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Hisar News: सस्ते के चक्कर में उद्यमी पंप से खरीद रहे डीजल, जांच के लिए बनाईं चार टीमें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:36 PM IST
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In the pursuit of cheapness, entrepreneurs are buying diesel from the pump; four teams have been formed for investigation
हिसार। इंडस्ट्रीयल डीजल के दाम 109 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने से इंडस्ट्रीज संचालक सीधे आयल कंपनी से खरीदने के बजाए पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं। कई पेट्रोल पंप पर डीजल संकट की सूचना के बाद प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्रीज को बल्क डीजल देने पर रोक लगा दी है। वहीं निगरानी के लिए जिला स्तर पर टीमाें का गठन किया है। पंप संचालकों से रोजाना की आपूर्ति व खपत का ब्योरा भी लिया जाएगा। हिसार में जांच के लिए चार टीमें गठित की गई हैं।
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करीब दो महीने पहले केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रीयल डीजल के रेट में 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जिससे कीमतें बढ़कर 109 रुपये प्रति लीटर हो गई। सस्ते के चक्कर में औद्योगिक इकाइयों के संचालकों ने पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदना शुरू कर दिया। पेट्रोल पंपों पर डीजल खरीद में 7 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के आंकडे़े मिलने पर खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क हुआ। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्यभर में पेट्रोल पंपों से हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) और मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) की असामान्य बिक्री तथा अवैध अंतरराज्यीय ढुलाई पर रोक लगाने के लिए सभी उपायुक्तों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए।
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क्या कहा गया है आदेशों में
30 मई को जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार के संज्ञान में आया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में पेट्रोल पंपों से सीधे बड़ी मात्रा में डीजल और पेट्रोल खरीदा जा रहा है। कुछ बल्क उपभोक्ता, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और परिवहन संचालक तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से सीधे खरीद की निर्धारित व्यवस्था को दरकिनार कर खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़े पैमाने पर खरीद कर रहे हैं। इससे राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ पेट्रोलियम अधिनियम के सुरक्षा प्रावधानों का भी उल्लंघन हो रहा है। इस आदेश के क्रम में हिसार जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक ने हिसार, आदमपुर, उकलाना और बरवाला उपमंडलों में 4 टीमों का गठन किया है जो पेट्रोल, डीजल एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए निगरानी करेंगी।
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इसलिए लेना पड़ा फैसला
तेल कंपनियां बल्क खरीदार को सीधे डीजल की आपूर्ति करती हैं। पंप संचालक को एक लीटर डीजल पर 2.50 रुपये तक कमीशन दिया जाता है। ऑयल कंपनी औद्योगिक इकाइयों को इस कमीशन को काटकर डीजल देती थी। अभी पंपों पर डीजल 96 रुपये प्रति लीटर है और कंपनियां औद्योगिक इकाइयों को 109 रुपये प्रति लीटर में दे रही हैं। भारी बढ़ोतरी होने पर औद्योगिक इकाइयों ने तेल कंपनियों से डीजल सीधा खरीदने की बजाए पंप से खरीदना शुरू कर दिया।

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पेट्रोल पंपों पर स्टॉक व बल्क खरीदारी पर निगरानी के लिए जिले में चार टीमों का गठन किया है। हर पंप संचालक के रिकॉर्ड, खपत-आपूर्ति का ब्योरा लिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।- अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार
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