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एनडीसी पोर्टल पर नए सर्वे का डाटा अपलोड होने के बाद नगर निगम कर्मचारियों का प्रॉपर्टी टैक्स डाटा भी हुआ गलत
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हिसार। शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) के एनडीसी पोर्टल पर नए सर्वे का डाटा अपलोड होने के बाद नगर निगम कर्मचारियों का प्रॉपर्टी टैक्स भी गलत हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि शहर की एक कॉलोनी में उसका घर है। पोर्टल पर उसके घर का डाटा भी गलत दर्शाया गया है। हालांकि अभी तक इन कर्मचारियों ने डाटा को दुरुस्त करवाने के लिए आवेदन नहीं किया है। उधर, वीरवार को पांच लोग अपना प्रॉपर्टी टैक्स डाटा ठीक करवाने पहुंचे।
बता दें कि याशी कंपनी की तरफ से शहर में नई प्रॉपर्टी को लेकर सर्वे किया गया था। सर्वे के बाद कंपनी की तरफ से प्रॉपर्टी धारकों से आपत्तियां मांगी गईं थी। इन आपत्तियों को ठीक करने के बाद कंपनी ने सर्वे का डाटा नगर निगम को सौंप दिया था। निगम की तरफ से डाटा वेरिफाई करने के बाद मुख्यालय भेजा। मुख्यालय ने सोमवार शाम को यह डाटा एनडीसी पोर्टल पर अपलोड दिया। प्रॉपर्टी धारकों की मानें तो पोर्ट पर अपलोड किया गया ज्यादातर डाटा गलत है।
सिंगल विंडो पर दो कर्मचारी किए नियुक्त
निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को ठीक करने के लिए सिंगल विंडो पर दो कर्मचारियों को नियुक्त किया है। कर्मचारियों के नियुक्त करने के बाद पहले दिन 5 लोग सिंगल विंडो पर डाटा ठीक करवाने पहुंचे।
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नए सर्वे में वर्ष 2019 तक का डाटा, मौजूदा वित्त वर्ष में 7 हजार से ज्यादा लोगों ने आपत्तियां करवाई दर्ज
याशी कंपनी ने वर्ष 2019 में सर्वे पूरा कर लिया था, जिसका डाटा अब पोर्टल पर अपलोड किया गया है। अगर इसके बाद से जितने प्रॉपर्टी धारकों ने ऑनलाइन आपत्तियां लगाकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स डाटा ठीक करवाया, उसे इसमें शामिल नहीं किया गया। इसका मतलब यह है कि कंपनी इन लोगों को पुराना डाटा ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, जिसे अब इन लोगों को ठीक करवाना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो मौजूदा वित्त वर्ष के इन सात माह में ही 7 हजार से ज्यादा लोग अपने प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को दुरुस्त करवा चुके हैं। इस हिसाब से वर्ष 2020 से लेकर अक्तूबर 2022 तक यह आंकड़ा 30 से 35 हजार के बीच रहेगा।
यह समस्या सिर्फ हिसार में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में है। वर्ष 2019 के बाद जितनी आपत्तियां दर्ज करवाई गईं, वह पूरा डाटा ऑनलाइन है। उसे दुरुस्त करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
- विरेंद्र सहारण, उपनिगम आयुक्त, नगर निगम
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बता दें कि याशी कंपनी की तरफ से शहर में नई प्रॉपर्टी को लेकर सर्वे किया गया था। सर्वे के बाद कंपनी की तरफ से प्रॉपर्टी धारकों से आपत्तियां मांगी गईं थी। इन आपत्तियों को ठीक करने के बाद कंपनी ने सर्वे का डाटा नगर निगम को सौंप दिया था। निगम की तरफ से डाटा वेरिफाई करने के बाद मुख्यालय भेजा। मुख्यालय ने सोमवार शाम को यह डाटा एनडीसी पोर्टल पर अपलोड दिया। प्रॉपर्टी धारकों की मानें तो पोर्ट पर अपलोड किया गया ज्यादातर डाटा गलत है।
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सिंगल विंडो पर दो कर्मचारी किए नियुक्त
निगम प्रशासन ने प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को ठीक करने के लिए सिंगल विंडो पर दो कर्मचारियों को नियुक्त किया है। कर्मचारियों के नियुक्त करने के बाद पहले दिन 5 लोग सिंगल विंडो पर डाटा ठीक करवाने पहुंचे।
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नए सर्वे में वर्ष 2019 तक का डाटा, मौजूदा वित्त वर्ष में 7 हजार से ज्यादा लोगों ने आपत्तियां करवाई दर्ज
याशी कंपनी ने वर्ष 2019 में सर्वे पूरा कर लिया था, जिसका डाटा अब पोर्टल पर अपलोड किया गया है। अगर इसके बाद से जितने प्रॉपर्टी धारकों ने ऑनलाइन आपत्तियां लगाकर अपना प्रॉपर्टी टैक्स डाटा ठीक करवाया, उसे इसमें शामिल नहीं किया गया। इसका मतलब यह है कि कंपनी इन लोगों को पुराना डाटा ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया है, जिसे अब इन लोगों को ठीक करवाना पड़ेगा। सूत्रों की मानें तो मौजूदा वित्त वर्ष के इन सात माह में ही 7 हजार से ज्यादा लोग अपने प्रॉपर्टी टैक्स डाटा को दुरुस्त करवा चुके हैं। इस हिसाब से वर्ष 2020 से लेकर अक्तूबर 2022 तक यह आंकड़ा 30 से 35 हजार के बीच रहेगा।
यह समस्या सिर्फ हिसार में नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में है। वर्ष 2019 के बाद जितनी आपत्तियां दर्ज करवाई गईं, वह पूरा डाटा ऑनलाइन है। उसे दुरुस्त करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
- विरेंद्र सहारण, उपनिगम आयुक्त, नगर निगम