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ई-दिशा केंद्र और तहसील कार्यालय रहे सूने
hisar
Updated Fri, 01 Aug 2014 12:59 AM IST
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कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ की ओर से बृहस्पतिवार से शुरू की गई राज्य स्तरीय हड़ताल के कारण ई-दिशा केंद्र और तहसील कार्यालय में कंप्यूटर का काम पूरी तरह से बंद रहा। ईद और तीज के दो दिन के अवकाश के बाद बृहस्पतिवार को सरकारी कार्यालय खुले। ई-दिशा केंद्र और तहसील कार्यालय में कंप्यूटर प्रोफेशनल बृहस्पतिवार सुबह से ही हड़ताल पर चले गए थे, जिस कारण यहां काम काज शुरू नहीं हो सका। तीसरे दिन भी लोगों को निराशा ही हाथ लगी।
ई-दिशा केंद्र में ये होते हैं काम
लघु सचिवालय के भूतल पर बने ई-दिशा केंद्र में हर रोज लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, रिन्यूवल करवाने, कंडक्टर लाइसेंस, डोमीसाइल, आरसी बनवाने, आरसी ट्रांसफर करवाने, जाति प्रमाण पत्र, इंकम सर्टिफिकेट बनवाने आदि कार्यों के लिए लोग आते हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फोटो भी यहीं खींची जाती हैं। ऐसे में रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी लोग ई-दिशा केंद्र पहुंचे, लेकिन केंद्र के 16 कैबिनों की सारी कुर्सियां खाली मिली। कंप्यूटर बंद रहे। काम ठप होने के कारण लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
तहसील में भी नहीं मिली फर्द
ई-दिशा केंद्र के साथ-साथ एसडीएम ऑफिस और तहसील कार्यालय में भी कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर रहे, जिसके चलते गांवों से आए जमींदारों को न तो फर्द मिली और न ही कोई रजिस्ट्री का कोई काम हो पाया। साथ ही ऑनलाइन इंतकाल भी नहीं हो सका। नकल जमाबंदी की प्रक्रिया भी बाधित रही। भीषण गर्मी में चलकर आए जमींदारों को भी मायूस होकर ही लौटना पड़ा।
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प्रतिदिन आते हैं करीब एक हजार लोग
उपरोक्त सभी कार्यों के लिए करीब एक हजार लोग प्रतिदिन ई-दिशा केंद्र पहुंचते हैं, जबकि करीब 400 से 500 लोग तहसील कार्यालय में आते हैं। ऐसे में हड़ताल के चलते करीब 1500 लोगों के काम अधर में लटक गए हैं।
वापस लौटने वालों का दर्द
गांव सातरोड़ से ई-दिशा केंद्र में आए सतपाल ने बताया कि वह डोमीसाइल बनवाने के लिए केंद्र में आया था। उसे हड़ताल के बारे में पता नहीं था। जब केंद्र पहुंचा, तब सिक्योरिटी गार्ड ने उसे हड़ताल की जानकारी दी।
गांव जुगलान से आए सुमित ने बताया कि वह जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए पहुंचा था। उसने फार्म भरा हुआ था और फोटो करवाने आया था, लेकिन जैसे ही पहुंचा तो ई-दिशा केंद्र सुनसान दिखाई दिया। बाद में पता चला आज हड़ताल है।
डाबड़ा चौक से पहुंची पूनम और सत्यनारायण गोयल ने बताया कि वे अपनी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और अन्य कागजात लेने ई-दिशा केंद्र आए थे। उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। केंद्र में तैनात गार्ड ने उन्हें हड़ताल की जानकारी दी। भीषण गर्मी में आने के बावजूद भी काम न होने का उन्हें मलाल हुआ।
हरिकोट से आए विजेंद्र वर्मा ने बताया कि वह लाइसेंस लेने आया था, लेकिन हड़ताल के कारण उसे लाइसेंस नहीं मिला।
दो दिन में नहीं आए तो आउटसोर्सिंग पर रखेंगे : डीआरओ
इस मामले में डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज से बात की गई तो उन्होंने माना कि हड़ताल के चलते हजारों लोगों के काम बाधित हुए हैं। उन्होंने कहा कि डीआई से बात की गई है। शुक्रवार को उपायुक्त से मीटिंग करेंगे। यदि दो दिन में कंप्यूटर प्रोफेशनल काम पर नहीं लौटे तो आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखेंगे।
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ई-दिशा केंद्र में ये होते हैं काम
लघु सचिवालय के भूतल पर बने ई-दिशा केंद्र में हर रोज लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, रिन्यूवल करवाने, कंडक्टर लाइसेंस, डोमीसाइल, आरसी बनवाने, आरसी ट्रांसफर करवाने, जाति प्रमाण पत्र, इंकम सर्टिफिकेट बनवाने आदि कार्यों के लिए लोग आते हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए फोटो भी यहीं खींची जाती हैं। ऐसे में रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी लोग ई-दिशा केंद्र पहुंचे, लेकिन केंद्र के 16 कैबिनों की सारी कुर्सियां खाली मिली। कंप्यूटर बंद रहे। काम ठप होने के कारण लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ा।
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तहसील में भी नहीं मिली फर्द
ई-दिशा केंद्र के साथ-साथ एसडीएम ऑफिस और तहसील कार्यालय में भी कंप्यूटर ऑपरेटर हड़ताल पर रहे, जिसके चलते गांवों से आए जमींदारों को न तो फर्द मिली और न ही कोई रजिस्ट्री का कोई काम हो पाया। साथ ही ऑनलाइन इंतकाल भी नहीं हो सका। नकल जमाबंदी की प्रक्रिया भी बाधित रही। भीषण गर्मी में चलकर आए जमींदारों को भी मायूस होकर ही लौटना पड़ा।
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प्रतिदिन आते हैं करीब एक हजार लोग
उपरोक्त सभी कार्यों के लिए करीब एक हजार लोग प्रतिदिन ई-दिशा केंद्र पहुंचते हैं, जबकि करीब 400 से 500 लोग तहसील कार्यालय में आते हैं। ऐसे में हड़ताल के चलते करीब 1500 लोगों के काम अधर में लटक गए हैं।
वापस लौटने वालों का दर्द
गांव सातरोड़ से ई-दिशा केंद्र में आए सतपाल ने बताया कि वह डोमीसाइल बनवाने के लिए केंद्र में आया था। उसे हड़ताल के बारे में पता नहीं था। जब केंद्र पहुंचा, तब सिक्योरिटी गार्ड ने उसे हड़ताल की जानकारी दी।
गांव जुगलान से आए सुमित ने बताया कि वह जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए पहुंचा था। उसने फार्म भरा हुआ था और फोटो करवाने आया था, लेकिन जैसे ही पहुंचा तो ई-दिशा केंद्र सुनसान दिखाई दिया। बाद में पता चला आज हड़ताल है।
डाबड़ा चौक से पहुंची पूनम और सत्यनारायण गोयल ने बताया कि वे अपनी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और अन्य कागजात लेने ई-दिशा केंद्र आए थे। उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। केंद्र में तैनात गार्ड ने उन्हें हड़ताल की जानकारी दी। भीषण गर्मी में आने के बावजूद भी काम न होने का उन्हें मलाल हुआ।
हरिकोट से आए विजेंद्र वर्मा ने बताया कि वह लाइसेंस लेने आया था, लेकिन हड़ताल के कारण उसे लाइसेंस नहीं मिला।
दो दिन में नहीं आए तो आउटसोर्सिंग पर रखेंगे : डीआरओ
इस मामले में डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज से बात की गई तो उन्होंने माना कि हड़ताल के चलते हजारों लोगों के काम बाधित हुए हैं। उन्होंने कहा कि डीआई से बात की गई है। शुक्रवार को उपायुक्त से मीटिंग करेंगे। यदि दो दिन में कंप्यूटर प्रोफेशनल काम पर नहीं लौटे तो आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी रखेंगे।