{"_id":"6643e05f400ef4b9c9035cc4","slug":"fire-breaks-out-in-cotton-warehouse-in-dcm-mill-hisar-news-c-21-hsr1005-382046-2024-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: डीसीएम मिल में कॉटन गोदाम में लगी आग, 24 घंटे बाद भी रुक-रुककर धधक रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: डीसीएम मिल में कॉटन गोदाम में लगी आग, 24 घंटे बाद भी रुक-रुककर धधक रही
Wed, 15 May 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 15 May 2024 03:36 AM IST
विज्ञापन
हिसार। डीसीएम मिल के कॉटन के गोदाम में सोमवार रात अचानक आग लग गई। सूचना पाकर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दिन भर आग बुझाने में जुटी रहीं। स्थिति यह रही कि 24 घंटे बाद भी कॉटन का ढेर रुक-रुककर धधक रहा है, जिस कारण रातभर गाड़ियां मिल में ही तैनात रही। कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार रात 12 बजे के बाद भी दमकल की गाड़ियां मौके पर तैनात रही। 24 घंटे में गाड़ियों ने करीब 50 से ज्यादा बार आग बुझाने के लिए पानी डाला।
दमकल विभाग के अधिकारी दीपांशु ने बताया कि सोमवार रात करीब सवा 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि डीसीएम मिल के गोदाम में रखी कॉटन की गांठों में आग लगी है। इस पर बरवाला रोड के स्टेशन एक गाड़ी और अनाज मंडी की एक गाड़ी मौके पर भेजी गई। वहां जाकर गाड़ियों ने आग बुझाना शुरू किया। चूंकि कॉटन के ढेर में नीचे से बार-बार आग सुलग रही थी तो पूरी रात व दिन भर दोनों गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।
मिल में गाड़ियों में पानी भरने की व्यवस्था होने के कारण गाड़ियों को बार-बार दमकल केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। सिर्फ गाड़ियों का स्टाफ बदलता रहा। मौके पर आग बुझाने गए कर्मचारियों की मानें तो ढेर में नीचे अगर एक छोटी सी चिंगारी बचती है तो उससे फिर से आग लग जाती है। क्रेन की मदद से कॉटन के ढेर को उलट-उलट कर पानी डाला जा रहा है ताकि कोई चिंगारी न बुझे। जिंदल फैक्टरी की एक दमकल गाड़ी मौके पर आग बुझाने में मदद कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दमकल विभाग के अधिकारी दीपांशु ने बताया कि सोमवार रात करीब सवा 12 बजे उन्हें सूचना मिली कि डीसीएम मिल के गोदाम में रखी कॉटन की गांठों में आग लगी है। इस पर बरवाला रोड के स्टेशन एक गाड़ी और अनाज मंडी की एक गाड़ी मौके पर भेजी गई। वहां जाकर गाड़ियों ने आग बुझाना शुरू किया। चूंकि कॉटन के ढेर में नीचे से बार-बार आग सुलग रही थी तो पूरी रात व दिन भर दोनों गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रहीं।
विज्ञापन
मिल में गाड़ियों में पानी भरने की व्यवस्था होने के कारण गाड़ियों को बार-बार दमकल केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। सिर्फ गाड़ियों का स्टाफ बदलता रहा। मौके पर आग बुझाने गए कर्मचारियों की मानें तो ढेर में नीचे अगर एक छोटी सी चिंगारी बचती है तो उससे फिर से आग लग जाती है। क्रेन की मदद से कॉटन के ढेर को उलट-उलट कर पानी डाला जा रहा है ताकि कोई चिंगारी न बुझे। जिंदल फैक्टरी की एक दमकल गाड़ी मौके पर आग बुझाने में मदद कर रही है।
विज्ञापन