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Lumpy: लंपी की स्वदेशी वैक्सीन के लिए करना होगा इंतजार, लंपी प्रोवैक आईएनडी अगले साल आएगी बाजार में
Sun, 25 Sep 2022 08:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 25 Sep 2022 08:01 AM IST
सार
बंगलूरू की कंपनी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड को वैक्सीन बनाने का अनुबंध मिला है। कंपनी के तीन विशेषज्ञों ने हिसार के अश्व अनुसंधान केंद्र में आकर प्रशिक्षण लिया है। सरकार से अनुमति समेत अन्य कार्यों में अभी तीन महीने का वक्त लगेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
देश भर में गोवंश के लिए जानलेवा बनी लंपी पॉक्स बीमारी की रोकथाम में कारगर स्वदेशी वैक्सीन लंपी प्रोवैक आईएनडी के उत्पादन का अनुबंध तो बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड को मिल गया है, लेकिन वैक्सीन की बाजार में उपलब्धता अगले साल ही हो पाएगी। कारण यह कि कंपनी के तीन विशेषज्ञों का प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद लाइसेंस के लिए आवेदन व अन्य प्रक्रिया पूर्ण करने में कम से कम तीन माह का वक्त लगेगा।
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लंपी पॉक्स का पहला स्वदेश टीका हिसार के राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन की टीम ने बनाया है। परंतु इसके आपातकालीन प्रयोग की अनुमति नहीं मिली है। इस वैक्सीन के व्यावसायिक उत्पादन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन आने वाली कंपनी ने खुला टेंडर जारी किया था। इसके लिए 81 लाख रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
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बंगुलुरू की कंपनी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड ने शुल्क जमाकर वैक्सीन उत्पादन का अधिकार पाया है। कंपनी के तीन विशेषज्ञों ने हिसार के अश्व अनुसंधान संस्थान में आकर इसका प्रशिक्षण लिया है। अब डॉ. नवीन की टीम बायोटेक कंपनी का दौरा करेगी। इसके बाद वैक्सीन उत्पादन की अनुमति लेनी होगी। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने में कम से कम तीन महीने का वक्त लगेगा।
वैक्सीन इंस्टीच्यूट ने नहीं जमा कराया है पैसा
इस वैक्सीन के उत्पादन के लिए हरियाणा वैक्सीन इंस्टीच्यूट हिसार ने भी आवेदन किया है। परंतु अभी इसके लिए जरूरी 81 लाख रुपये जमा नहीं कराए गए हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन ने बताया कि ओपन टेंडर होने के चलते वैक्सीन इंस्टीच्यूट ने भी आवेदन तो किया है, लेकिन अभी तक पैसा जमा नहीं कराया गया है। इसके अलावा एक और प्राइवेट कंपनी ने आधा पैसा जमा कराया है। एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद उस कंपनी के विशेषज्ञों को भी जल्दी ही ट्रेनिंग के लिए बुलाया जाएगा।