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सीएम, चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा को सेक्टरवासियों ने भिजवाए डिमांड नोटिस

Wed, 27 Apr 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार Updated Wed, 27 Apr 2016 12:32 AM IST
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हुडा - फोटो : demo
हुडा सेक्टर्स को नगर निगम के हैंडओवर करने का विरोध कर रहे सेक्टरवासियों ने हुडा के चेयरममैन (सीएम), चीफ एडमिनिस्ट्रेटर हुडा अपर सचिव एवं शहरी विकास विभाग, हुडा प्रशासक हिसार व संपदा अधिकारी को न्यायिक डिमांड नोटिस भिजवाए हैं। इसके साथ सीएम विंडो में शिकायत दर्ज करवाई गई है। सेक्टरवासियों ने ये नोटिस रजिस्टर्ड डाक व ई-मेल के जरिए भिजवाएं हैं।
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एडवोकेट अनिल जलंधरा व त्रिलोक बंसल ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) सेक्टर्स के विकास कार्यों की देखरेख नगर निगम को दिए जाने पर हर तरफ विरोध है। सरकार के इस फैसले से खफा सेक्टर 16-17 व 13 पार्ट टू के 14 प्लॉट / मकान धारकों द्वारा सेक्टर के विकसित नहीं होने के तथ्यों के साथ संयुक्त रूप से हुडा विभाग को एक न्यायिक मांग पत्र भेजा है, जिसमें हुडा सेक्टरों को नगर निगम को सौंपे जाने के सरकारी फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
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दलबीर किरमारा व अनिल जलंधरा ने बताया कि हुडा विभाग ने सेक्टर 16-17 व 13 पार्ट टू को विकसित करने के लिए 441.26 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की थी, जिसमें से करीब दो सौ एकड़ भूमि पर सेक्टरवासियों के लिए पीने के स्वच्छ पानी की आपूर्ति के बूस्टिंग स्टेशन बनाने, बिजली सब डिवीजन, सीनियर सिटीजन क्लब, स्टेडियम, सरकारी अस्पताल, डिस्पेंसरी, हाई स्कूल व कॉलेज, धर्मशाला व पोस्ट ऑफिस सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण होना था, लेकिन सेक्टरवासी आज भी इन सुविधाओं से वंचित हैं। इसी बात को लेकर सेक्टरवासियों की एक याचिका स्थानीय पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट में पहले से ही विचाराधीन है।
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सेक्टर का रिहायशी व कॉमर्शियल एरिया अभी तक केवल 40 से 50 प्रतिशत ही विकसित हो पाया है। ऐसे में हुडा की नियमावली की धारा 92 का सरकार नाजायज इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि जब नगर निगम अपने ही एरिया में सीवरेज, बिजली, पानी व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं देने में विफल साबित हुआ है तो ऐसे में सेक्टरों को निगम में समायोजित करने का कोई भी औचित्य समझ से परे है।

इन लोगों ने भिजवाए नोटिस
एडवोकेट अनिल जलंधरा, दलबीर किरमारा, त्रिलोक बंसल, राजेंद्र जांगड़ा, भगवान सिंह, राजेश कस्वां, उमेश कुमार, बीरमती देवी, देवा सिंह पंघाल, सूबे सिंह लाठर, मुकेश रानी, पृथ्वीराज तनान, कृष्ण कुमार मेहरा व मुल्कराज महता ने डिमांड नोटिस भिजवाए हैं।


हाईकोर्ट में डालेंगे याचिका

संघर्ष कर रहे सेक्टरवासियों ने साफ कहा है कि अगर सरकार इस मामले में अपने कदम वापस नहीं लेती तो वे कोर्ट का सहारा लेंगे। एडवोकेट ने बताया कि वे जल्द ही इस मामले की हाईकोर्ट में याचिका डालेंगे।

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