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Hisar News: हिसार में फुटरोट व मिश्रित संक्रमण से 5 पशुओं की मौत, गांव हरिकोट में पशुपालन विभाग की टीम ने इलाज किया शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:39 PM IST
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In Hisar, 5 animals died due to foot-and-mouth disease and mixed infection; the animal husbandry department team has started treatment in the village of Harikot.
हिसार। गांव हरिकोट में एक सप्ताह में फुटरोट व मिश्रित संक्रमण से 5 पशुओं की मौत हो गई है। सूचना पाकर पशुपालन विभाग की चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंची और बीमारी से पीड़ित पशुओं का इलाज शुरू किया।
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ग्रामीणों का दावा है कि गांव में मुंहखुर रोग फैला हुआ है जिससे एक सप्ताह में करीब 12 पशुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व पशुपालन के विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गांव में स्पेशल टीम भेजी जाए और पशुओं का इलाज किया जाए। साथ ही जिन लोगों के पशुओं की मौत हुई है, उन्हें मुआवजा दिया जाए।
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ग्रामीण राजेश, अमरजीत, अजय, धर्मपाल, गुलाब ने बताया कि हरिकोट में काफी दिनों से मुंह खुर रोग पशुओं में फैला हुआ है। इस बीमारी से एक सप्ताह में करीब 12 पशुओं की मौत हो गई है। इससे पशुपालकों का लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। इस बीमारी से राजेश की भैंस, रसाल की गाय, रमेश की कटड़ी, संदीप के कटड़े, रविंद्र की भैंस, पुष्कर की भैंस, रामकिशन की कटड़ी व डाॅ. मदन की गाय सहित अन्य लोगों के पशुओं की मौत हो चुकी है। इस बारे में पशुपालन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया था। पशु चिकित्सकों की टीम पशुओं को टीके भी लगा कर गई थी। मगर यह बीमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। 22 सितंबर तो एक दिन में गांव में चार पशुओं की मौत हो चुकी है।
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सरपंच के कहने पर गांव में मुंहखुर की वैक्सीन लगाई जा रही है। इन पशुओं को मुंहखुर रोग नहीं बल्कि फुटरोट व मिश्रित संक्रमण की बीमारी है। अगर पशुओं को मुंहखुर होता तो हम उन पशुओं को मुंहखुर की वैक्सीन नहीं लगाते। गांव में सिर्फ 4 से 5 नवजात पशुओं की मौत हुई है, क्योंकि रोग प्रतिरोधी क्षमता कम होती है। दूषित पानी पीने व गंदगी के कारण यह बीमारी होती है। मुंहखुर बीमारी में पशुओं की मौत की संभावना काफी कम होती है।

- डॉ. मितु, पशु चिकित्सक, पशुपालन विभाग।
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गांव में विभाग की टीम भेजी गई थी। टीम ने पशुओं का इलाज शुरू कर दिया है। यह बीमारी मुंहखुर नहीं है।
- डॉ. रविंद्र सहरावत, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग।
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20 से ज्यादा पशुओं की मौत के बाद जागा प्रशासन, नगर निगम ने लोगों से की अपील, गोवंश को न खिलाएं तली वस्तुएं
शहर में हलवा पूरी खाने से 20 से ज्यादा गोवंश की हुई मौतों के बाद प्रशासन जागा है। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे पशुओं को तली हुए वस्तुएं, हलवा-पूरी, मिठाई आदि न खिलाएं। मेयर प्रवीण पोपली व निगमायुक्त नीरज ने कहा है कि इन खाद्य पदार्थों का पशुओं पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। ये उनके पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं और इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जो पशुओं के जीवन को संकट में भी डाल सकती है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे गोवंश को केवल हरा चारा, गुड़ और दाना ही दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि ये आहार गोशालाओं में ही दें। इस पहल से न केवल पशुओं का कल्याण होगा बल्कि शहर की स्वच्छता और सुरक्षा में भी बढ़ोतरी होगी।
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