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Hisar News: सुरक्षा की आंखें अब भी बंद, एक साल बाद भी शुरू नहीं हो सके 24 एआई कैमरे
Mon, 20 Jul 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:57 AM IST
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हिसार। यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से हिसार रेलवे जंक्शन पर लगाए गए 24 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सीसीटीवी कैमरे एक साल बाद भी चालू नहीं हो सके हैं। फाइबर वायर नेटवर्क का कार्य अधूरा होने से यह महत्वाकांक्षी सुरक्षा परियोजना अटकी हुई है। फिलहाल स्टेशन की निगरानी 20 पुराने सीसीटीवी कैमरों के सहारे की जा रही है।
सिवानी स्टेशन अधीक्षक हत्याकांड और आदमपुर रेलवे स्टेशन पर हुई हत्या जैसी घटनाओं के बाद आधुनिक निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से रेलवे ने स्टेशन परिसर में एआई कैमरे लगाए थे ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। करीब एक वर्ष पहले शुरू हुई इस परियोजना के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 6, स्टेशन प्रवेश द्वार, टिकट घर, एस्केलेटर और लिफ्ट के आसपास 24 एआई कैमरे लगाए गए लेकिन आवश्यक फाइबर नेटवर्क तैयार नहीं होने के कारण उनका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
20 पुराने कैमरों से हो रही निगरानी
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था 20 सामान्य सीसीटीवी कैमरों पर ही निर्भर है। इन कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाना परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस साल 29 अप्रैल को आदमपुर रेलवे स्टेशन पर इंदिरा कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार की हत्या के मामले में स्टेशन पर कैमरे नहीं होने से जांच प्रभावित हुई थी। वहीं 10 अप्रैल को सिवानी रेलवे स्टेशन अधीक्षक रामरतन यादव पर हुए जानलेवा हमले के बाद 1 मई को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहां भी सीसीटीवी कैमरों के अभाव में जीआरपी को निजी प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज के सहारे आरोपियों तक पहुंचना पड़ा।
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आरपीएफ थाना हिसार के सुनील कुमार ने बताया कि स्टेशन पर 20 सामान्य सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। 24 एआई कैमरे लगाए जा चुके हैं लेकिन फाइबर वायर का कार्य पूरा नहीं होने के कारण उन्हें चालू नहीं किया जा सका है। कार्य पूरा होते ही कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में सेफ्टी शाखा को भी पत्र भेजा गया है।
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सिवानी स्टेशन अधीक्षक हत्याकांड और आदमपुर रेलवे स्टेशन पर हुई हत्या जैसी घटनाओं के बाद आधुनिक निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता और अधिक महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से रेलवे ने स्टेशन परिसर में एआई कैमरे लगाए थे ताकि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, भीड़ की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। करीब एक वर्ष पहले शुरू हुई इस परियोजना के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 6, स्टेशन प्रवेश द्वार, टिकट घर, एस्केलेटर और लिफ्ट के आसपास 24 एआई कैमरे लगाए गए लेकिन आवश्यक फाइबर नेटवर्क तैयार नहीं होने के कारण उनका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
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20 पुराने कैमरों से हो रही निगरानी
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था 20 सामान्य सीसीटीवी कैमरों पर ही निर्भर है। इन कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाना परिसर में कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस साल 29 अप्रैल को आदमपुर रेलवे स्टेशन पर इंदिरा कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार की हत्या के मामले में स्टेशन पर कैमरे नहीं होने से जांच प्रभावित हुई थी। वहीं 10 अप्रैल को सिवानी रेलवे स्टेशन अधीक्षक रामरतन यादव पर हुए जानलेवा हमले के बाद 1 मई को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहां भी सीसीटीवी कैमरों के अभाव में जीआरपी को निजी प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज के सहारे आरोपियों तक पहुंचना पड़ा।
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आरपीएफ थाना हिसार के सुनील कुमार ने बताया कि स्टेशन पर 20 सामान्य सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। 24 एआई कैमरे लगाए जा चुके हैं लेकिन फाइबर वायर का कार्य पूरा नहीं होने के कारण उन्हें चालू नहीं किया जा सका है। कार्य पूरा होते ही कैमरों को कंट्रोल रूम से जोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में सेफ्टी शाखा को भी पत्र भेजा गया है।