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जजपा विधायक जोगीराम सिहाग ने किया आवास बोर्ड का चेयरमैन बनने से इनकार
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पत्रकारों से बातचीत करते बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग।
- फोटो : Hisar
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हिसार। बरवाला से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के विधायक जोगीराम सिहाग ने हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन पद ग्रहण करने से इनकार कर दिया है। हालांकि उन्होंने यह जिम्मेदारी उन्हें देने पर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री का आभार जताया।
शुक्रवार को उनके सेक्टर-15 स्थित आवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में विधायक जोगीराम सिहाग ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती या फिर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने के लिए कानून नहीं बनाती तब तक वे प्रदेश सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी की गारंटी नहीं मिलेगी तो किसान व मंडियां तबाह हो जाएंगीे। हालांकि जोगीराम सिहाग ने कहा कि वे सरकार से पूर्णरूप से संतुष्ट हैं और उनके हलके में उनकी मर्जी से सभी काम भी हो रहें है, लेकिन वे कृषि कानूनों से संतुष्ट नहीं हैं। इन कृषि कानूनों का असर किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ता पर भी पड़ेगा। खाद्यान्नों के दाम आसमान पर पहुंच जाएंगे। देश में महंगाई व कालाबाजारी का बोलबोला हो जाएगा।
पत्रकारों ने जब विधायक जोगीराम सिहाग से पूछा कि कहीं मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से तो वो नाराज नहीं है तो वो उन्होंने कहा कि वे जननायक जनता पार्टी के सिपाही हैं और किसान हित के लिए ही उन्होंने ऐसा किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि बरवाला हलके की जनता ये चाहेगी कि वे विधायक पद से इस्तीफा दे दें तो वे बिना एक पल गवाएं अपना त्याग पत्र बरवाला की जनता को सौंप देंगे। वे विधायक बाद में, इससे पहले किसान के बेटे हैं। बरोदा उपचुनाव पर विधायक ने कहा कि गठबंधन प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों का हवाला देकर वहां से की जनता से वोट मांगेगा।
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शुक्रवार को उनके सेक्टर-15 स्थित आवास पर आयोजित एक प्रेसवार्ता में विधायक जोगीराम सिहाग ने कहा है कि जब तक केंद्र सरकार किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती या फिर फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने के लिए कानून नहीं बनाती तब तक वे प्रदेश सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी की गारंटी नहीं मिलेगी तो किसान व मंडियां तबाह हो जाएंगीे। हालांकि जोगीराम सिहाग ने कहा कि वे सरकार से पूर्णरूप से संतुष्ट हैं और उनके हलके में उनकी मर्जी से सभी काम भी हो रहें है, लेकिन वे कृषि कानूनों से संतुष्ट नहीं हैं। इन कृषि कानूनों का असर किसानों के साथ-साथ आम उपभोक्ता पर भी पड़ेगा। खाद्यान्नों के दाम आसमान पर पहुंच जाएंगे। देश में महंगाई व कालाबाजारी का बोलबोला हो जाएगा।
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पत्रकारों ने जब विधायक जोगीराम सिहाग से पूछा कि कहीं मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से तो वो नाराज नहीं है तो वो उन्होंने कहा कि वे जननायक जनता पार्टी के सिपाही हैं और किसान हित के लिए ही उन्होंने ऐसा किया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि बरवाला हलके की जनता ये चाहेगी कि वे विधायक पद से इस्तीफा दे दें तो वे बिना एक पल गवाएं अपना त्याग पत्र बरवाला की जनता को सौंप देंगे। वे विधायक बाद में, इससे पहले किसान के बेटे हैं। बरोदा उपचुनाव पर विधायक ने कहा कि गठबंधन प्रदेश में कराए गए विकास कार्यों का हवाला देकर वहां से की जनता से वोट मांगेगा।
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