फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   hindi story, gju, rat deth, Hisar

कुलपति बोले, पूरे मामले की जांच कराएंगे

Thu, 02 Jun 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार Updated Thu, 02 Jun 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
hindi story, gju, rat deth, Hisar
GJU - फोटो : Bureau
जीजेयू में रिसर्चर चूहों की मौत मामले में जीजेयू प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामला मीडिया तक कैसे पहुंचा, इसको लेकर गुप्त तरीके से पूछताछ की जा रही है। टीचिंग स्टाफ और विद्यार्थी इस मामले पर आपस में बंट गए हैं। दबी जुबान से चूूहों की मौत का कारण एक-दूसरे को बताया जा रहा है। टीचर चूहों की मौत का कारण विद्यार्थियों के आपसी झगड़े को मान रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ विद्यार्थी समय पर एसी ठीक न होने को मौत का कारण मान रहे हैं। पूरा मामला संज्ञान में होते हुए भी विभाग के जिम्मेवार अभी तक उनके पस इस मामले को लेकर शिकायत न होने की बात कह रहे हैं। उन्हें नहीं पता किये रिसर्चर चूहे क्यों, कैसे और कब मरे। हालांकि चूहों की मौत के बाद एनीमल हाउस में एसी ठीक करवाने का काम बुधवार को करवाया गया। वहीं एनीमल हाउस में दो अटेंडेंट की मांग पहले ही की जा चुकी है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि जीजेयू प्रशासन की लापरवाही के कारण एनीमल हाउस में 200 से अधिक चूहों की गर्मी के कारण मौत हो गई थी, जिससे रिसर्चर विद्यार्थियों की रिसर्च अधूरी रह गई है। इनकी मौत अचानक एसी के बंद होने के बाद दोबारा चालू नहीं होने पर हुई थी। इन चूहों को 24 घंटे एक निश्चित तापमान पर रखना पड़ता है। बेहद गर्मी में जरूरी है कि उनके लिए एसी का प्रबंध हो। इसके साथ ही उनके रखरखाव के लिए 24 घंटे अटेंडेंट का रहना जरूरी है। एनीमल हाउस में केवल एक ही अटेंडेंट है, लेकिन वर्तमान में चूहों की देखभाल के लिए जरूरत के मुताबिक तीन अटेंडेंट का होना जरूरी है, ताकि रिसर्चर छात्र अपनी रिसर्च पर फोकस कर सके।
विज्ञापन


मुझे नहीं पता कि हमारे चूहे कब, क्यों और कैसे मरे हैं। मेरे पास ऐसी कोई शिकायत भी नहीं आई है। कोई शिकायत देगा, तभी इस मामले की जांच करेंगे। रही बात अटेंडेंट की तो हमने 10 दिन पहले ही दो अटेंडेंट की मांग की है। एसी ठीक करवाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

डॉ. डीसी भट्ट, चेयरमैन, फार्मास्यूटिकल विभाग


मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जाएगी कि चूहों की मौत कैसे हो गई।
प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलपति, जीजेयू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed