जाटों की मय्यड़ में श्रद्धांजलि सभा कल
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से 13 सितंबर को शहीदी दिवस पर होने वाली सभा को लेकर पुलिस और प्रशासन मुस्तैद हो गया है। मय्यड़ के जिला खेल स्टेडियम में होने वाली सभा की प्रशासन ने अनुमति दे दी है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पहुंचेंगे। समिति ने इस दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरी तैयारी की है। साथ ही इसी स्थान पर बैठक कर आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति भी बनाई जाएगी। समिति ने एलान किया है कि फिलहाल वे 13 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम को शांतिपूर्वक निपटाएंगे। मौके पर ही आरक्षण को लेकर चलाए जाने वाले आंदोलन की रणनीति पर फैसला भी होगा। समिति तय करेगी कि आखिर इस संघर्ष को किस रूप में लड़ना है।
गांव-गांव जाकर दे रहे निमंत्रण
समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने बताया कि सभा को लेकर पूरी तैयारियां हैं। गांव गांव में जाकर निमंत्रण दिए जा रहे हैं। हमने प्रशासन को भी इस संबंध में पत्र भेजकर अनुमति मांगी है। इसकी अनौपचारिक रूप से एसपी ने फोन पर अनुमति दे दी है। हमारी सभा शांति पूर्ण रहेगी। सभा की तैयारियों को लेकर सोमवार को मय्यड़ स्टेडियम में मीटिंग करेंगे। श्रद्धांजलि सभा में 12 राज्यों के समिति से जुड़े पदाधिकारी आएंगे।
इधर पुलिस अलर्ट
जाटों की मय्यड़ शहीदी सभा को लेकर पुलिस प्रशासन ने रणनीति बना ली है। पुलिस प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी का खाका तैयार कर लिया है। गुप्तचर विभाग कर्मचारी अलग से तैनात किए गए हैं। प्रशासन और पुलिस सभा को लेकर अलर्ट है। पुलिस ने सभा के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभा स्थल के आसपास 1200 अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हैं।
पुलिस लगातार कर रही मॉक ड्रिल
सभा को लेकर पुलिस लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। पुलिस कर्मी नई पुलिस लाइन में भीड़ से निपटने के नुस्खे आजमाने के लिए मॉक ड्रिल कर रहे हैं। पुलिस कर्मी लाठी, वाटर कैनन, ढाल, टियर गैस और अन्य संसाधनों से भीड़ पर नियंत्रण करने और खुद के बचाव के लिए पूर्वाभ्यास कर रहे हैं। पुलिस अधिकारी पूर्वाभ्यास का निरीक्षण कर रहे हैं। पूर्वाभ्यास करने वालों में महिला पुलिस कर्मी भी शामिल हैं। पिछली बार जाट आरक्षण आंदोलन की सुगबुगाहट हुई थी तो पुलिस ने तब भी इसी तरह मॉक ड्रिल की थी।
मय्यड़ रहता है आंदोलन का केंद्र
गांव मय्यड़ जाट आरक्षण आंदोलन का केंद्र बिंदु रहा है। हुड्डा सरकार के दौरान यहीं से जाट आरक्षण की चिंगारी सुलगी थी। जिस आग की लपटें दूर तक फैल गई थी। जाट आरक्षण की मांग को लेकर पहले मय्यड़ में रेलवे ट्रैक कई दिन जाम रखा था, जिसके चलते रेलवे विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। रेलवे को जाम के दौरान रेलगाड़ियों को रूट डायवर्ट करना पड़ा था। इस रूट के यात्रियों को जाम के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा था। बाद में सरकार ने किसी तरह प्रलोभन देकर आंदोलन समाप्त कराया था।
पुलिस ने मय्यड़ सभा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1200 जवानों की ड्यूटी लगाई है। ग्यारह डीएसपी और अन्य अधिकारी भी तैनात रहेंगे। जनता को शांति व्यवस्था बनाए रखने में हमारा सहयोग करना चाहिए। पुलिस हर स्थिति से निपटने में सक्षम है।
- अश्विन शैणवी, जिला पुलिस अधीक्षक, हिसार