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Hisar News: रेलवे-बीएंडआर में तालमेल का अभाव, अंडरपास की दो ड्राइंग बनने का खामियाजा भुगतेंगे सूर्य नगरवासी
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सूर्यनगर का निर्माणाधीन अंडरपास।
हिसार। अंडरपास की दो ड्राइंग बनने व दो अलग-अलग टेंडर लगने का खामियाजा सूर्य नगर की आबादी के साथ राहगीरों को भुगतना पड़ेगा। ड्राइंग तैयार करते समय रेलवे और बीएंडआर विभाग में तालमेल न होने के कारण अब हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर निर्माणाधीन अंडरपास में मोड़ आ गया है। अब बीएंडआर इस समस्या के समाधान के लिए सर्वेयर की मदद लेगा। सर्वेयर अधिकारियों को बताएगा कि किस तरह का मोड़ बनान सुरक्षित रहेगा। उधर, क्षेत्रवासियों की मानें तो अंडरपास में मोड़ आने से इस प्वाइंट पर हादसे की संभावना बनी रहेगी। लोगों का कहना है कि अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर हाेंगे।
बता दें कि सूर्य नगर में हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। 13 अगस्त से अंडरपास के लिए आरसीसी बॉक्स रखने का काम शुरू हुआ था, जो बुधवार को पूरा हुआ। अब आरसीसी बॉक्स के ऊपर स्लैब बनाने व उसे रिटेनिंग वॉल से जोड़ा जाना है।
पार्षद प्रतिनिधि के नेतृत्व में पहुंचे लोग
वीरवार सुबह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार के नेतृत्व में सूर्य नगरवासी निर्माणाधीन अंडरपास पर पहुंचे। यहां रेलवे के एक्सईएन संदीप डांगरा पहले से मौजूद थे। लोगों ने कहा कि अंडरपास को सीधा बनाया जाए। मोड़ के कारण वाहनों को यहां से गुजरने में परेशानी होगी और यहां हादसे की भी संभावना बनी रहेगी। इस पर एक्सईएन ने कहा कि उन्होंने ड्राइंग के अनुसार ही काम किया है। उन्होंने कहा कि अंडरपास में स्पीड ब्रेकर बना दिए जाएंगे ताकि यहां से गुजरते समय वाहनों की गति धीमी रहे। इसी बीच बीएंडआर के एक्सईएन सचिन भाटी व एसडीओ दलबीर राठी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों को अंडरपास की ड्राइंग भी दिखाई और कहा कि अंडरपास में पहले से ही मोड़ दिखाया गया। मगर लोगों की यहीं मांग थी कि अंडरपास को सीधा ही बनाया जाएगा। इस पर रेलवे व बीएंडआर के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से कहा कि वह बैठकर कर फैसला लेते हैं कि इस समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है।
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सर्वेयर की मदद लेने का किया फैसला
इस मामले को लेकर रेलवे व बीएंडआर के एक्सईएन व एसडीओ ने बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने ऑटोकैड पर अंडरपास की ड्राइंग देखी और उस पर विचार विमर्श किया। आखिर में अधिकारियों ने फैसला किया कि इसके लिए सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा। सर्वेयर बताएगा कि ड्राइंग के अनुसार ही कार्य किया गया है या नहीं। इसके अलावा अगर अंडरपास में मोड़ बनाया जाए तो कैसा बनाया जाए। बैठक के बाद बीएंडआर के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को इस फैसले से अवगत करवाया। हालांकि लोगों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
समस्या का वजह
दरअसल इस प्रोजेक्ट के दो अलग-अलग टेंडर किए गए हैं। पहले हुए टेंडर की ड्राइंग भी पहले बनी। वहीं दूसरे टेंडर की ड्राइंग बाद में बनी। गलती यह रही कि दूसरी ड्राइंग तैयार करते समय पहले ड्राइंग को ध्यान में नहीं रखा गया। इस मामले में रेलवे व बीएंडआर के अधिकारी दोनों खुद को सही और एक दूसरे को गलत ठहरा रहे हैं। रेलवे अधिकारी का यहां तक कहना है कि आरसीसी ब्लॉक रखते समय उन्होंने थोड़ा बदलाव कर दिया। उन्होंने आरसीसी ब्लॉक व पिलर के बीच की दूरी को साढ़े मीटर से घटाकर एक मीटर कर दिया, अन्यथा यहां तीव्र मोड़ आता।
हमने ड्राइंग के अनुसार ही रिटेनिंग वॉल बनाई है। अब इसमें मोड़ आ गया है। यह मोड़ या तो एस आकार में बनेगा या तिरछा। इसके लिए सर्वेयर की मदद ली जाएगी कि यहां कैसा मोड़ बनाना ठीक रहेगा। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर
ड्राइंग बनाते समय तालमेल होता तो यह समस्या नहीं आती। हमारा प्रयास यही है कि अंडरपास लोगों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हो और इसके लिए कार्य किया जा रहा है। - संदीप डांगरा, एक्सईएन, रेलवे
प्रोजेक्ट पर एक नजर
ओवरब्रिज की लंबाई : 1185 मीटर
लागत (संशोधित) : 77.36 करोड़ रुपये
डेडलाइन : 31 अक्तूबर, 2023
हिसार-रेवाड़ी अंडरपास की लंबाई : 80 मीटर
हिसार-लुधियाना अंडरपास की लंबाई : 100 मीटर
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बता दें कि सूर्य नगर में हिसार-रेवाड़ी रेलवे ट्रैक पर अंडरपास का निर्माण चल रहा है। 13 अगस्त से अंडरपास के लिए आरसीसी बॉक्स रखने का काम शुरू हुआ था, जो बुधवार को पूरा हुआ। अब आरसीसी बॉक्स के ऊपर स्लैब बनाने व उसे रिटेनिंग वॉल से जोड़ा जाना है।
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पार्षद प्रतिनिधि के नेतृत्व में पहुंचे लोग
वीरवार सुबह वार्ड पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार के नेतृत्व में सूर्य नगरवासी निर्माणाधीन अंडरपास पर पहुंचे। यहां रेलवे के एक्सईएन संदीप डांगरा पहले से मौजूद थे। लोगों ने कहा कि अंडरपास को सीधा बनाया जाए। मोड़ के कारण वाहनों को यहां से गुजरने में परेशानी होगी और यहां हादसे की भी संभावना बनी रहेगी। इस पर एक्सईएन ने कहा कि उन्होंने ड्राइंग के अनुसार ही काम किया है। उन्होंने कहा कि अंडरपास में स्पीड ब्रेकर बना दिए जाएंगे ताकि यहां से गुजरते समय वाहनों की गति धीमी रहे। इसी बीच बीएंडआर के एक्सईएन सचिन भाटी व एसडीओ दलबीर राठी भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों को अंडरपास की ड्राइंग भी दिखाई और कहा कि अंडरपास में पहले से ही मोड़ दिखाया गया। मगर लोगों की यहीं मांग थी कि अंडरपास को सीधा ही बनाया जाएगा। इस पर रेलवे व बीएंडआर के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों से कहा कि वह बैठकर कर फैसला लेते हैं कि इस समस्या का कैसे समाधान किया जा सकता है।
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सर्वेयर की मदद लेने का किया फैसला
इस मामले को लेकर रेलवे व बीएंडआर के एक्सईएन व एसडीओ ने बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने ऑटोकैड पर अंडरपास की ड्राइंग देखी और उस पर विचार विमर्श किया। आखिर में अधिकारियों ने फैसला किया कि इसके लिए सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा। सर्वेयर बताएगा कि ड्राइंग के अनुसार ही कार्य किया गया है या नहीं। इसके अलावा अगर अंडरपास में मोड़ बनाया जाए तो कैसा बनाया जाए। बैठक के बाद बीएंडआर के अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों को इस फैसले से अवगत करवाया। हालांकि लोगों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
समस्या का वजह
दरअसल इस प्रोजेक्ट के दो अलग-अलग टेंडर किए गए हैं। पहले हुए टेंडर की ड्राइंग भी पहले बनी। वहीं दूसरे टेंडर की ड्राइंग बाद में बनी। गलती यह रही कि दूसरी ड्राइंग तैयार करते समय पहले ड्राइंग को ध्यान में नहीं रखा गया। इस मामले में रेलवे व बीएंडआर के अधिकारी दोनों खुद को सही और एक दूसरे को गलत ठहरा रहे हैं। रेलवे अधिकारी का यहां तक कहना है कि आरसीसी ब्लॉक रखते समय उन्होंने थोड़ा बदलाव कर दिया। उन्होंने आरसीसी ब्लॉक व पिलर के बीच की दूरी को साढ़े मीटर से घटाकर एक मीटर कर दिया, अन्यथा यहां तीव्र मोड़ आता।
हमने ड्राइंग के अनुसार ही रिटेनिंग वॉल बनाई है। अब इसमें मोड़ आ गया है। यह मोड़ या तो एस आकार में बनेगा या तिरछा। इसके लिए सर्वेयर की मदद ली जाएगी कि यहां कैसा मोड़ बनाना ठीक रहेगा। - दलबीर राठी, एसडीओ, बीएंडआर
ड्राइंग बनाते समय तालमेल होता तो यह समस्या नहीं आती। हमारा प्रयास यही है कि अंडरपास लोगों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हो और इसके लिए कार्य किया जा रहा है। - संदीप डांगरा, एक्सईएन, रेलवे
प्रोजेक्ट पर एक नजर
ओवरब्रिज की लंबाई : 1185 मीटर
लागत (संशोधित) : 77.36 करोड़ रुपये
डेडलाइन : 31 अक्तूबर, 2023
हिसार-रेवाड़ी अंडरपास की लंबाई : 80 मीटर
हिसार-लुधियाना अंडरपास की लंबाई : 100 मीटर