फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Farmers showed great interest in growing crops in green house, area increased to 3800 acres

Haryana: ग्रीन हाउस में फसल उपजाने में किसानों ने दिखाई गजब की दिलचस्पी, रकबा हुआ 3800 एकड़

Wed, 08 Nov 2023 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमरनाथ, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
अमरनाथ, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 08 Nov 2023 11:06 PM IST
सार

ग्रीन हाउस में किसानों ने गजब की दिलचस्पी दिखाई है। रकबा 3800 एकड़ हो गया है। हरियाणा ने ग्रीन हाउस को प्रोत्साहन देने पर अब तक 500 करोड़ खर्च किए हैं। ग्रीन हाउस का रकबा 18 साल पहले महज ढाई एकड़ था।

विज्ञापन
Farmers showed great interest in growing crops in green house, area increased to 3800 acres
पॉली हाउस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

परंपरागत खेती में मौसम की मार झेलने के बाद हरियाणा के लघु और सीमांत किसानों ने अब आधुनिक और सुरक्षित खेती की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। हरियाणा में बीते एक दशक में ग्रीन हाउस का दायरा तेजी से बढ़ा है। प्रदेश में ग्रीन हाउस का रकबा 2005-06 में महज 2.50 एकड़ था, जो अब बढ़कर 3829 एकड़ हो गया है।

विज्ञापन


किसानों की दिलचस्पी बढ़ने से विगत वित्तीय वर्ष में 506 एकड़ ग्रीन हाउस का दायरा बढ़ा है, जो अब तक का रिकॉर्ड है। इसके प्रोत्साहन पर प्रदेश सरकार ने अब तक 500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 305 एकड़ में ग्रीन हाउस बनाने का लक्ष्य है।
विज्ञापन


हरियाणा के बागवानी विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के तहत 2005-06 में प्रदेश के 19 जिलों को शामिल किया गया था, लेकिन अब इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट एंड शेड्यूल कास्ट सब प्लान (एससीएसपी) के तहत शेष तीन जिलों को भी इस मिशन के तहत शामिल कर लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रीन हाउस के निर्माण पर प्रदेश सरकार से 50 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक अनुदान राशि मिलने पर किसान प्रोत्साहित हुए हैं। प्रगतिशील किसान कम क्षेत्रफल में अब सालभर गुणवत्तायुक्त सब्जियां और फूल उगा रहे हैं। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद खीरा, सिंगला मिर्च समेत अन्य उपज दिल्ली समेत अन्य राज्यों में भी भेजने लगे हैं।

आंधी और आग से होता है ग्रीन हाउस को नुकसान
बहबलपुर के किसान बंसीलाल बताते हैं कि आंधी-तूफान और आग से ग्रीन हाउस को सबसे अधिक नुकसान पहुंचता है। कई बार बीज जनित बीमारियों के प्रकोप से भी किसानों को चुनौती मिलती है। फिर भी ग्रीन हाउस में उपज लेना फायदेमंद है। हालांकि हिसार जैसे क्षेत्र में पॉलीहाउस के बदले नेट हाउस ज्यादा कारगर है। सरकार ने अब ग्रीन हाउस की मरम्मत के लिए 70 प्रतिशत तक अनुदान देना शुरू कर दिया है। हालांकि राजस्थान सरकार ग्रीन हाउस के निर्माण पर 95 प्रतिशत तक अनुदान दे रही है।

कांग्रेस की तुलना में तीन गुना बढ़ाया ग्रीन हाउस का दायरा
कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2005-06 से लेकर वर्ष 2013-14 तक ग्रीन हाउस का रकबा 929 एकड़ बढ़ा था। वहीं भाजपा के साथ जजपा गठबंधन सरकार ने 2014-15 से लेकर 2022-23 ग्रीनहाउस का दायर 2899 एकड़ बढ़ा है। नौ वर्ष में तीन गुना से भी अधिक रकबा बढ़ा है। वहीं ग्रीन हाउस के प्रोत्साहन की बात करें तो कांग्रेस सरकार ने नौ साल में 121 करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं भाजपा एवं सहयोगी की सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल में ग्रीन हाउस के निर्माण पर 380 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।


ग्रीन हाउस को लेकर ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। जिले में करीब 400 से अधिक किसानों ने पॉली हाउस बनाए हुए हैं। प्रगतिशील किसान पॉलीहाउस के जरिए अच्छी पैदावार लेकर मुनाफा कमा रहे हैं। - कुलदीप श्योराण, जिला उद्यान अधिकारी, हिसार


अभी तक प्रदेश में 1 करोड़ 52 लाख स्क्वेयर मीटर में करीब 3800 एकड़ भूमि में नेट हाउस लगे हुए हैं। चालू वर्ष का लक्ष्य 12,21,929 स्क्वेयर मीटर में 305 एकड़ में लगाने का लक्ष्य है। - डॉ. अर्जुन सैनी, महानिदेशक, बागवानी विभाग, हरियाणा

ग्रीन हाउस की उपलब्धि
साल रकबा (एकड़ में) खर्च (लाख में)
2005-06 2.50 2.34
2006-07 31.65 15.49
2007-08 42.75 18.26
2008-09 18.93 15.24
2009-10 3.83 1.99
2010-11 4.95 92.57
2011-12 38.75 1348.10
2012-13 330.25 4413.90
2013-14 456.25 6266.30
2014-15 196.28 3375.87
2015-16 396.00 4814.36
2016-17 248.83 3773.57
2017-18 260.75 2684.27
2018-19 244.25 3250.98
2019-20 363.00 5305.42
2020-21 308.98 4201.22
2021-22 375.15 5257.03
2022-23 506.00 5356.72
कुल 3829.07 50193.63

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed