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पानी की किल्लत थी तो एप्पल बेर लगाए, सालाना कमा रहे सवा चार लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Feb 2022 10:11 PM IST
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If there was a shortage of water, then plant apple plum, earning four and a half lakhs annually
रवि घोड़ेला।
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बालसमंद।
जिले के गांव बालसमंद के किसान जयबीर लौरा अपनी डेढ़ एकड़ जमीन पर एप्पल बेर की कम लागत में खेती करके अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। इन्होंने पारंपरिक खेती को छोड़कर इस खेती की ओर कदम बढ़ाया और आज लाखों रुपये कमा रहे है।
किसान जयवीर ने बताया कि क्षेत्र में पानी की किल्लत होने के बाद पारंपरिक खेती को छोड़ कम पानी की लागत की एप्पल बेर की खेती की। किसान पिछले पांच से अधिक साल से कम लागत में काफी बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं। किसान का कहना है कि उन्होंने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन जमीन पर करीब 348 एप्पल बेर के पौधे लगाए थे। आज सालाना सवा चार लाख रुपये मुनाफा कमा रहे हैं। इस बार खराब मौसम में फाल गिरने से फसल को नुकसान हुआ है अन्यथा छह लाख से अधिक की आय होती। किसान ने बताया कि पौधे लगाने के बाद कीड़े और रोगों से देख-रेख करते रहना चाहिए। बेर बेचने के लिए हिसार और दिल्ली तक जाते हैं। खरपतवार कम होने के कारण निराई की मजदूरी में भी बचत होती है। खरपतवार की खाद और जमीन पर गिरने वाले बेर के खराब होने से भी सुरक्षा मिल जाती है। यानी एक फसल लेने के बाद पौधों पर किसी भी तरह का खर्च नहीं रहता और आप कई साल तक लगातार पौधों से फल ले सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।
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ट्यूबवेल से कर रहे सिंचाई -
किसान जयबीर ने बताया कि क्षेत्र में पानी की कमी के कारण फसल खराब हो जाती थी। कर्ज से बचने के लिए कम पानी की लागत से एप्पल बेर की खेती की। सिंचाई का पूरा पानी नहीं मिल पाया तो ट्यूबवेल से ही सिंचाई करते हैं। बीच में सब्जी की बिजाई करते हैं।
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मंडी ही नहीं दिल्ली तक जाते है बेचने -
किसान जयबीर ने बताया कि बेर बेचने के लिए शहर की मंडी ही नहीं, दिल्ली तक भी जाते है। क्षेत्र के ग्रामीण खेत में आकर बेर लेकर जाते हैं। रेहड़ी लगाकर 50 रुपये किलो तक बेर बेचते हैं।
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