{"_id":"56e0772e4f1c1b72608b4598","slug":"hisar-news-hindi-news-jaat-aarakshan-sangharsh-samiti-hisar","type":"story","status":"publish","title_hn":"14 को धरना देकर सौंपेंगे मांगपत्र, मांग नहीं मानी तो फिर जाएंगे रेलवे ट्रैक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
14 को धरना देकर सौंपेंगे मांगपत्र, मांग नहीं मानी तो फिर जाएंगे रेलवे ट्रैक
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
जाट आरक्षण संघर्ष समिति
- फोटो : bureau
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के हरियाणा प्रभारी सतबीर पूनिया ने कहा कि जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने की हमारी मांग को नहीं माना गया तो हम फिर से रेलवे ट्रैक के साथ पड़ाव डालने को मजबूर होंगे। निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी न किए जाने, निर्दोषों को रिहा करने की मांग को लेकर 14 मार्च को धरना, प्रदर्शन कर डीसी के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजेंगे।
विज्ञापन
जाट धर्मशाला में मीडिया से बातचीत में सतबीर पूनिया ने कहा कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा भाजपा प्रभारी अनिल जैन, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आंदोलन खत्म करने के समय 9 मांगों को माना था। जाट आंदोलन में हुई हिंसा पूरी तरह से प्रायोजित थी।
विज्ञापन
इसकी न्यायिक जांच कराई जाए। दंगों के नाम पर जाटों को बदनाम करने की साजिश रची गई। अब जाट समाज के निर्दोष लोगों को गलत तरीके से गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 35 जातियों के नाम पर भ्रम फैैलाया जा रहा है। केवल तीन जाति सैनी, गुर्जर और अहीर ही जाट आरक्षण का विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
यह तीनों जातियां जाट के समकक्ष हैं। पिछले बीस साल से आरक्षण का ओबीसी में फायदा ले रही हैं। इन जातियों को 11 प्रतिशत आरक्षण मिला हुआ है। देश में 2253 जातियों को आरक्षण मिला हुआ है। केवल जाट का आरक्षण ही क्यों रद्द किया गया।
प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि जाट को ओबीसी में आरक्षण दिया जाए, जिसमें 27 प्रतिशत के दायरे को बढ़ाकर 30 से 35 प्रतिशत किया जा सकता है। आंदोलन में मारे गए युवाओं को नौकरी और मुआवजा दिया जाए। आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस किए जाएं।
किसी भी निर्दोष की गिरफ्तारी न हो। गिरफ्तार किए निर्दोष लोगों को छोड़ा जाए। इन सभी मांगों को लेकर 14 मार्च को प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए डीसी कार्यालय पर डीसी को ज्ञापन देंगे। हमारी मांगों को नहीं माना गया तो हम फिर से रेलवे ट्रैक पर जाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला प्रधान कृष्ण किरमारा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।