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हिसार में जाट बोले, शांतिपूर्वक तरीके से जारी रखेंगे आंदोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:45 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : bureau
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आरक्षण की मांग को लेकर जारी जाटों का आंदोलन शुक्रवार को पांचवें दिन भी शांतिपूर्वक तरीके से जारी रहा। वीरवार को भ्याण खाप के प्रतिनिधि समर्थन देने पहुंचे। जाटों ने दोहराया कि 12-13 तक इंतजार करेंगे। सरकार की ओर से सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया गया तो अग्रोहा व उकलाना में धरने बढ़ाने का फैसला लेंगे।
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मय्यड़ गांव के स्टेडियम में शुक्रवार को भी जाट समाज की ओर से धरना दिया गया। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि हम शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार की ओर से 12 -13 जून तक सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो हम जिले में धरने की संख्या बढ़ाने पर फैसला लेंगे।
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क्रमिक अनशन को लेकर भी फैसला लिया जाएगा। शुक्रवार को भ्याण खाप के प्रवक्ता बलवान सिंह सुंडा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने खाप की ओर से आंदोलन को अपना समर्थन दिया। धरना दे रहे जाटों ने प्रदेश सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तरप्रदेश में भी धरने शुरू कर दिए गए हैं। देश भर में शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा। जब तक हमारी मांगों पर सरकार बातचीत नहीं करेगी तब तक विरोध जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से लोगों पर तरह तरह से दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। ओछे हथकंडे अपनाते हुए लोगों को धमकाया जा रहा है। युवाओं को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है।
धरने के लिए अनुमति नहीं ली
डीसी निखिल गजराज ने कहा कि हमने जाट समाज के लोगों को स्टेडियम में धरना देने की कोई अनुमति नहीं दी है। प्रशासन की ओर से नेेशनल हाइवे से दूर दो स्थान सुझाए गए थे। अगर जाट आरक्षण संघर्ष समिति को धरना देना था तो तरीके से आवेदन करके अनुमति लेते।
समिति की ओर से कोई अनुमति का पत्र नहीं आया। धरना बिना अनुमति के चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए तैैयार हैं। हमारे अधिकारी लगातार बातचीत का प्रस्ताव दे रहे हैं। समिति की ओर से अब तक कोई मांगपत्र या ज्ञापन नहीं सौंपा गया।
नुकसान की भरपाई आयोजकों से करेंगे
हिसार। डीसी निखिल गजराज ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार आंदोलनों के दौरान होने वाली सरकारी व निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई इन आंदोलनों के आयोजकों एवं प्रदर्शनकारियों से की जाएगी।
पिछले दिनों फरवरी माह में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिन्होंने आरक्षण आंदोलन की आड़ में नकारात्मक भूमिका/उपद्रव करने का कार्य किया। जिनकी वजह से जिले में जान व माल का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ, उनकी पहचान करके अलग से नोटिस भेजे गए हैं।
आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे आंदोलन के दौरान ऐसा कोई कार्य ना करें, जिससे किसी भी प्रकार की जान व माल का नुकसान न हो। अगर ऐसा करता हुआ कोई पाया गया तो उससे हर्जाना वसूला जाएगा।