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अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर का भी टोटा

Fri, 28 May 2021 01:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 28 May 2021 01:01 AM IST
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Frontline warriors also get PPE kits, masks, sanitizer totes
हिसार। कोरोना महामारी में सबसे अग्रिम पंक्ति में ड्यूटी दे रहे एमपीएचई और आशा वर्कर्स को सुविधाएं तो छोड़िए सुरक्षा किट तक नहीं मिल पा रही। यह लोग फिलहाल गांवों में डोर टू डोर सर्वे में लगाए गए हैं। कोरोना संक्रमित के होम आइसोलेशन में उनको दवा वितरण में भी इन स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है। जहां संक्रमण का सबसे अधिक खतरा है। ये फ्रंट लाइन वर्कर्स बिना हथियारों के ही लड़ रहे हैं। इन लोगों को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर की किल्लत है। कोरोना योद्धाओं की सूची से भी बाहर हैं। इनको बीमा कवर भी नहीं दिया गया है।
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फ्रंट लाइन के तौर काम करते हुए 250 एमपीएचई व 52 आशा वर्कर कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं। इनमें अभी तक गांव स्याहड़वा के उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एमपीएचई वर्कर कृष्ण की कोरोना की चपेट में आने के कारण मौत हो चुकी है। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर विरोध जताया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा किट उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों फ्रंट लाइन वर्कर्स को किट की सुविधा अभी भी नहीं दी है। इस कारण दोनों फ्रंटलाइन वर्कर्स पर कोरोना का साया मंडरा रहा है। फ्रंटलाइन वर्कर्स को बीमा की सुविधा देने की मांग की गई थी। इन दोनों केटेगिरी को स्वास्थ्य बीमा योजना में शामिल नहीं किया गया है।
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दवाइयां पहुंची लेकिन नहीं मिली किट
कोरोना की लहर में जिले में कुल 650 एमपीएचई फ्रंट लाइन वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं। कोरोना की चपेट में एक कर्मचारी की मौत हो चुकी है। 250 से अधिक कर्मचारी कोरोना की गिरफ्त में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके लिए दवाइयां जरूर भेजी गई है। पूरी किट अब भी उपलब्ध नहीं है। बीमा कवर में हमें शामिल नहीं किया गया है।
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अनिल कुमार, जिला प्रधान, एमपीएचई एसोसिएशन, हिसार
न तो मिली किट, न सैनिटाइजर और मास्क
जिले में 1319 आशा वर्कर कोरोना में ड्यूटी दे रही है। उन्हें न तो पूरी किट दी गई, ना ही सैनिटाइजर और ना ही मास्क दिए गए हैं। आशा वर्करों पर कोरोना का संक्रमण का खतरा रहता है। 24 मई को सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना देकर आशा वर्करों ने 50 लाख का इंश्योरेंस और सुरक्षात्मक किट देने के लिए ज्ञापन दिया था। अभी तक न तो इंश्योरेंस मिला और ना ही सुरक्षात्मक किट।

सीमा, जिला प्रधान, आशा वर्कर एसोसिएशन, हिसार।
आशा वर्करों के लिए उनकी पीएचसी और सीएचसी में सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था की गई है। जिले में अभी तक करोना के कारण किसी भी आशा वर्कर की मौत नहीं हुई है।
- जगत बिसला, जिला आशा को-ऑर्डिनेटर, हिसार।
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