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नौ खापों ने मय्यड़ पहुंचकर जाट आंदोलन को दिया समर्थन
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:42 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : bureau
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नौ खापों के प्रधानों और पदाधिकारियों ने बुधवार को जाट आरक्षण आंदोलन के मय्यड़ धरनास्थल पर पहुंचकर जाट आरक्षण समिति के आंदोलन को समर्थन दिया। खापों ने एक संयुक्त बयान में दावा किया कि प्रदेश की सभी खाप आंदोलन में सहयोग करेंगी।
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काजला खाप के प्रदेशाध्यक्ष राजमल काजल, कालीरामण खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष सज्जन सिंह कालीरामण, झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़, सिंहमार खाप के प्रदेशाध्यक्ष धर्मवीर सिंहमार, सर्व बूरा खाप के प्रदेश प्रवक्ता बलवंत सिंह बूरा, खेदड़ पंचग्रामी प्रधान रामनिवास खेदड़, पूनिया खाप उपाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, कुंडू खाप प्रदेश उपाध्यक्ष जगबीर कुंडू, बिठमड़ा समैण खाप के उपाध्यक्ष एवं खाप प्रतिनिधि अमीसिंह बिठमड़ा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने बुधवार को मय्यड़ में धरनास्थल पर पहुंचकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति को समर्थन दिया। खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि जाट समाज का आम आदमी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के हक में है।
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खापों ने प्रदेश के डीजीपी के बयानों को भी असंवैधानिक और राजनीति से प्रेरित बताया। प्रतिनिधियों ने कहा कि देश में ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके तहत अपने हकों के लिए शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन करने वाले युवाओं और पूर्व सैनिकों को सरकारी नौकरी से वंचित किया जा सके। उन्होंने खट्टर सरकार से आग्रह किया कि वह जाट विरोधी रवैये का त्याग करके जाट आरक्षण कानून को संविधान की नौवीं सूची में डालकर मामले को हल करे।
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हम 12-13 के बाद बढ़ाएंगे धरने....
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि हम 12-13 तारीख तक सरकार का इंतजार करेंगे। सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव नहीं आया तो धरनों की संख्या बढ़ाने का फैसला लेंगे। हमारे धरने शांतिपूर्वक तरीके से जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से हर गांव के सरपंच, पंच, नंबरदार, पूर्व सैनिक, कर्मचारी, पूर्व कर्मचारियों को धमकियां दी जा रही हैं। धरने में शामिल होने पर ग्रांट रोके जाने तक की धमकी दे रहे हैं। उत्तरप्रदेश, दिल्ली में भी धरने शुरू हो गए हैं। पूरे देश में आंदोलन चलाएंगे।
शांतिपूर्वक आंदोलन से भी करोड़ों का नुकसान : आईजी
हिसार के आईजी ओपी सिंह ने कहा कि शांतिपूर्वक धरने से भी हरियाणा को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले हिंसक आंदोलन के बाद इस बार आंदोलन की आहट से ही हरियाणा का टूरिज्म पूरी तरह से ठप है। प्रदेश को करोड़ों रुपये पैरा मिलिट्री फोर्स को देने पड़ रहे हैं। विकास के कार्य सड़क, स्कूल पर खर्च किया जाने वाला पैसा सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स पर जा रहा है। लोगों के मन में एक दहशत है।