फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Haryana Congress First woman state president Kumari Selja could not complete her term

हरियाणा: प्रदेश कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष कुमारी सैलजा कार्यकाल नहीं कर सकीं पूरा, बोलीं- बदलाव नहीं होंगे तो सुधार कैसे होगा

Thu, 28 Apr 2022 01:44 AM IST
भूपेंद्र सिंह सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
सुरेंद्र दलाल, अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 28 Apr 2022 01:44 AM IST
सार

कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा हिसार के हांसी में बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंची थी। उन्होंने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष का समय तय होना चाहिए, बदलाव नहीं होंगे तो सुधार कैसे होगा।

विज्ञापन
Haryana Congress First woman state president Kumari Selja could not complete her term
कुमारी शैलजा। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)

विस्तार

हरियाणा प्रदेश की पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकीं। कुमारी सैलजा प्रदेश की ऐसी पहली प्रदेशाध्यक्ष हैं, जिनके पिता भी यह पद संभाल चुके हैं। कांग्रेस के संविधान के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। सैलजा का तीन साल का कार्यकाल सितंबर 2022 में पूरा होना था।

विज्ञापन


कांग्रेस के नए संगठन में पुराने हिसार जिले की अनदेखी हुई है। इसमें हिसार, सिरसा, फतेहाबाद को कोई स्थान नहीं मिला। पिछले लगभग आठ साल से हिसार-सिरसा जिले के पास प्रदेशाध्यक्ष की कमान रही है। वर्ष 2014 में अशोक तंवर को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया था। इनके बाद वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव से ऐन पहले सितंबर 2022 में कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
विज्ञापन


हिसार से कुलदीप बिश्नोई प्रदेशाध्यक्ष के लिए लगातार लाबिंग कर रहे थे। वह पिछले एक महीने में दो बार सोनिया गांधी से मिले, तो काफी उत्साहित नजर आ रहे थे। इसके बाद उनके समर्थक प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की उम्मीद जता रहे थे, लेकिन उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष पद भी नहीं दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 1990 में महिला कांग्रेस अध्यक्ष बन शुरू किया राजनीतिक जीवन 
सैलजा का जन्म 24 सितंबर 1962 को हिसार जिले के गांव प्रभुवाला में हुआ था। सैलजा की प्राथमिक शिक्षा नई दिल्ली के जीसस सेंट मेरी स्कूल में हुई। वह पंजाब विश्वविद्यालय से एमफिल (दर्शनशास्त्र में परास्नातक) हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1990 में महिला कांग्रेस की अध्यक्ष बनने से की। वह दो बार सिरसा व दो बार अंबाला से सांसद रही हैं। 2014 से वर्ष 2020 तक राज्यसभा सदस्य भी रह चुकी हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में अंबाला लोकसभा से चुनाव हार गई थी। वह यूपीए की दोनों सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुकी हैं। उनके पिता चौधरी दलबीर सिंह भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। वे 1978 से 1980 तक प्रदेशाध्यक्ष रहे थे। उनके पिता भी केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। 

कभी विवादास्पद बयान नहीं दिए
कुमारी सैलजा ने कभी विवादास्पद बयान नहीं दिया। वह हमेशा नपे तुले शब्दों में ही अपनी बात रखती हैं। करीब ढाई साल प्रदेशाध्यक्ष रहीं। इस कार्यकाल में संगठन या पार्टी नेताओं को लेकर ऐसा कोई भाषण या बयान नहीं दिया। उनके विपक्षी उन पर कटाक्ष करते रहे, लेकिन उन्होंने पलटकर हमला नहीं किया। वह मीडिया के सवालों का जवाब काफी सतर्कता से देती हैं। 

मुझ में कांग्रेसी खून है, मेरी सोनिया गांधी से क्या बात हुई यह बाहर नहीं बता सकती
समय के साथ संगठन में बदलाव होने चाहिए। बदलाव नहीं होगा तो सुधार कैसे होगा। प्रदेशाध्यक्ष का समय तय होना चाहिए। मुझ में कांग्रेसी खून है। मेरी सोनिया गांधी से क्या बात हुई यह बाहर नहीं बता सकती। यह कहना है कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा का। 

वह बुधवार को हांसी बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में पहुंचीं। कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि करीब ढाई साल पहले आलाकमान ने मुझे प्रदेशाध्यक्ष बनाया था। आलाकमान की ओर से मुझ पर जो भरोसा जताया गया उसके लिए हमेशा आभारी रहूंगी। कांग्रेस में हुए बदलाव के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी फैसला हाईकमान करता है। वह सभी को मानना होता है। सभी को मानना ही चाहिए। मैं कांग्रेस की सिपाही हूं और कांग्रेस की निरंतर सेवा करती रहूंगी। 


कांग्रेस में नहीं गुटबाजी
उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष के पद को चुनावी परिणाम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सैलजा ने कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हम सभी पार्टी के लिए काम करते हैं। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से मिलती रही हूं, आगे भी मिलती रहूंगी। उनसे मेरी क्या बातचीत हुई यह पार्टी की अंदरूनी बात है। जिसे बाहर नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेशाध्यक्ष का समय तय होना चाहिए। कई बार प्रदेशाध्यक्ष कई कई साल तक रह जाते हैं। कई बार कुछ लोग लगातार अध्यक्ष रह जाते हैं।। मैं नवनियुक्त अध्यक्ष उदयभान व चारों कार्यकारी अध्यक्षों को बधाई देती हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed