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एन्हांसमेंट मुद्दे को लेकर 29 सितंबर को पानीपत में बड़ी रैली करेगी कन्फेडरेशन
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सेक्टर 1-4 में उपस्थित विभिन्न सेक्टरों के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते स्टेट कनवीनर यशवीर मलिक?
- फोटो : Hisar
एन्हांसमेंट के री कैलकुलेशन के मुद्दे को लेकर हरियाणा स्टेट हुडा सेक्टर्स कन्फेडरेशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन रविवार को हिसार के सेक्टर 1-4 के सामुदायिक केंद्र में हुआ। सम्मेलन में एन्हांसमेंट के मुद्दे को लेकर 29 सितंबर को पानीपत में बड़ी रैली करने की घोषणा की गई।
कन्फेडरेशन के प्रदेश संयोजक यशवीर मलिक ने कहा कि उनका संगठन अवैध एन्हांसमेंट के खिलाफ पिछले दो सालों से निरंतर आंदोलन के रास्ते पर है। इस दौरान रैलियों से लेकर धरने प्रदर्शन तक किए गए। सरकार ने कई बार बातचीत भी की। मगर कई बार उच्चाधिकारियों के गुमराह करने से प्रदेश सरकार अपने वादों से हटती भी नजर आई। अब जाकर हरियाणा शहरी प्राधिकरण ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के तीन रिटायर्ड जजों की रिपोर्ट के आधार पर पॉलिसी में संशोधन करके नोटिफिकेशन जारी किया है। मलिक ने कहा कि यह कन्फेडरेशन के संघर्ष का ही परिणाम है। मगर जब तक नई पॉलिसी के तहत गणना करके गलत राशि सेक्टरवासियों के खातों से प्राधिकरण हटा नहीं देता, तब तक कन्फेडरेशन अपना संघर्ष जारी रखेगी।
20 दिनों में खातों से राशि परिवर्तित नहीं हुई तो होगी सरकार की खिलाफत
मलिक ने कहा कि पानीपत रैली की घोषणा की गई है। अगर 20 दिनों के अंदर खातों में परिवर्तित राशि नहीं डाली गई तो रैली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया जाएगा। अगर तब तक सभी के खाते सुधार दिए जाते हैं तो रैली में संघर्ष करने वाले साथियों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट का लाभ लेने वालों को पॉलिसी से बाहर रखकर सरकार ने बंटाधार करने की कोशिश की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओटीएस लेने वालों ने सेल परचेज या कम्पीलशन आदि की मजबूरी के चलते इस विकल्प को चुना था ना कि किसी खुशी में। उन्होंने कहा कि जब तक हर एक सेक्टरवासी को एन्हासंमेंट री-कैलकुलेशन का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक कन्फेडरेशन इस मुद्दे को छोड़ेगा नहीं। नई पॉलिसी के क्लॉज संख्या 4 के सेक्शन 1 के तहत वो लोग भी री-कैलकुलेशन का लाभ लेने के हकदार होंगे, जिन्होंने पहले अपनी एन्हांसमेंट भरी हुई है। जो नई पॉलिसी के हिसाब से वास्तविक से कई गुणा ज्यादा थी। इसके दायरे में 10 लाख प्लॉट आते हैं।
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इन्होंने भी किया संबोधित
सम्मेलन में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पंचकूला से डीएस हीरा, रोहतक से रामचंद्र सिवाच, पानीपत से भीमसिंह राणा, गुरुग्राम से अनिल डावर, कुरुक्षेत्र से पवन कुमार, रेवाड़ी से शिव कुमार, पानीपत से बलजीत सिंह, सिरसा से राजपाल सिंह, सुशील रोहिल्ला, जींद से सतबीर सिंह, सोनीपत से राजेंद्र राठी, फतेहाबाद से कृष्ण बिश्नोई, फरीदाबाद से कैप्टन भीमसिंह, कैथल से हरेंद्र सिंह, हिसार से डीएस खर्ब, राजकुमार रेड्ढू, बलवंत बुरा, रविंद्र ढांडा, दिनेश बिश्नोई, बीरसिंह बामल, ओमप्रकाश बिश्नोई व योगराज शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित किया।
कुछ लोग एन्हांसमेंट आंदोलन को गलत दिशा में ले जा रहे : वत्स
उधर, ऑल सेक्टर रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप वत्स का कहना है कि जो लोग छूट की पॉलिसी के तहत एन्हांसमेंट भरने वाले प्लॉटधारकों के पैसों की वापसी की मांग कर रहे हैं, वो इस आंदोलन को गलत दिशा में ले जाकर उन हजारों प्लॉटधारकों का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं, जो पिछले दो वर्ष से री-कैलकुलेशन की मांग कर रहे हैं। अभी न तो री-कैलकुलेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही खातों से राशि अपडेट हुई। इसके बावजूद समय से पहले ये मांग उठाकर, इस मामले को उलझाने के लिए लोगों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक सभी सेक्टरों की री-कैलकुलेशन होकर खातों से राशि अपडेट नहीं हो जाती, उससे पहले ये मांग उठाना आंदोलन को पूरी तरह से समाप्त करना है। अभी सरकार ने केवल पुराने नोटिफिकेशन में जजों की कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान कर तीन नियमों को जोड़कर वही नोटिफिकेशन पुन: जारी किया है। स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
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कन्फेडरेशन के प्रदेश संयोजक यशवीर मलिक ने कहा कि उनका संगठन अवैध एन्हांसमेंट के खिलाफ पिछले दो सालों से निरंतर आंदोलन के रास्ते पर है। इस दौरान रैलियों से लेकर धरने प्रदर्शन तक किए गए। सरकार ने कई बार बातचीत भी की। मगर कई बार उच्चाधिकारियों के गुमराह करने से प्रदेश सरकार अपने वादों से हटती भी नजर आई। अब जाकर हरियाणा शहरी प्राधिकरण ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के तीन रिटायर्ड जजों की रिपोर्ट के आधार पर पॉलिसी में संशोधन करके नोटिफिकेशन जारी किया है। मलिक ने कहा कि यह कन्फेडरेशन के संघर्ष का ही परिणाम है। मगर जब तक नई पॉलिसी के तहत गणना करके गलत राशि सेक्टरवासियों के खातों से प्राधिकरण हटा नहीं देता, तब तक कन्फेडरेशन अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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20 दिनों में खातों से राशि परिवर्तित नहीं हुई तो होगी सरकार की खिलाफत
मलिक ने कहा कि पानीपत रैली की घोषणा की गई है। अगर 20 दिनों के अंदर खातों में परिवर्तित राशि नहीं डाली गई तो रैली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सरकार के खिलाफ बिगुल बजा दिया जाएगा। अगर तब तक सभी के खाते सुधार दिए जाते हैं तो रैली में संघर्ष करने वाले साथियों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वन टाइम सेटलमेंट का लाभ लेने वालों को पॉलिसी से बाहर रखकर सरकार ने बंटाधार करने की कोशिश की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओटीएस लेने वालों ने सेल परचेज या कम्पीलशन आदि की मजबूरी के चलते इस विकल्प को चुना था ना कि किसी खुशी में। उन्होंने कहा कि जब तक हर एक सेक्टरवासी को एन्हासंमेंट री-कैलकुलेशन का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक कन्फेडरेशन इस मुद्दे को छोड़ेगा नहीं। नई पॉलिसी के क्लॉज संख्या 4 के सेक्शन 1 के तहत वो लोग भी री-कैलकुलेशन का लाभ लेने के हकदार होंगे, जिन्होंने पहले अपनी एन्हांसमेंट भरी हुई है। जो नई पॉलिसी के हिसाब से वास्तविक से कई गुणा ज्यादा थी। इसके दायरे में 10 लाख प्लॉट आते हैं।
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इन्होंने भी किया संबोधित
सम्मेलन में प्रदेशभर के विभिन्न जिलों से 300 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पंचकूला से डीएस हीरा, रोहतक से रामचंद्र सिवाच, पानीपत से भीमसिंह राणा, गुरुग्राम से अनिल डावर, कुरुक्षेत्र से पवन कुमार, रेवाड़ी से शिव कुमार, पानीपत से बलजीत सिंह, सिरसा से राजपाल सिंह, सुशील रोहिल्ला, जींद से सतबीर सिंह, सोनीपत से राजेंद्र राठी, फतेहाबाद से कृष्ण बिश्नोई, फरीदाबाद से कैप्टन भीमसिंह, कैथल से हरेंद्र सिंह, हिसार से डीएस खर्ब, राजकुमार रेड्ढू, बलवंत बुरा, रविंद्र ढांडा, दिनेश बिश्नोई, बीरसिंह बामल, ओमप्रकाश बिश्नोई व योगराज शर्मा ने सम्मेलन को संबोधित किया।
कुछ लोग एन्हांसमेंट आंदोलन को गलत दिशा में ले जा रहे : वत्स
उधर, ऑल सेक्टर रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप वत्स का कहना है कि जो लोग छूट की पॉलिसी के तहत एन्हांसमेंट भरने वाले प्लॉटधारकों के पैसों की वापसी की मांग कर रहे हैं, वो इस आंदोलन को गलत दिशा में ले जाकर उन हजारों प्लॉटधारकों का भविष्य दांव पर लगा रहे हैं, जो पिछले दो वर्ष से री-कैलकुलेशन की मांग कर रहे हैं। अभी न तो री-कैलकुलेशन की प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही खातों से राशि अपडेट हुई। इसके बावजूद समय से पहले ये मांग उठाकर, इस मामले को उलझाने के लिए लोगों को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक सभी सेक्टरों की री-कैलकुलेशन होकर खातों से राशि अपडेट नहीं हो जाती, उससे पहले ये मांग उठाना आंदोलन को पूरी तरह से समाप्त करना है। अभी सरकार ने केवल पुराने नोटिफिकेशन में जजों की कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकृति प्रदान कर तीन नियमों को जोड़कर वही नोटिफिकेशन पुन: जारी किया है। स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।