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Hisar News: 200 बेड के जिला अस्पताल में हार्ट, न्यूरो व बर्न स्पेशलिस्ट न ही दवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2022 04:30 AM IST
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Heart, neuro and burn specialist nor medicine in 200 bed district hospital
हिसार। प्रदेश सरकार जिलों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को हर प्रकार की सुविधा देने का दम भर रही है, लेकिन हिसार जिले के सबसे बड़े 200 बेड के नागरिक अस्पताल की बात करें तो 65 साल बीत जाने के बाद भी मरीजों को हार्ट, न्यूरो और बर्न स्पेशलिस्ट की सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसे में मरीजों को मेडिकल कॉलेज अग्रोहा या रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता है। वहीं अस्पताल परिसर में कई दिनों से दवाइयों का टोटा चल रहा है। मुफ्त में मिलने वाली दवाइयों के लिए भी मरीजों को अपनी जेब खाली करनी पड़ रही है। जिले में चिकित्सकों के 258 पद स्वीकृत है जिन पर 178 चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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नहीं शुरू हो पाई टीएमटी मशीन
जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर में हार्ट, न्यूरो और बर्न के केस आते हैं। आपातकालीन कक्ष में ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें रेफर कर दिया जाता है। आए दिन सड़क हादसे होते हैं और लोगों के सिर पर भी चोट लगती है, लेकिन यहां पर न्यूरो सर्जन न होने से उन्हें रेफर किया जाता है। करीब चार साल पहले अस्पताल में टीएमटी मशीन आई थी, लेकिन अभी तक यह मशीन शुरू नहीं हो पाई है। दिल की फिटनेस जानने के लिए ईसीजी और ईको टेस्ट भी होता है। टीएमटी यानी ट्रेडमिल टेस्ट के जरिये मशीन पर मरीज को दौड़ाकर उसके दिल पर दबाव दिया जाता है। इससे उसका स्टेमिना और हार्ट पंप कितनी तेजी से काम कर रहा है का पता चलता है। इसकी रिपोर्ट से पता लगा सकते हैं कि हार्ट अटैक का कितना रिस्क है। उसके अनुसार ही उपचार किया जाता है। हर रोज दिल से संबंधी बीमारी के करीब 20 मरीज अस्पताल में आते हैं।
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नहीं मिल रहीं दवाइयां
अस्पताल परिसर में काफी समय से दवाइयों का टोटा चल रहा है। मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। सुबह लाइन में लगने के दो से तीन घंटे बाद जब दवा लेने के लिए डिस्पेंसरी में जाते हैं तो जवाब मिलता है कि ये दवाइयां खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। जानकारी के अनुसार डिस्पेंसरी में चर्म रोग की दवा, आंखों की दवा, खांसी, जुकाम, दौरे की दवा, गले की दवाइयां आदि मरीजों को नहीं मिल रही।
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मरीजों की परेशानी
जवाहर नगर के रहने वाले विजय कुमार ने बताया कि सीने में दर्द होने पर नागरिक अस्पताल गया था। फिजिशियन ने जांच करने के बाद कुछ टेस्ट लिख दिए। टेस्ट और ईसीजी करवाने के बाद बीमारी पकड़ में नहीं आई। हार्ट स्पेशलिस्ट न होने के कारण निजी अस्पताल में चेकअप करवाना पड़ा। चिकित्सक ने तीन दवाइयां लिखी थी, जिसमें से दो ही मिलीं।
ऋषि नगर निवासी सुुुभाष ने बताया कि दो तीन दिन पहले एक परिचित सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में भर्ती किया। उनके सिर में चोट लगी थी। यहां के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया लेकिन न्यूरो सर्जन न होने कारण मरीज को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

दवाइयों के लिए टेंडर किए हुए हैं। कई दवाइयां पहुंच चुकी हैं, बाकी जल्द आ जाएंगी। टीएमटी मशीन जल्द शुरू कर दी जाएगी। चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है।
- डॉ. रत्ना भारती, पीएमओ, नागरिक अस्पताल

हिसार सामान्य अस्पताल में मरीजों की लगी भारी भीड़ नहीं मिल पा रहा समय पर इलाज। संवाद

हिसार सामान्य अस्पताल में मरीजों की लगी भारी भीड़ नहीं मिल पा रहा समय पर इलाज। संवाद- फोटो : Hisar

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