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प्रतिबंध के बाद भी जिले में कई यूनिट बना रहीं एकल उपयोग प्लास्टिक का सामान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 09:33 PM IST
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Even after the ban, many units are making single use plastic goods in the district
हिसार। प्रदेश में एक जुलाई से एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग चुका है। मगर इसका निर्माण व इस्तेमाल रोकने के नाम पर महज खानापूर्ति ही हो रही है। शहरी स्थानीय निकाय के अलावा 12 अन्य विभागों के प्रमुखों को भी एकल उपयोग प्लास्टिक के चालान काटने के आदेश दिए हुए हैं, लेकिन इन्होंने आज तक एक भी चालान नहीं किया है। एकमात्र शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारी ही इस नियम की पालना करवाने के लिए सख्ती कर रहे हैं। स्थिति तो यह है कि प्रतिबंध के बावजूद जिले में कई यूनिट अभी एकल उपयोग प्लास्टिक का सामान बनाकर बेच रही हैं और उसका धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
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बता दें कि प्रदेश में एक जुलाई से 19 तरह के सिंगल यूज प्लास्टिक आइटम व 100 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले पॉलिथीन के विनिर्माण, विक्रय, वितरण भंडारण, परिवहन व उपयोग पर रोक लग चुकी है। अगर कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है तो उस पर 500 से 25 हजार रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
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जिले में एकल उपयोग प्लास्टिक की इन वस्तुओं का होता है निर्माण
एमएसएमई की मानें तो जिले में बैलून स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, स्ट्रॉ, थर्मोकॉल का सजावटी सामान, प्लेट, कप व गिलास आदि सामान का निर्माण किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार जिले में स्थापित ऐसी यूनिट की पहचान की जा रही हैं। इन यूनिट के मालिकों को इन वस्तुओं का निर्माण बंद करके इन विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाएगी और उनका निर्माण करने को कहा जाएगा।
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नगर निगम की तरफ से किए गए चालान
तिथि - राशि
6 जुलाई - 4 हजार रुपये
7 जुलाई - 39 हजार रुपये
8 जुलाई - 19 हजार रुपये
11 जुलाई - 6 हजार रुपये
13 जुलाई - 3 हजार रुपये
15 जुलाई - 13 हजार रुपये
शहर में 5 हजार रेहड़ियां व एक हजार किराना की दुकानें
वर्तमान में शहर में करीब 5 हजार रेहड़ियां हैं, जिनमें सब्जी, फल व फास्ट फूड की रेहड़ियां शामिल हैं। इन रेहड़ियों पर बड़े पैमाने पर एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा शहर में करीब एक हजार किराना की दुकानें भी है। इन पर भी एकल उपयोग प्लास्टिक खासतौर पर पॉलिथीन का इस्तेमाल किया जाता है।
सिंगल यूज प्लास्टिक की इन आइटम पर लगाया प्रतिबंध
सिंगल यूज प्लास्टिक के बने ईयर बड, बैलून स्टिक, झंडे, लॉलीपॉप की स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे सहित मिठाई के डिब्बे पर लगने वाली पन्नी, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट, थर्मोकॉल का सजावटी सामान, पीवीसी बैनर व 100 माइक्रॉन तक के पॉलिथीन पर यह प्रतिबंध लागू होगा।

ये है जुर्माना राशि
100 ग्राम तक - 500 रुपये
101 से 500 ग्राम तक - 1500 रुपये
501 ग्राम से एक किलोग्राम तक - 3000 रुपये
1.1 किलोग्राम से 5 किलोग्राम तक - 10000 रुपये
5.1 किलोग्राम से 10 किलोग्राम तक - 20 हजार रुपये
10 किलोग्राम से ज्यादा पर - 25 हजार रुपये
इन अधिकारियों को सौंपी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी
- जिला मजिस्ट्रेट
- नगर निगम आयुक्त
- जिला नगरपालिका आयुक्त
- अपर आयुक्त
- जिला विकास पंचायत अधिकारी
- उपमंडल मजिस्ट्रेट
- नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी
- नगरपालिका समिति सचिव
- नगर निगम सहायक आयुक्त
- जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता
- जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
- सहायक खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
- जिला नगर योजनाकार
- संपदा अधिकारी एचएसवीपी
- खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी
- तहसीलदार
- नायब तहसीलदार
- क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
जिले में कई यूनिट ऐसी हैं, जो एक एकल उपयोग प्लास्टिक की आइटम बनाकर बेच रही हैं। हमारी तरफ से ऐसी यूनिट की लिस्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही इनके साथ बैठक कर इन्हें नियमों से अवगत करवाया जाएगा। साथ ही इन आइटम के विकल्पों के बारे में बताया जाएगा।
जनक कुमार, सहायक निदेशक, एमएसएमई
नगर निगम की टीम एकल उपयोग प्लास्टिक को लेकर चालान कर रही है। हमारी तरफ से भी जल्द ही चालान को लेकर कार्रवाई शुरू की जाएगी
शक्ति सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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