आईजी ने संभाला कार्यभार बोले, यूथ चार्टर से करेंगे क्राइम कंट्रोल
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उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार में उप-निदेशक, हरियाणा के खेल निदेशक और साउथ रेंज के आईजी रहे। 2014 से अंबाला में पुलिस कमिश्नर थे। वर्ष 2008 में सराहनीय सेवाओं के लिए प्रेजिडेंट मेडल से नवाजे गए। विश्वास जताने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा कि पुलिस पूरी निष्ठा और कुशलता से अपने सुरक्षा संबंधी दायित्वों का निर्वहन करेगी।
अपनी प्राथमिकता गिनाते हुए सिंह ने कहा कि वे तीन बातों पर पूरा जोर लगाएंगे। एक तो हिंसक और पेशेवर अपराधियों को चिह्नित कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए, दूसरा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और तीसरा युवाओं के साथ सलूक अच्छा हो।
यूथ चार्टर बनाया जाएगा
उन्होंने कहा कि थाने, चौकियों एवं पुलिस दफ़्तरों के लिए एक यूथ चार्टर बनाया जाएगा। इससे इस बात पर जोर दिया जाएगा कि सामान्य युवाओं के साथ अच्छा व्यवहार रखा जाए और उनकी जरूरतों एवं समस्याओं का ख्याल रखा जाए। बुरा सलूक और ढीली कार्रवाई भ्रष्टाचार से प्रेरित होती है। आईजी ने कहा कि वह यह तय करेंगे कि जरूरतमंद लोगों के प्रति सहृदयता रखी जाए और आम लोगों के साथ शिष्ट आचरण हो।
मनोबल के लिए होगी जवानों से सीधी बात
पुलिस के मनोबल पर चिंतित दिखे सिंह ने कहा कि अनुशासनात्मक एवं भलाई उपायों के माध्यम से यह तय करेंगे कि हिसार रेंज की पुलिस फाइटिंग फिट रहे। इसके लिए वह जवानों एवं अधिकारियों से सीधे वार्तालाप करेंगे और उनकी समस्याओं का हल निकालेंगे उनकी शंकाओं का निवारण करेंगे।
आईजी ने कहा कि उनकी कोशिश सबको साथ लेकर चलने की होगी, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निदान निकाला जा सके। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि एक सुरक्षित वातावरण देने के लिए उनकी पुलिस जी तोड़ मेहनत करेगी।