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Hisar News: एचएयू के विद्यार्थी फिर लामबंद, केस रद्द करने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम
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हिसार के एचएयू गेट नंबर चार के सामने उपस्थित विद्यार्थियों व अन्य लोगों को संबोधित करते कांग
हिसार। चौधरी चरण सिंह चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विवि. प्रशासन के खिलाफ फिर से लामबंद हो गए हैं। विद्यार्थियों ने समझौते के 40 दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर रद्द नहीं करने पर मंगलवार शाम 4 बजे गेट नंबर चार पर सांकेतिक धरना दिया है। छात्रों ने विवि प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देते हुए 20 अगस्त को गेट नंबर 4 पर फिर से धरना देने की चेतावनी दी।
विद्यार्थियों ने नलवा विधायक रणधीर पनिहार पर बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पनिहार ने भरोसा दिया था कि 20 दिन में जांच कमेटी बना दी जाएगी। उन्होंने मीडिया के समक्ष भी इस बयान को दोहराया था। आज 40 दिन बीत जाने के बाद भी कमेटी नहीं बनाई जा रही है। कमेटी के लिए हम रिटायर्ड प्रोफेसर के नाम दे रहे हैं, लेकिन इन्हें स्वीकार नहीं कर वर्तमान प्रोफेसर के नाम देने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों ने सवाल किया कि कोई कर्मचारी अपने कुलपति के खिलाफ जांच कैसे कर सकता है। वह अधिकारी की रिपोर्ट कैसे दे सकता है। प्रोफेसर अपने सहयोगी प्रोफेसर के खिलाफ कैसे रिपोर्ट देंगे। रिटायर्ड प्रोफेसर ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सकते हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि उन पर दर्ज की गई एफआईआर अब तक रद्द नहीं की गई है। सात दिन में हमारी मांगों को नहीं माना गया तो 20 अगस्त को फिर से धरना देंगे। इस बार अपनी कमेटी में किसान नेताओं को भी शामिल करेंगे। उमेद लोहान, साहिलदीप कस्वां, अनिल मान, किसान नेता शमशेर नंबरदार, दलबीर किरमारा भी धरने को समर्थन देने पहुंचे। गौरतलब है कि वजीफा नियमों में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एचएयू के सुरक्षाकर्मियों, सुरक्षा प्रभारी और एक प्रोफेसर ने लाठीचार्ज किया था। इससे छह छात्रों को चोटें आई थीं। इसके विरोध में छात्रों ने धरना दिया था। सुरक्षा कर्मियों, सुरक्षा प्रभारी और एक प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, वहीं विवि प्रशासन ने 20 से अधिक छात्रों पर एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। विधायक रणधीर पनिहार ने मध्यस्थता कर धरना समाप्त करवाया था। उन्होंने सभी छात्रों से केस वापस लेने और कमेटी बनाकर उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया था।
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विद्यार्थियों ने नलवा विधायक रणधीर पनिहार पर बरगलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पनिहार ने भरोसा दिया था कि 20 दिन में जांच कमेटी बना दी जाएगी। उन्होंने मीडिया के समक्ष भी इस बयान को दोहराया था। आज 40 दिन बीत जाने के बाद भी कमेटी नहीं बनाई जा रही है। कमेटी के लिए हम रिटायर्ड प्रोफेसर के नाम दे रहे हैं, लेकिन इन्हें स्वीकार नहीं कर वर्तमान प्रोफेसर के नाम देने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों ने सवाल किया कि कोई कर्मचारी अपने कुलपति के खिलाफ जांच कैसे कर सकता है। वह अधिकारी की रिपोर्ट कैसे दे सकता है। प्रोफेसर अपने सहयोगी प्रोफेसर के खिलाफ कैसे रिपोर्ट देंगे। रिटायर्ड प्रोफेसर ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर सकते हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि उन पर दर्ज की गई एफआईआर अब तक रद्द नहीं की गई है। सात दिन में हमारी मांगों को नहीं माना गया तो 20 अगस्त को फिर से धरना देंगे। इस बार अपनी कमेटी में किसान नेताओं को भी शामिल करेंगे। उमेद लोहान, साहिलदीप कस्वां, अनिल मान, किसान नेता शमशेर नंबरदार, दलबीर किरमारा भी धरने को समर्थन देने पहुंचे। गौरतलब है कि वजीफा नियमों में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर एचएयू के सुरक्षाकर्मियों, सुरक्षा प्रभारी और एक प्रोफेसर ने लाठीचार्ज किया था। इससे छह छात्रों को चोटें आई थीं। इसके विरोध में छात्रों ने धरना दिया था। सुरक्षा कर्मियों, सुरक्षा प्रभारी और एक प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था, वहीं विवि प्रशासन ने 20 से अधिक छात्रों पर एफआईआर भी दर्ज करवाई थी। विधायक रणधीर पनिहार ने मध्यस्थता कर धरना समाप्त करवाया था। उन्होंने सभी छात्रों से केस वापस लेने और कमेटी बनाकर उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया था।
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