चार्ज संभालते ही डीन ने सीएसई की 10 साल पुरानी रिसर्च लैब की डिस्मेंटल
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जीजेयू में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) डिपार्टमेंट में फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के नए डीन योगेश छाबा ने नए डीन का चार्ज संभालते ही दस साल पुरानी इंस्ट्रूमेंटेशन एंड मोबाइल कम्युनिकेशन लैब को डिस्मेंटल कर दिया। लैब में रखे रिसर्च के सामान को उन्होंने लैब रूम नंबर 115 से उठवाकर 218 नंबर में शिफ्ट करवा दिया। लैब को डिस्मेंटल करने से पहले न रजिस्ट्रार के संज्ञान में मामला लाया गया और न ही चेयरपर्सन के। डीन की इस तरह मुख्य लैब को डिस्मेंटल करने के मामले को लेकर डिपार्टमेंट में विवाद खड़ा हो गया है। मामले की शिकायत वीसी व रजिस्ट्रार तक पहुंच गई है। वीसी ने तुरंत प्रभाव से मौका मुआयना कर डीन को दोबारा लैब वहीं री स्टोर करने के आदेश दिए हैं मगर डीन हैं कि उनके आदेशों को भी नहीं मान रहे।
7 को किए गए थे डीन नियुक्त, 8 को ही कर दी लैब डिस्मेंटल
प्रोफेसर योगेश छाबा को 7 मार्च को ही फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी का डीन नियुक्त किया गया था। हालांकि वे पहले से लैब के इंचार्ज भी रहे हैं। इस रिसर्च लैब में महंगा फर्नीचर व लैब के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया हुआ था। डीन ने आते ही इस लैब को 218 में साधारण और छोटे रूम में शिफ्ट कर दिया। कंप्यूटर इत्यादि व लैब के एनवायरमेंट को ठीक रखने के लिए इसमें दो एसी भी लगाए गए थे, जबकि अब पूरे लैब के सामान को बिना वातानुकूलित रूम में रखवा दिया गया है।
रिसर्च लैब के सहारे मिले हैं 67 लाख का प्रोजेक्ट
रिसर्च लैब के सहारे यूनिवर्सिटी के सीएसई डिपार्टमेंट को यूजीसी स्पेशल एसिस्टेंस प्रोग्राम (सैप टू) से 67 लाख रुपये की ग्रांट मिली है। यानी इस लैब की महत्ता है। इस प्रोजेक्ट के लिए समय 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2021 तक है। लैब में लगभग रिसर्च से संबंधित स्टूडेंट ही बैठकर काम करते हैं। इस तरह के प्रोजेक्ट लैब रिसोर्सेज के सहारे ही मिलते हैं।
जहां तक लैब की बात है अभी तक री स्टोर नहीं हुई है। लैब री स्टोर करने के लिए वीसी साहब आदेश कर चुके हैं। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना।
- प्रदीप भाटिया, चेयरपर्सन, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट
मैं लेटर दे चुका हूं। मैं 115 नंबर रूम को ऑफिस बनाने के लिए इच्छुक नहीं हूं। वीसी साहब ने ऑर्डर रिवाइज कर दिए थे। 15 अप्रैल तक लैब को यथास्थिति रखने के आदेश हैं। जैसे ही नए आदेश होंगे मैं एक दिन के अंदर अंदर लैब को रीस्टोर कर दूंगा।
- योगेश छाबा, डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी