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एक क्लिक पर यात्रियों को लोकेशन बताने वाली क्योस्क मशीन बंद
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हिसार। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एक क्लिक पर तमाम जानकारी देने वाली क्योस्क मशीन धूल फांक रही है। सवा लाख की लागत से लगाई गई मशीन तीन माह से बंद है। ऐसे में यहां आने वाले यात्रियों को इस मशीन का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। साथ ही जानकारी के अभाव में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार यात्री मशीन को चालू करने की मांग भी कर चुके है, बाजवूद अभी तक मशीन को ठीक नहीं करवाया गया है। उधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि मशीन में कोई फाल्ट मिला तो उसे जल्द ही ठीक करवाया जाएगा।
दरअसल, रेलवे स्टेशन के गेट में एंट्री करने के साथ ही क्योस्क मशीन लगाई गई है, ताकि यात्रियों को प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही सभी जानकारी उपलब्ध हो जाए। इस मशीन से यात्रियों को फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, कैंटीन, किस प्लेटफार्म पर कौन सी ट्रेन आएगी, रिजर्वेशन हुआ है या नहीं, ट्रेन की लोकेशन, शौचालय, वाटर कूलर की लोकेशन पता चलती है। यहां तक कि क्योस्क मशीन के माध्यम से यात्री आसपास क्षेत्र के पर्यटन स्थल के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं मगर पिछले तीन महीने से मशीन बंद होने के कारण यात्रियों को कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
40 ट्रेनें दौड़नी शुरू, फिर भी सुविधा नहीं
कोरोना केस कम होने के बाद रेलवे की उतरी व्यवस्था पटरी पर लौटना शुरू हो गई है। रेलवे ने अधिकतर रूटों पर ट्रेनें चलानी शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से फिलहाल 40 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अब जल्द ही लुधियाना रूट पर बंद पड़ी ट्रेनों का भी संचालन होगा। पहले के मुकाबले यात्रियों की भीड़ भी बढ़ रही है, लेकिन स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों को यहां मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
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ऐसी बात तो नहीं है। क्योस्क मशीन चालू होनी चाहिए। कई बार लाइट जाने के कारण मशीन बंद हो जाती है। उसके बाद इसे दोबारा चालू करना पड़ता है। फिर भी चेक करवाया जाएगा। यदि मशीन काम नहीं कर रही तो उसे ठीक करवाया जाएगा।
- रंजन कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे
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दरअसल, रेलवे स्टेशन के गेट में एंट्री करने के साथ ही क्योस्क मशीन लगाई गई है, ताकि यात्रियों को प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही सभी जानकारी उपलब्ध हो जाए। इस मशीन से यात्रियों को फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, कैंटीन, किस प्लेटफार्म पर कौन सी ट्रेन आएगी, रिजर्वेशन हुआ है या नहीं, ट्रेन की लोकेशन, शौचालय, वाटर कूलर की लोकेशन पता चलती है। यहां तक कि क्योस्क मशीन के माध्यम से यात्री आसपास क्षेत्र के पर्यटन स्थल के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं मगर पिछले तीन महीने से मशीन बंद होने के कारण यात्रियों को कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
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40 ट्रेनें दौड़नी शुरू, फिर भी सुविधा नहीं
कोरोना केस कम होने के बाद रेलवे की उतरी व्यवस्था पटरी पर लौटना शुरू हो गई है। रेलवे ने अधिकतर रूटों पर ट्रेनें चलानी शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से फिलहाल 40 ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। अब जल्द ही लुधियाना रूट पर बंद पड़ी ट्रेनों का भी संचालन होगा। पहले के मुकाबले यात्रियों की भीड़ भी बढ़ रही है, लेकिन स्टेशन पर पहुंचने वाले यात्रियों को यहां मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
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ऐसी बात तो नहीं है। क्योस्क मशीन चालू होनी चाहिए। कई बार लाइट जाने के कारण मशीन बंद हो जाती है। उसके बाद इसे दोबारा चालू करना पड़ता है। फिर भी चेक करवाया जाएगा। यदि मशीन काम नहीं कर रही तो उसे ठीक करवाया जाएगा।
- रंजन कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे