों ने बताया कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी कई कई दिनों तक गलियों में सफाई करने नहीं पहुंचते हैं। यदि कभी-कभार गलियों में कचरा एकत्रित कर भी दिया जाता है तो कई दिनों तक उठाया नहीं जाता, जिसके चलते कचरा दोबारा से गलियों में फैल जाता है। समस्या को लेकर जब कर्मचारियों से बात करते हैं या नगर पालिका कार्यालय में जाते हैं तो पहले तो अधिकारी कार्यालय में मिलते ही नहीं हैं। एक आध बार मिल भी जाते हैं तो सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।
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आरोप है कि लाखों रुपये शहर की सफाई के नाम पर ठेकेदार को दे दिए जाते हैं, लेकिन शहर की सफाई केवल कागजों में हो रही है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गलियों में पड़े कचरे को उठवाया जाए, ताकि लोगों को हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इस ओर सख्त कदम उठाया जाएगा। किसी भी हालत में गलियों में कचरे के ढेर नहीं रहने दिए जाएंगे। -
दीपक झांब, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका