फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Jaat reservation agitation on surewala chowk, arrest and release, hisar

सुरेवाला चौक पर धरने पर बैठे जाट नेता, पुलिस ने लिया हिरासत में, बाद में छोड़ा

Sun, 19 Jun 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Sun, 19 Jun 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
Jaat reservation agitation on surewala chowk, arrest and release, hisar
जाट आरक्षण आंदोलन - फोटो : bureau

सुरेवाला चौक पर पहले से ही धरने का एलान कर चुकी अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति सदस्यों को धरना लगाते ही पुलिस ने शनिवार को हिरासत में ले लिया। दिनभर जाट आरक्षण की मांग को लेकर जाट नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच कभी टकराव कभी वार्तालाप की स्थिति रही।

विज्ञापन


पूरे दिन धरने पर बैठे लोगों को बरवाला थाना में बैठाए रखा। आखिर देर शाम को पुलिस की एक बस उन्हें वापस सुरेवाला चौक पर छोड़ आई। जाट नेता वहां उतरने के बाद फिर चौक पर धरने पर बैठ गए। प्रशासन ने फिर उनसे बात की। आखिर बातचीत के दौरान प्रशासन ने उन्हें यहां से धरना उठाने के लिए कहा और रविवार को समिति को धरना लगाने के लिए जगह अलॉट करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समिति ने धरना उठा लिया।
विज्ञापन


यूं चला घटनाक्रम
धरने के एलान पर सुरेवाला चौक पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। अपनी पूर्व घोषणा के आधार पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता जिला परिषद् के पूर्व चेयरमैन अजीत लितानी, अमी सिंह बिठमड़ा, जगवीर कुंडू आदि दो दर्जन लोग सुरेवाला चौक पर पुलिस का घेरा तोड़कर एकबार धरने पर बैठने में सफल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये लोग सुबह 10 बजे पहुंचे और चौक के टोहाना रोड पर बैठ गए। तब चौक पर पुलिस बल काफी संख्या में तैनात थी। कुछ ही देर बाद मौके पर प्रशासनिक अधिकारी महेन्द्र बिश्नोई, एसडीएम पृथ्वी सिंह, बरवाला के तहसीलदार, उकलाना व बरवाला के थाना प्रभारी भी पहुंच गए।

चेतावनी के बाद नहीं उठे तो की पुलिस ने घेराबंदी की
अधिकारी महेंद्र सिंह व एसडीएम ने पुलिस वाहन पर लगे स्पीकर से एनाउंस कर धरनारत लोगों को दो मिनट का समय देकर धरने से उठकर जाने की चेतावनी दी। परंतु उनकी नहीं सुनी गई और सरकार विरोधी नारे नारेबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने इन लोगों की घेराबंदी कर ली।

कुछ देर बाद एसडीएम ने इन लोगों को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लेने की घोषणा की। अजीत लितानी, अमी सिंह, समीर इन्दौरा, नफे सिंह, नरेंद्र घनघस, चंदा राम, बदेवा, सुरेश, कलीराम, रामकुमार, सुशील समेत करीब 25 से 30 लोगों को रोडवेज बस में बैठकर बरवाला थाना ले जाया गया। पूरे दिन उन्हें थाना में ही बैठाया रखा।

आंदोलनकारियों की मांग को देखते हुए रविवार सुबह इनको धरना देने का स्थान उपलब्ध करवा दिया जाएगा। परंतु वह स्थान सुरेवाला चौक नहीं होगा।
- अनिल परूथी, नायब तहसीलदार

शाम को बिना गिरफ्तारी छोड़ा
जिला परिषद् के पूर्व चेयरमैन अजीत लितानी ने प्रशासन पर मनमानी कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमें यह कहा गया था आपको धारा 144 का उल्लघंन करने के आरोप में गिरफ्तार किया जाता है, परंतु शाम को बगैर हमारी गिरफ्तारी रिकॉर्ड में दर्ज किए हमें वापस भेज दिया गया।


या तो हमें गिरफ्तार नहीं करना था और कर ही लिया तो फिर हमें जेल भेजा जाना चाहिए था। अब हमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल परूथी ने धरना देने के लिए रविवार सुबह का समय दिया है, हमें जगह नहीं दी गई तो हम फिर से सुरेवाला चौक पर ही धरना शुरू कर देंगे।
- नरेंद्र घणघस, सचिव जाट समाज जनहित सेवा समिति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed