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सात कारण गिनाते हुए हांसी में शामिल करने का विरोध

Sat, 30 Apr 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला/झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Sat, 30 Apr 2016 01:08 AM IST
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विरोध - फोटो : Bureau
उकलाना बचाओ जन संघर्ष समिति के संयोजक सुरेंद्र लितानी की अध्यक्षता में शुक्रवार को जनप्रतिनिधियों ने डीसी निखिल गजराज को मांगपत्र सौंपकर उकलाना-बरवाला खंड हिसार जिले में ही शामिल रखने की मांग की। इन लोगों ने सात कारण बताते हुए नए प्रस्तावित हांसी जिले में शामिल होने का विरोध किया।
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शुक्रवार को उकलाना बचाओ जन संघर्ष समिति के संयोजक सुरेंद्र लितानी की अध्यक्षता में समिति सदस्य उकलाना-बरवाला को हांसी जिले में शामिल करने के विरोध में हिसार के लघु सचिवालय पहुंचे। समिति के सदस्यों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन लोगों ने कहा कि किसी भी कीमत पर हांसी जिले में शामिल नहीं होंगे। सुरेंद्र लितानी ने कहा कि प्रस्तावित हांसी जिले में उकलाना व बरवाला खंड को उसमें शामिल करने का प्रस्ताव है। सरकार के इस प्रस्ताव से दोनों खंडों की जनता में भारी रोष है। उकलाना-बरवाला खंडों के ग्राम पंचायत, जिला परिषद सदस्य, ब्लाक समिति सदस्य, नगरपालिका सदस्य और क्षेत्र के सभी राजनीतिक, धार्मिक व सामाजिक संगठनों के सदस्य एकजुट हैं।
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हांसी में शामिल न होने के कारण
1. उकलाना से हिसार की दूरी 45 किलोमीटर है, जबकि हांसी की दूरी 60 किलोमीटर है।
3. उकलाना से हिसार जाने लिए बसों की सीधी सुविधा है। हांसी के सीधी सुविधा नहीं है। बरवाला जिला बना दे सरकार।
2. उकलाना से हिसार रेल से आने पर 15 रुपये किराया है। हांसी तक रेल सुविधा नहीं।
4. उकलाना पहले हांसी उपमंडल में था। जनता की समस्याओं को देखकर इसे हिसार में जोड़ा गया था।
5. उकलाना की संस्कृति हांसी की बजाय हिसार से ज्यादा मेल खाती है।
6. शैक्षणिक रूप से उकलाना का जुड़ाव हिसार से है।
7. जिला बदलने से उकलाना-बरवाला में हजारों लोगों का कारोबार प्रभावित हो जाएगा।

बड़ा आंदोलन करने को होंगे मजबूर
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमें प्रस्तावित नए जिले हांसी में शामिल होने पर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उकलाना-बरवाला की जनता का हित हिसार जिले में शामिल रहने में है। अगर सरकार ने जनता की भावनाओं के खिलाफ चलते हुए उकलाना-बरवाला को प्रस्तावित नए जिले हांसी में शामिल करने का प्रयास किया तो दोनों खंडों की जनता एक बड़ा जन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। सरकार उकलाना व बरवाला की जनता का हित ही करना चाहती है तो बरवाला को जिले का दर्जा देने का काम करें।
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मौके पर ये रहे मौजूद.......

इस मौके पर बरवाला से इनेलो विधायक अनूप धानक, उकलाना के पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, इनेलो जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी, पार्षद बलजीत, चेयरमैन समीर इंदौरा, सत्यभूषण बिंदल, रामचंद्र, कर्मकेश कुंडू, सुंदर बंसल, बसाऊ राम, बीरबल लांबा, नरेंद्र घनघस, रोशन, ओमप्रकाश दनौदा, राजेश, संदीप, बलबीर, रामकुमार, रिशाल, विभिन्न गांवों के सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों के सदस्य मौजूद थे।

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