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डाबडा गांव के अवैध कब्जों पर दो जुलाई तक स्टे

Tue, 17 May 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार Updated Tue, 17 May 2016 01:01 AM IST
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village - फोटो : Bureau
गांव डाबड़ा में अवैध कब्जे को लेकर सोमवार को न्यायाधीश मुकेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में गांव डाबड़ा की पंचायत को प्रतिवादी के तौर पर पक्ष रखने पहुंची। जिसमें अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 2 जुलाई को तय की है।
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गांव डाबड़ा में कमल सिंह की ओर से दायर किए गए केस में सोमवार को सुनवाई हुई। न्यायाधीश मुकेश कुमार की अदालत में गांव की पंचायत अपना पक्ष रखने पहुंची।

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इस मामले में गांव की पंचायत, गांव के सरपंच, हरी सिंह तथा सतबीर सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। मामले में अदालत की ओर से नियुक्त लोकल कमीश्नर ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। अदालत में पंचायत की ओर से लिखित जवाब नहीं दिया गया। अदालत ने पंचायत को 2 जुलाई तक जवाब देने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश दिया कि तब तक कब्जे को ध्वस्त न किया जाए।

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इस मामले में केस दायर करने वाले कमल सिंह ने बताया कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। गांव के कुछ लोगों की ओर से नाजायज दवाब बनाया जा रहा है। इन लोगों के पास कोई साक्ष्य नहीं हैं। अगर साक्ष्य होते तो आज अदालत में जवाब देते। हमने अदालत में सभी सबूत सौंपे है। वर्ष 1988 में हमने यह जमीन 1500 रुपये में खरीदी थी। जिस पर तात्कालिक सरपंच के अलावा अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी हैं।

हमारी खरीदी गई जमीन से हमें कैसे हटाया जा सकता है। इन लोगों ने कहा कि पंचायत की ओर से हुक्का पानी बंद कर सामाजिक बहिष्कार का फैसला पूरी तरह से गलत है। यह तुगलकी फरमान है। इस मामले को भी अदालत में लेकर जाएंगे।
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