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ट्रेन की चपेट में आने से पांच गायों की मौत
भिवानी/ब्यूरो।
Updated Sun, 15 Dec 2013 10:07 PM IST
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हरियाणा में भिवानी के गांव खरक के पास कलिंगा रेलवे क्रॉसिंग पर शनिवार देर रात ट्रेन की चपेट में आने से पांच गायों की मौत हो गई।
रविवार सुबह गोभक्तों ने गायों का अंतिम संस्कार किया। मौके पर रेलवे प्रशासन और पंचायत सदस्यों के न पहुंचने से गुस्साए लोगों ने नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात आठ बजे दिल्ली से भिवानी आने वाली डीआरबी गाड़ी की चपेट में आने से पांच गायों की मौत हो गई।
खेतों में सिंचाई कर रहे किसान बंटी ने बताया कि गाड़ी जैसे ही कलिंगा खरक स्टेशन से कलिगां फाटक के पास पहुंची तो लगभग 50 गायों का एक झुंड रेलवे लाइन को पार कर रहा था।
ट्रेन के चालक ने गायों को देखकर गाड़ी की स्पीड कम कर दी और हॉर्न भी बजाया लेकिन पांच गायें ट्रेन की चपेट में आ गईं।
घटना का पता चलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।
गोभक्त बीडीसी डैनी, बंटी, कुलदीप यादव, सुग्रीव, ओमबीर, विक्की, विरेंद्र, कृष्ण, पवन, राजेश, लव, राणा, वासुदेव, बिट्टु, संजय शर्मा, सुरेश शर्मा की मदद से गायों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
रेलवे प्रशासन या ग्राम पंचायत के किसी भी सदस्य के न पहुंचने पर गोभक्तों ने प्रशासन और पंचायत के खिलाफ नारेबाजी की।
गोभक्तों ने कहा कि कई बार गोशाला प्रबंधन को लावारिस गायों को गोशाला में रखने का आग्रह किया जा चुका है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई।
गोशाला प्रधान, महासचिव बजरंग व सरपंच जयसिंह ने गोभक्तों को कहा कि फिलहाल गोशाला में 600 गाय हैं लेकिन उनके पास फिलहाल उनकी देखभाल के लिए पैसे की कमी है। पिछले साल हलके के सांसद ने गोशाला के लिए 11 लाख और भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ ने पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन अब तक पैसे नहीं भेजे गए।
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उन्होंने गोभक्तों से चंदा एकत्रित करने की अपील की और आश्वासन दिया कि एक माह में लावारिस गायों को पकड़कर गोशाला में रखवा दिया जाएगा।
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रविवार सुबह गोभक्तों ने गायों का अंतिम संस्कार किया। मौके पर रेलवे प्रशासन और पंचायत सदस्यों के न पहुंचने से गुस्साए लोगों ने नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार शनिवार रात आठ बजे दिल्ली से भिवानी आने वाली डीआरबी गाड़ी की चपेट में आने से पांच गायों की मौत हो गई।
खेतों में सिंचाई कर रहे किसान बंटी ने बताया कि गाड़ी जैसे ही कलिंगा खरक स्टेशन से कलिगां फाटक के पास पहुंची तो लगभग 50 गायों का एक झुंड रेलवे लाइन को पार कर रहा था।
ट्रेन के चालक ने गायों को देखकर गाड़ी की स्पीड कम कर दी और हॉर्न भी बजाया लेकिन पांच गायें ट्रेन की चपेट में आ गईं।
घटना का पता चलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।
गोभक्त बीडीसी डैनी, बंटी, कुलदीप यादव, सुग्रीव, ओमबीर, विक्की, विरेंद्र, कृष्ण, पवन, राजेश, लव, राणा, वासुदेव, बिट्टु, संजय शर्मा, सुरेश शर्मा की मदद से गायों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
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रेलवे प्रशासन या ग्राम पंचायत के किसी भी सदस्य के न पहुंचने पर गोभक्तों ने प्रशासन और पंचायत के खिलाफ नारेबाजी की।
गोभक्तों ने कहा कि कई बार गोशाला प्रबंधन को लावारिस गायों को गोशाला में रखने का आग्रह किया जा चुका है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई।
गोशाला प्रधान, महासचिव बजरंग व सरपंच जयसिंह ने गोभक्तों को कहा कि फिलहाल गोशाला में 600 गाय हैं लेकिन उनके पास फिलहाल उनकी देखभाल के लिए पैसे की कमी है। पिछले साल हलके के सांसद ने गोशाला के लिए 11 लाख और भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ ने पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन अब तक पैसे नहीं भेजे गए।
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उन्होंने गोभक्तों से चंदा एकत्रित करने की अपील की और आश्वासन दिया कि एक माह में लावारिस गायों को पकड़कर गोशाला में रखवा दिया जाएगा।