फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Even Haryana's jails are better than nursing colleges: Renu Bhatia

व्यवस्था पर सवाल... हरियाणा की जेलें भी नर्सिंग कॉलेज से बेहतर : रेनू भाटिया

Thu, 11 Dec 2025 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 11 Dec 2025 10:25 PM IST
विज्ञापन
Even Haryana's jails are better than nursing colleges: Renu Bhatia
नारनौंद क्षेत्र के गांव कागसर में खुशी नर्सिंग कॉलेज में जांच करतीं महिला आयोग की चेयरपर्सन रेन
नारनौंद (हिसार)। हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने वीरवार को क्षेत्र के कागसर गांव स्थित खुशी नर्सिंग कॉलेज का करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली शिकायत पर महिला आयोग की टीम ने हैरानी जताई। इस कॉलेज की व्यवस्था पर सवाल उठाया। हालात देखकर लगता है कि हरियाणा के जिलों में जेलें भी इससे बेहतर हैं।
विज्ञापन


खुशी नर्सिंग कॉलेज में गहराते विवाद के कारण हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहा है। छात्राओं और अभिभावकों का विरोध प्रदर्शन भी जारी था। छात्राओं ने शुल्क बढ़ोतरी, मानसिक उत्पीड़न, अनुशासनहीन माहौल, जबरन पार्टी करवाने, बाथरूम और कमरों में निजता की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
विज्ञापन

छात्राओं से अकेले में बातचीत की
स्थिति को बढ़ता देख महिला आयोग को दखल देना पड़ा। जांच के दौरान अध्यक्ष भाटिया ने छात्राओं से अकेले में बातचीत की। छात्राएं रोते हुए बोलीं कि कॉलेज में स्थिति काफी समय से खराब है, लेकिन शिकायत करने पर धमकाया जाता रहा है। कई छात्राओं ने ये आरोप भी लगाए कि कॉलेज के चेयरमैन लड़कियों के कमरों में बिना अनुमति चले जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स:
जेल का खाना और कमरे इससे बेहतर : रेनू भाटिया
निरीक्षण के बाद चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा कि हरियाणा की किसी भी जेल में इतने बुरे हालात नहीं होंगे। यहां के कमरों, शौचालय, स्नानागार और खाने की स्थिति देखकर किसी भी अभिभावक का दिल दहल जाए। जेल का खाना भी कॉलेज में मिलने वाले खाने से ज्यादा बेहतर व पौष्टिक है। लड़कियों के कमरों और बाथरूम के दरवाजों पर कुंडियां तक नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अगर कोई लड़की नहा रही है तो बाहर से साफ दिखाई दे जाती है, यह अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

जबरन पार्टियों में बुलाने का आरोप

कई छात्राओं ने महिला आयोग को मोबाइल में उपलब्ध वीडियो दिखाए, जिनमें कॉलेज में बिना वजह पार्टियां करवाई जाती दिखाई दीं। छात्राओं का कहना था कि उन्हें जबरदस्ती इन कार्यक्रमों में बुलाया जाता था। भाटिया के साथ महिला पुलिस अधिकारी और बाल विकास विभाग की टीम भी मौजूद रही। आयोग ने छात्राओं को शुक्रवार को हिसार बुलाया है, ताकि वे सुरक्षित माहौल में अपनी पूरी बात रख सकें।

कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि उन्हें बहुत ज्यादा परेशान किया जाता है। लड़कियों ने बताया कि उन्हें निरीक्षण के नाम पर तंग किया जाता और मजदूरों की तरह काम करवाया जाता है। पीने के पानी में काई जमी है। इस कारण पानी में कीड़े तक चलते हैं। छात्राओं ने बताया कि शिकायत करने पर उन्हें प्रवेश स्थगित करने की धमकी देकर डराया जाता है। उनके अभिभावकों को भी गालियां दी जाती हैं।


खुशी कॉलेज के सचिव अमनदीप गोस्वामी ने बताया कि उनके कॉलेज और प्रबंधन पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शुल्क बढ़ोतरी के फैसले के बाद विवाद हुआ है। शायद किसी ने इनको उकसाया है। वह अभिभावकों के लिए बेहतर कार्य कर रहे हैं। जिन छात्राओं का मन करता है कि उनको यहां नहीं रहना तो वह अपना फैसला ले सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed